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नहरें बनीं जानलेवा, कवरिंग के प्रस्ताव लंबित
Updated Wed, 27 Dec 2017 02:13 AM IST
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हल्द्वानी। शहर से गुजरने वाली खुली नहरें जानलेवा बनी हैं। नहरों में गिरने से अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है। कॉलटैक्स से सुशीला तिवारी अस्पताल तक नहर कवर किए जाने के बाद शहर से गुजरने वाली अन्य नहरों को भी कवर किए जाने के प्रस्ताव तैयार किए गए। नहर कवरिंग के प्रस्ताव नोडल विभाग लोक निर्माण विभाग की ओर से शासन को भेेजे गए हैं, लेकिन प्रस्ताव अब तक लंबित हैं।
शहर से गुजरने वाली पनचक्की चौराहा से कठघरिया तक 27.65 करोड़ रुपये की लागत से 5.10 किमी, चौफुला चौराहे से ऊंचापुल लोहरियासाल तक 10.13 करोड़ लागत की 1.89 किमी, सुशीला तिवारी अस्पताल से तीन पानी तक 12.54 करोड़ लागत की 2 किमी नहर को कवर किया जाना है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक नहर कवरिंग के प्रस्ताव नोडल विभाग लोकनिर्माण विभाग को भेजे गए थे। लेकिन अभी नहर कवरिंग के लिए धनराशि नहीं मिली है। लंबे समय से नहरों को कवर किए जाने की मांग की जाती रही है, लेकिन अभी तक नहरों को कवर करने का काम शुरू नहीं किया गया है।
नहर कवरिंग के लिए लोकनिर्माण विभाग को नोडल बनाया गया है। नहर कवरिंग के प्रस्ताव लोनिवि को भेजे जा चुके हैं। लोनिवि से पत्र मिलने के बाद नहरों के कवरिंग का काम शुरू कर दिया जाएगा। - आनंद सिंह बिष्ट, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग।
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शहर से गुजरने वाली नहरों को कवर किया जाना है। सभी प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं, लेकिन अभी तक शासन से मंजूरी नहीं मिली है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद नहरों को कवर करने का काम शुरू किया जाएगा। - रणजीत सिंह रावत, अधिशासी अभियंता लोनिवि।
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शहर से गुजरने वाली पनचक्की चौराहा से कठघरिया तक 27.65 करोड़ रुपये की लागत से 5.10 किमी, चौफुला चौराहे से ऊंचापुल लोहरियासाल तक 10.13 करोड़ लागत की 1.89 किमी, सुशीला तिवारी अस्पताल से तीन पानी तक 12.54 करोड़ लागत की 2 किमी नहर को कवर किया जाना है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक नहर कवरिंग के प्रस्ताव नोडल विभाग लोकनिर्माण विभाग को भेजे गए थे। लेकिन अभी नहर कवरिंग के लिए धनराशि नहीं मिली है। लंबे समय से नहरों को कवर किए जाने की मांग की जाती रही है, लेकिन अभी तक नहरों को कवर करने का काम शुरू नहीं किया गया है।
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नहर कवरिंग के लिए लोकनिर्माण विभाग को नोडल बनाया गया है। नहर कवरिंग के प्रस्ताव लोनिवि को भेजे जा चुके हैं। लोनिवि से पत्र मिलने के बाद नहरों के कवरिंग का काम शुरू कर दिया जाएगा। - आनंद सिंह बिष्ट, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग।
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शहर से गुजरने वाली नहरों को कवर किया जाना है। सभी प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं, लेकिन अभी तक शासन से मंजूरी नहीं मिली है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद नहरों को कवर करने का काम शुरू किया जाएगा। - रणजीत सिंह रावत, अधिशासी अभियंता लोनिवि।