{"_id":"599ca1624f1c1bf9298b4713","slug":"181503437154-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिमालय स्टोन क्रशर पर एनजीटी का डंडा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमालय स्टोन क्रशर पर एनजीटी का डंडा
Updated Wed, 23 Aug 2017 02:55 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। राष्ट्र्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) ने पर्यावरण को हो रहे नुकसान के मद्देनजर स्टोन क्रशरों की मनमानी पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। एनजीटी ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए हिमालय स्टोन क्रशर पर शाम छह से सुबह सात बजे तक रेता, बजरी के कच्चे माल को तैयार करने पर रोक लगा दी है। यह पहली बार हुआ है कि जब किसी स्टोन क्रशर पर कड़ी कार्रवाई की गई है।
मोती नगर निवासी तेजिंदर जौली और अन्य ने एनजीटी में याचिका दायर कर कहा कि हिमालय स्टोन क्रशर से रेता, बजरी के कच्चे माल को तैयार करने में इस कदर धूल उड़ती है कि क्षेत्रवासियों का जीना मुहाल हो गया है। कई लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ गए हैं। शाम होते ही क्रशर पर काम शुरू हो जाता है इससे क्षेत्रवासियों का घर से निकलना तो छोड़ो घर में रहना भी मुश्किल हो जाता है। पर्यावरण बुरी तरह दूषित हो रहा है। याचिका पर सुनवाई के दौरान एनजीटी ने पाया कि हिमालय स्टोन इंडस्ट्री और हिमालय ग्रिटस दो कंपनियां हैं, जो क्रशिंग कारोबार से जुड़ी हैं। इनके संचालन से पर्यावरण पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। एनजीटी ने केंद्रीय और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हवा के नमूने लेकर प्रदूषण की जांच करे। साथ ही हिमालय स्टोन इंडस्ट्री और हिमालय ग्रिटस को शाम छह से सुबह सात बजे तक किसी भी प्रकार के माल तैयार करने पर रोक लगा दी है।
कोट
एनजीटी के आदेशानुसार कार्रवाई की जाएगी। हिमालय स्टोन क्रशर के शाम छह से सुबह सात बजे तक माल बनाने पर रोक लगा दी जाएगी।
-राजपाल लेघा, खनन उप निदेशक, नैनीताल
विज्ञापन
मोती नगर निवासी तेजिंदर जौली और अन्य ने एनजीटी में याचिका दायर कर कहा कि हिमालय स्टोन क्रशर से रेता, बजरी के कच्चे माल को तैयार करने में इस कदर धूल उड़ती है कि क्षेत्रवासियों का जीना मुहाल हो गया है। कई लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में आ गए हैं। शाम होते ही क्रशर पर काम शुरू हो जाता है इससे क्षेत्रवासियों का घर से निकलना तो छोड़ो घर में रहना भी मुश्किल हो जाता है। पर्यावरण बुरी तरह दूषित हो रहा है। याचिका पर सुनवाई के दौरान एनजीटी ने पाया कि हिमालय स्टोन इंडस्ट्री और हिमालय ग्रिटस दो कंपनियां हैं, जो क्रशिंग कारोबार से जुड़ी हैं। इनके संचालन से पर्यावरण पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। एनजीटी ने केंद्रीय और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हवा के नमूने लेकर प्रदूषण की जांच करे। साथ ही हिमालय स्टोन इंडस्ट्री और हिमालय ग्रिटस को शाम छह से सुबह सात बजे तक किसी भी प्रकार के माल तैयार करने पर रोक लगा दी है।
विज्ञापन
कोट
एनजीटी के आदेशानुसार कार्रवाई की जाएगी। हिमालय स्टोन क्रशर के शाम छह से सुबह सात बजे तक माल बनाने पर रोक लगा दी जाएगी।
-राजपाल लेघा, खनन उप निदेशक, नैनीताल