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सीवर ट्रीटमेंट प्लांट को मात्र एक आवेदन
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हल्द्वानी। शहर में गौला किनारे प्रस्तावित 28 एमएलडी सीवर ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का काम शुरू होने में अभी और वक्त लगेगा। इसके लिए राशि मिलने के बावजूद जलनिगम काम शुरू नहीं करा रहा है। एक के बाद एक तिथि बदलती जा रही है। जलनिगम एसटीपी के निर्माण को लेकर चार बार टेंडर करा चुका है। एसटीपीके लिए चौथी बार हुए टेंडर में भी एक ही ठेकेदार द्वारा टेंडर डाला गया। इस कारण इस टेंडर के भी निरस्त होने की संभावना है।
अमृत योजना के तहत गौला किनारे एसटीपी की मंजूरी मिली है। जलनिगम ने इसके लिए 49.95 एकड़ जमीन वन विभाग से ली है। जलनिगम के ईई एके कटारिया ने बताया कि एसटीपी, दो स्टाफ क्वार्टर, संपर्क मार्ग, चहारदीवारी, पेयजल लाइनों का निर्माण किया जाना है। इसकी लागत 41 करोड़ है। 28 एमएलडी के ट्रीटमेंट प्लांट के लिए 32 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। पहले 15 नवंबर से ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण शुरू किया जाना था। बाद में दो नवंबर को हुई बैठक में इसकी तिथि बदलकर 30 नवंबर की गई थी। 30 नवंबर को इसकी टेक्निकल बिड खोलकर निर्माण शुरू करना था लेकिन कुछ तकनीकी खामियों के कारण इसे दिसंबर दूसरे सप्ताह में शुरू करने का निर्णय लिया गया। जलनिगम के एई केके भट्ट ने बताया कि चौथी बार भी एक ही टेंडर मिला। टेंडर शुक्रवार को खोले गए, लेकिन एक ही टेंडर होने से इसके भी निरस्त होने की संभावना है। हालांकि इसे मुख्यालय भेजा जाएगा। बताया कि एक से अधिक टेंडर होते तो 12 जनवरी से एसटीपी का निर्माण शुरू किया जाना था। अब मुख्यालय के आदेश का इंतजार है। टेंडर निरस्त होने पर फिर टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे।
फिर निरस्त हो सकता है टेंडर
प्लांट के लिए चौथी बार भी एकमात्र टेंडर
सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बनने में लग सकता है अधिक समय
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अमृत योजना के तहत गौला किनारे एसटीपी की मंजूरी मिली है। जलनिगम ने इसके लिए 49.95 एकड़ जमीन वन विभाग से ली है। जलनिगम के ईई एके कटारिया ने बताया कि एसटीपी, दो स्टाफ क्वार्टर, संपर्क मार्ग, चहारदीवारी, पेयजल लाइनों का निर्माण किया जाना है। इसकी लागत 41 करोड़ है। 28 एमएलडी के ट्रीटमेंट प्लांट के लिए 32 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। पहले 15 नवंबर से ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण शुरू किया जाना था। बाद में दो नवंबर को हुई बैठक में इसकी तिथि बदलकर 30 नवंबर की गई थी। 30 नवंबर को इसकी टेक्निकल बिड खोलकर निर्माण शुरू करना था लेकिन कुछ तकनीकी खामियों के कारण इसे दिसंबर दूसरे सप्ताह में शुरू करने का निर्णय लिया गया। जलनिगम के एई केके भट्ट ने बताया कि चौथी बार भी एक ही टेंडर मिला। टेंडर शुक्रवार को खोले गए, लेकिन एक ही टेंडर होने से इसके भी निरस्त होने की संभावना है। हालांकि इसे मुख्यालय भेजा जाएगा। बताया कि एक से अधिक टेंडर होते तो 12 जनवरी से एसटीपी का निर्माण शुरू किया जाना था। अब मुख्यालय के आदेश का इंतजार है। टेंडर निरस्त होने पर फिर टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे।
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फिर निरस्त हो सकता है टेंडर
प्लांट के लिए चौथी बार भी एकमात्र टेंडर
सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बनने में लग सकता है अधिक समय