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कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर भड़का रोडवेज संयुक्त परिषद
Updated Sun, 24 Jun 2018 10:48 PM IST
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद शाखा की बैठक में कर्मचारियों की समस्याओं का निराकरण नहीं होने पर आक्रोश जताया गया। कहा कि विभिन्न मांगों को लेकर प्रांतीय कार्यकारिणी के आठ जुलाई से प्रस्तावित बेमियादी कार्य बहिष्कार का पूर्ण समर्थन किया जाएगा। माह की सात तरीख तक कर्मचारियों को वेतन का भुगतान करने सहित परिषद ने नौ सूत्री मांगों को लेकर निगम प्रशासन को ज्ञापन भी भेजा है।
शाखाध्यक्ष लाल सिंह फर्त्याल की अध्यक्षता में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों को समय पर वेतन का भुगतान नहीं हो पाता। लंबे समय से माह की सात तारीख तक वेतन भुगतान की मांग की जा रही है। एसीपी एरियर, सेवानिवृत्त कर्मचारियों की ग्रेच्युटी और राष्ट्रीय अवकाशों के भुगतान की मांग भी पूरी नहीं हुई है।
बैठक में बाह्य स्रोत और विशेष श्रेणी संविदा कर्मियों का न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये किए जाने, नव नियुक्त परिचालकों को तत्काल कार्यभार सौंपने, प्रशासनिक कार्यालय में कर्मचारियों के पदनाम राज्य कर्मचारियों के समान दिए जाने, जूनियर स्टेशन इंचार्ज पद में पदोन्नति के द्वार खोलने, डिपो में बस बेड़ा बढ़ाने, पदों पर प्रभारी की व्यवस्था समाप्त करने सहित तमाम मांगें उठाई गईं।
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कहा कि आठ जुलाई से प्रस्तावित प्रांतीय कार्यकारिणी के कार्य बहिष्कार को पूर्ण समर्थन दिया जाएगा। यदि मांगें फिर भी पूरी नहीं होती तो उग्र आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। बैठक में प्रांतीय संयुक्त मंत्री तारा दत्त जोशी, जीवन सिंह देऊपा, भुवन शर्मा, दर्शन सिंह, लोकपाल सिंह, मदन बिष्ट, हीरा सिंह, प्रमोद जोशी, छप्पन सिंह, नंदन सिंह, पान सिंह, रविंद्र बजेठा, विपिन तिवारी, पूरन राम, बृजमोहन सहित तमाम लोग मौजूद थे। संचालन शाखा मंत्री मनोहर सिंह रावत ने किया।
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शाखाध्यक्ष लाल सिंह फर्त्याल की अध्यक्षता में हुई बैठक में वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों को समय पर वेतन का भुगतान नहीं हो पाता। लंबे समय से माह की सात तारीख तक वेतन भुगतान की मांग की जा रही है। एसीपी एरियर, सेवानिवृत्त कर्मचारियों की ग्रेच्युटी और राष्ट्रीय अवकाशों के भुगतान की मांग भी पूरी नहीं हुई है।
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बैठक में बाह्य स्रोत और विशेष श्रेणी संविदा कर्मियों का न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये किए जाने, नव नियुक्त परिचालकों को तत्काल कार्यभार सौंपने, प्रशासनिक कार्यालय में कर्मचारियों के पदनाम राज्य कर्मचारियों के समान दिए जाने, जूनियर स्टेशन इंचार्ज पद में पदोन्नति के द्वार खोलने, डिपो में बस बेड़ा बढ़ाने, पदों पर प्रभारी की व्यवस्था समाप्त करने सहित तमाम मांगें उठाई गईं।
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कहा कि आठ जुलाई से प्रस्तावित प्रांतीय कार्यकारिणी के कार्य बहिष्कार को पूर्ण समर्थन दिया जाएगा। यदि मांगें फिर भी पूरी नहीं होती तो उग्र आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। बैठक में प्रांतीय संयुक्त मंत्री तारा दत्त जोशी, जीवन सिंह देऊपा, भुवन शर्मा, दर्शन सिंह, लोकपाल सिंह, मदन बिष्ट, हीरा सिंह, प्रमोद जोशी, छप्पन सिंह, नंदन सिंह, पान सिंह, रविंद्र बजेठा, विपिन तिवारी, पूरन राम, बृजमोहन सहित तमाम लोग मौजूद थे। संचालन शाखा मंत्री मनोहर सिंह रावत ने किया।