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कर अधिकारी की गिरफ्तारी पर रोक संबंधी याचिका खारिज
Updated Thu, 16 Nov 2017 02:18 AM IST
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नैनीताल। उच्च न्यायालय ने आत्म हत्या के लिए प्रेरित करने के मामले में उपायुक्त वाणिज्य कर रुड़की के रोहित श्रीवास्तव की गिरफ्तारी पर रोक लगाने संबंधी याचिका को खारिज कर दिया है।
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकल पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। सुभाष नगर रुड़की के जमन सिंह कार्की ने रुड़की थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उपायुक्त रोहित श्रीवास्तव के साथ उसका पुत्र वाहन चालक के रूप में कार्यरत था। उनके पुत्र को पिछले एक साल से अधिकारी की ओर से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। उससे कार्यालय के अलावा घर का कार्य भी कराया जा रहा था। अधिकारी कहता था कि तुम पहाड़ी लोग बर्तन धो सकते हो इसके अलावा कोई काम नहीं कर सकते । यह भी आरोप था कि वह उसके पुत्र को इस बात से भी प्रताड़ित करता था कि तू शादी करके क्या करेगा। इन्हीं बातों को लेकर उसको छुट्टी तक नहीं दी। पिता के मुताबिक अधिकारी के इस रवैये ने उनके पुत्र को आत्महत्या करने के लिए प्रेरित किया, जिसके कारण उसने 8 नवंबर 2017 को नहर में कूदकर अपनी जान दे दी। एकलपीठ ने याची की गिरफ्तारी पर रोक लगाने संबंधित याचिका को खारिज कर दिया।
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न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकल पीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। सुभाष नगर रुड़की के जमन सिंह कार्की ने रुड़की थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उपायुक्त रोहित श्रीवास्तव के साथ उसका पुत्र वाहन चालक के रूप में कार्यरत था। उनके पुत्र को पिछले एक साल से अधिकारी की ओर से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। उससे कार्यालय के अलावा घर का कार्य भी कराया जा रहा था। अधिकारी कहता था कि तुम पहाड़ी लोग बर्तन धो सकते हो इसके अलावा कोई काम नहीं कर सकते । यह भी आरोप था कि वह उसके पुत्र को इस बात से भी प्रताड़ित करता था कि तू शादी करके क्या करेगा। इन्हीं बातों को लेकर उसको छुट्टी तक नहीं दी। पिता के मुताबिक अधिकारी के इस रवैये ने उनके पुत्र को आत्महत्या करने के लिए प्रेरित किया, जिसके कारण उसने 8 नवंबर 2017 को नहर में कूदकर अपनी जान दे दी। एकलपीठ ने याची की गिरफ्तारी पर रोक लगाने संबंधित याचिका को खारिज कर दिया।
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