{"_id":"5990bc734f1c1b08768b466b","slug":"181502657651-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नौकुचियाताल झील में मतस्य शिकार का ठेका कराने से भड़के पर्यटन व्यवसायी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नौकुचियाताल झील में मतस्य शिकार का ठेका कराने से भड़के पर्यटन व्यवसायी
Updated Mon, 14 Aug 2017 02:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भीमताल (नैनीताल)। देहरादून स्थित मत्स्य निदेशालय द्वारा नौकुचियाताल में मत्स्य शिकार के ठेके के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कराने से क्षेत्र के पर्यटन व्यवसायियों में आक्रोश है। लोगों का कहना है कि वह किसी भी कीमत पर मत्स्य शिकार का ठेका बर्दाश्त नहीं करेंगे। जरूरत पड़ी तो इसके विरोध में आंदोलन करेंगे।
बीती 26 जुलाई को मत्स्य निदेशालय द्वारा समाचार पत्रों में नौकुचियाताल झील में मत्स्य शिकार के ठेके के लिए निविदा सूचना जारी की थी। उक्त टेंडर खुलने की अंतिम तिथि 19 अगस्त रखी गई है। जैसे ही क्षेत्र के लोगों को नौकुचियाताल झील में मत्स्य आखेट का ठेका होने संबंधी जानकारी मिली तो वह भड़क उठे। नौकुचियाताल निवासी और विकासखंड के ज्येष्ठ प्रमुख अनिल चनौतिया का कहना है कि नौकुचियाताल क्षेत्र पर्यटन व्यवसाय के लिए जाना जाता है और इससे सैकड़ों लोगों की रोजी रोटी जुड़ी हुई है। चनौतिया का कहना है कि यदि नौकुचियाताल झील में मत्स्य शिकार से पर्यटन कारोबार प्रभावित होगा। ज्येष्ठ प्रमुख चनौतिया का कहना है कि नौकुचियाताल जैसे शांत पर्यटक स्थल में मत्स्य आखेट का ठेका किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पर्यटन व्यवसायियों ने कहा कि यदि विभाग को ठेका कराना ही था तो टेंडर प्रक्रिया से पहले स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पर्यटन व्यवसायियों से भी रायशुमारी की जानी चाहिए थी।
विज्ञापन
बीती 26 जुलाई को मत्स्य निदेशालय द्वारा समाचार पत्रों में नौकुचियाताल झील में मत्स्य शिकार के ठेके के लिए निविदा सूचना जारी की थी। उक्त टेंडर खुलने की अंतिम तिथि 19 अगस्त रखी गई है। जैसे ही क्षेत्र के लोगों को नौकुचियाताल झील में मत्स्य आखेट का ठेका होने संबंधी जानकारी मिली तो वह भड़क उठे। नौकुचियाताल निवासी और विकासखंड के ज्येष्ठ प्रमुख अनिल चनौतिया का कहना है कि नौकुचियाताल क्षेत्र पर्यटन व्यवसाय के लिए जाना जाता है और इससे सैकड़ों लोगों की रोजी रोटी जुड़ी हुई है। चनौतिया का कहना है कि यदि नौकुचियाताल झील में मत्स्य शिकार से पर्यटन कारोबार प्रभावित होगा। ज्येष्ठ प्रमुख चनौतिया का कहना है कि नौकुचियाताल जैसे शांत पर्यटक स्थल में मत्स्य आखेट का ठेका किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पर्यटन व्यवसायियों ने कहा कि यदि विभाग को ठेका कराना ही था तो टेंडर प्रक्रिया से पहले स्थानीय जनप्रतिनिधियों और पर्यटन व्यवसायियों से भी रायशुमारी की जानी चाहिए थी।
विज्ञापन