{"_id":"5a5bc0dc4f1c1b6b268b4718","slug":"191515962588-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"फायर ब्रिगेड आज से माल बेकरी और होटलों की करेगा जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फायर ब्रिगेड आज से माल बेकरी और होटलों की करेगा जांच
Updated Mon, 15 Jan 2018 02:13 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। फायर ब्रिगेड सोमवार से मॉल, बेकरी, होटलों की जांच करेगा। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मॉल का अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना काफी नहीं है। मॉल की प्रत्येक दुकान के लिए दुकानदारों को अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होगा।
हल्द्वानी स्टेशन के अग्निशमन अधिकारी लीलाधर उपाध्याय ने बताया कि अनापत्ति प्रमाण पत्र सिर्फ एक साल के लिए होता है। यदि किसी दुकानदार ने अग्निशमन यंत्र लगाया है तो उसे चेक कराना चाहिए कि यंत्र सही स्थान पर है या नहीं। सोमवार से मॉल, बेकरी, होटलों की जांच भी विभाग करेगा। इस मामले में गड़बड़ी मिलने पर जिला प्रशासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसी आधार पर कार्रवाई भी की जाएगी। मकान या कांप्लेक्स के लिए अलग मानक निर्धारित हैं। विभाग ने आम लोगों की सुविधा के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की है।
अग्निशमन अधिकारी ने जल संस्थान से अलग लाइन मांगी
हल्द्वानी। अग्निशमन अधिकारी ने कहा कि जल संस्थान ने पानी की लाइन में हाइडेंट लगाया है। इसी कारण हाइडेंट में पानी का फोर्स नहीं मिल रहा हैं। उन्होंने जल संस्थान के अभियंता को पत्र लिखकर अलग लाइन की मांग की है। अग्निशमन अधिकारी लीलाधर उपाध्याय ने बताया कि गाड़ियों में पानी लेेने के लिए शहर में दशकों पुराने आठ हाइडेंट बने हैं। इनमें धोबीघाट इंटर कॉलेज के सामने का हाइडेंट खराब है। सिंधी चौराहा होलिका दहन ग्राउंड, राजपुरा पंप हाउस के सामने, जगदंबा नगर कब्रिस्तान रोड के हाइडेंट में पानी का प्रेशर ही नहीं हैं। सिर्फ सौरभ होटल के पास, वन विभाग गेस्ट हाउस के सामने वर्कशॉप लाइन, ताज चौराहा जैन मंदिर के पास, बनभूलपुरा स्कूल लाइन नंबर सात के हाइडेंट सही है। दिक्कत यह है कि पीने के पानी की लाइन में बने हाइडेंट से पानी भरने पर आम लोगों को परेशानी होती है। प्रेशर कम होने के कारण अग्निशमन विभाग के चालक को अन्य स्थान से पानी भरने के लिए तत्काल भागना पड़ता है। आग लगने पर बुझाने के लिए तत्काल जरूरत होती है। अभी कालाढूंगी रोड, रामपुर रोड, बरेली रोड पर कई कॉलोनियों के लिए हाइडेंट नहीं बनाए गए हैं। सबसे अधिक कॉलोनियां कालाढूंगी रोड पर बनी हैं लेकिन यहां आग लगने पर अग्निशमन वाहन चालकों को पानी के लिए पूछना पड़ता है जबकि आग तत्काल बुझानी होती है। इस मामले में हाइडेंट बढ़ाने का प्रस्ताव भी जल संस्थान को भेजा गया है लेकिन इस मामले में कोई प्रगति नहीं हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
हल्द्वानी स्टेशन के अग्निशमन अधिकारी लीलाधर उपाध्याय ने बताया कि अनापत्ति प्रमाण पत्र सिर्फ एक साल के लिए होता है। यदि किसी दुकानदार ने अग्निशमन यंत्र लगाया है तो उसे चेक कराना चाहिए कि यंत्र सही स्थान पर है या नहीं। सोमवार से मॉल, बेकरी, होटलों की जांच भी विभाग करेगा। इस मामले में गड़बड़ी मिलने पर जिला प्रशासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। इसी आधार पर कार्रवाई भी की जाएगी। मकान या कांप्लेक्स के लिए अलग मानक निर्धारित हैं। विभाग ने आम लोगों की सुविधा के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की है।
विज्ञापन
अग्निशमन अधिकारी ने जल संस्थान से अलग लाइन मांगी
हल्द्वानी। अग्निशमन अधिकारी ने कहा कि जल संस्थान ने पानी की लाइन में हाइडेंट लगाया है। इसी कारण हाइडेंट में पानी का फोर्स नहीं मिल रहा हैं। उन्होंने जल संस्थान के अभियंता को पत्र लिखकर अलग लाइन की मांग की है। अग्निशमन अधिकारी लीलाधर उपाध्याय ने बताया कि गाड़ियों में पानी लेेने के लिए शहर में दशकों पुराने आठ हाइडेंट बने हैं। इनमें धोबीघाट इंटर कॉलेज के सामने का हाइडेंट खराब है। सिंधी चौराहा होलिका दहन ग्राउंड, राजपुरा पंप हाउस के सामने, जगदंबा नगर कब्रिस्तान रोड के हाइडेंट में पानी का प्रेशर ही नहीं हैं। सिर्फ सौरभ होटल के पास, वन विभाग गेस्ट हाउस के सामने वर्कशॉप लाइन, ताज चौराहा जैन मंदिर के पास, बनभूलपुरा स्कूल लाइन नंबर सात के हाइडेंट सही है। दिक्कत यह है कि पीने के पानी की लाइन में बने हाइडेंट से पानी भरने पर आम लोगों को परेशानी होती है। प्रेशर कम होने के कारण अग्निशमन विभाग के चालक को अन्य स्थान से पानी भरने के लिए तत्काल भागना पड़ता है। आग लगने पर बुझाने के लिए तत्काल जरूरत होती है। अभी कालाढूंगी रोड, रामपुर रोड, बरेली रोड पर कई कॉलोनियों के लिए हाइडेंट नहीं बनाए गए हैं। सबसे अधिक कॉलोनियां कालाढूंगी रोड पर बनी हैं लेकिन यहां आग लगने पर अग्निशमन वाहन चालकों को पानी के लिए पूछना पड़ता है जबकि आग तत्काल बुझानी होती है। इस मामले में हाइडेंट बढ़ाने का प्रस्ताव भी जल संस्थान को भेजा गया है लेकिन इस मामले में कोई प्रगति नहीं हुई है।
विज्ञापन