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एमबी कालेज में क्लिक करते ही सामने होगा छात्रों का बायोडाटा
Updated Tue, 23 Jan 2018 02:13 AM IST
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हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज में फेल होने के बाद उसी कक्षा में दाखिला लेने के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए कॉलेज प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। छात्र ने कब किस कक्षा में दाखिला लिया और कब टीसी कटवाई, इसका पूरा ब्योरा क्लिक करते ही कंप्यूटर पर सामने होगा।
प्राचार्य डॉ. जगदीश प्रसाद ने बताया कि फेल होने के बाद फर्जी ढंग से उसी कक्षा में प्रवेश लेने के मामले छात्रसंघ चुनाव के दौरान सामने आते रहे हैं। इस कारण छात्रसंघ चुनाव में विवाद की स्थिति उत्पन्न होने पर कॉलेज प्रशासन को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस फर्जीवाड़े को रोकने के लिए कालेज प्रशासन ने फैसला किया है कि महाविद्यालय का डाटा बैंक तैयार किया जाएगा। इसके लिए एक ऐसा साफ्टवेयर तैयार कराया जाएगा जिसमें महाविद्यालय के इंफ्रास्ट्रक्चर का पूरा ब्योरा दर्ज होगा। इसके अलावा महाविद्यालय में तैनात प्राध्यापकों का पूरा प्रोफाइल, कर्मचारियों का ब्योरा, संसाधन आदि की स्थिति भी इस डाटा बैंक में होगी। उन्होंने बताया कि नया शिक्षा सत्र शुरू होने पर जो भी छात्र-छात्राएं महाविद्यालय में दाखिला लेंगे, उनके द्वारा लगाए गए टीसी, सीसी के अलावा उन्होंने कब - कब किस कक्षा को उत्तीर्ण किया का लेखा जोखा दर्ज किया जाएगा। किस कक्षा में कितने छात्र-छात्राएं तथा किस वर्ग के हैं पूरा डाटा होगा। अगर कोई पासआउट होने पर टीसी लेने आता है तो डाटा बैंक से पहले यह मिलान किया जाएगा कि पहले तो छात्र द्वारा कोई टीसी नहीं ली गई है। प्राचार्य ने बताया कि डाटा बैंक बनने से छात्रों को भी यह सुविधा होगी उन्हें टीसी, सीसी के लिए इधर उधर नहीं भटकना होगा बल्कि एक ही डेस्क से उनका कार्य हो जाएगा। इसके अलावा शासन द्वारा कालेज की स्थिति का ब्यौरा मांगे जाने पर उसे आसानी से भेजा जा सकेगा।
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प्राचार्य डॉ. जगदीश प्रसाद ने बताया कि फेल होने के बाद फर्जी ढंग से उसी कक्षा में प्रवेश लेने के मामले छात्रसंघ चुनाव के दौरान सामने आते रहे हैं। इस कारण छात्रसंघ चुनाव में विवाद की स्थिति उत्पन्न होने पर कॉलेज प्रशासन को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस फर्जीवाड़े को रोकने के लिए कालेज प्रशासन ने फैसला किया है कि महाविद्यालय का डाटा बैंक तैयार किया जाएगा। इसके लिए एक ऐसा साफ्टवेयर तैयार कराया जाएगा जिसमें महाविद्यालय के इंफ्रास्ट्रक्चर का पूरा ब्योरा दर्ज होगा। इसके अलावा महाविद्यालय में तैनात प्राध्यापकों का पूरा प्रोफाइल, कर्मचारियों का ब्योरा, संसाधन आदि की स्थिति भी इस डाटा बैंक में होगी। उन्होंने बताया कि नया शिक्षा सत्र शुरू होने पर जो भी छात्र-छात्राएं महाविद्यालय में दाखिला लेंगे, उनके द्वारा लगाए गए टीसी, सीसी के अलावा उन्होंने कब - कब किस कक्षा को उत्तीर्ण किया का लेखा जोखा दर्ज किया जाएगा। किस कक्षा में कितने छात्र-छात्राएं तथा किस वर्ग के हैं पूरा डाटा होगा। अगर कोई पासआउट होने पर टीसी लेने आता है तो डाटा बैंक से पहले यह मिलान किया जाएगा कि पहले तो छात्र द्वारा कोई टीसी नहीं ली गई है। प्राचार्य ने बताया कि डाटा बैंक बनने से छात्रों को भी यह सुविधा होगी उन्हें टीसी, सीसी के लिए इधर उधर नहीं भटकना होगा बल्कि एक ही डेस्क से उनका कार्य हो जाएगा। इसके अलावा शासन द्वारा कालेज की स्थिति का ब्यौरा मांगे जाने पर उसे आसानी से भेजा जा सकेगा।
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