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विकास कार्यो की गुणवता खराब निकली तो होगी वसूली: डा. रावत
Updated Sun, 04 Feb 2018 02:16 AM IST
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हल्द्वानी। प्रभारी मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों की खराब गुणवत्ता होने पर संबंधित कार्यदायी संस्था से वसूली करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने वित्तीय वर्ष समाप्त होने से पहले विकास कार्यों के लिए अवमुक्त धनराशि का सदुपयोग सुनिश्चित करने और जिला योजना के कार्यों के लिए कार्यदायी संस्था का निर्धारण करने को भी कहा।
वानिकी प्रशिक्षण सभागार में जिला विकास योजना की समीक्षा में प्रभारी मंत्री ने गर्मियों में संभावित पेयजल किल्लत से निपटने से लिए जल संस्थान को अभी से कार्य योजना बनाने और खराब नलकूपों को तत्काल ठीक कराने को कहा। यह भी कहा कि विकास योजनाओं को लेकर जनप्रतिनिधियों से संवाद बनाया जाए और उनके सुझावों को प्रस्तावों में शामिल किया जाए। जिला योजना में प्रत्येक विधानसभा में विधायकों की सहमति से कम से कम दो निर्माण एवं विकास कार्यों को शामिल करने, जिला योजना की धनराशि का उपयोग पिछली देनदारियों में न करने और पूरे हो चुके विकास कार्यों का लोकार्पण संबंधित विधायक से कराने के भी निर्देश दिए। प्रभारी मंत्री ने समाज कल्याण को प्रत्येक ब्लाक मुख्यालय और दूरस्थ गांवों में विशेष पेंशन वितरण शिविर लगाने के भी निर्देश दिए। मंडलायुक्त चंद्रशेखर भट्ट ने विभागों को खर्च न हो पाने वाली जिला योजना की धनराशि को दूसरे विभागों को स्थानांतरित करने, वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए अभी से कार्रवाई करने, मिड डे मील में भोजन की गुणवत्ता बनाये रखने, स्कूलों में शौचालयों की स्वच्छता पर ध्यान देने, पेयजल की समुचित व्यवस्था कराने के निर्देश मुख्य शिक्षा अधिकारी को दिये।
जिलाधिकारी दीपेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि जिला योजना में 4928.64 लाख के सापेक्ष 3510.00 लाख की धनराशि अवमुक्त हुई है। विभागों ने अब तक 2702.60 लाख रुपये व्यय किये हैं। राज्य सेक्टर में 19885.37 लाख के सापेक्ष 16140.11 लाख रुपये, केंद्र पोषित सेक्टर में 14564.93 लाख के सापेक्ष 11059.06 लाख और बाह्य सहायतित सेक्टर में 12028.10 लाख के सापेक्ष 11996.54 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। बैठक में पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक बंशीधर भगत, नवीन दुम्का, संजीव आर्य और राम सिंह कैड़ा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, सीडीओ प्रकाश चंद्र, वन संरक्षक डा. पराग मधुकर धकाते सहित अन्य मौजूद थे।
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प्रभारी मंत्री ने की समीक्षा, पेयजल किल्लत से निपटने को अभी से तैयारी को कहा
कुल स्वीकृत परिव्यय 124247.66 लाख के सापेक्ष 86 फीसदी धनराशि खर्च
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वानिकी प्रशिक्षण सभागार में जिला विकास योजना की समीक्षा में प्रभारी मंत्री ने गर्मियों में संभावित पेयजल किल्लत से निपटने से लिए जल संस्थान को अभी से कार्य योजना बनाने और खराब नलकूपों को तत्काल ठीक कराने को कहा। यह भी कहा कि विकास योजनाओं को लेकर जनप्रतिनिधियों से संवाद बनाया जाए और उनके सुझावों को प्रस्तावों में शामिल किया जाए। जिला योजना में प्रत्येक विधानसभा में विधायकों की सहमति से कम से कम दो निर्माण एवं विकास कार्यों को शामिल करने, जिला योजना की धनराशि का उपयोग पिछली देनदारियों में न करने और पूरे हो चुके विकास कार्यों का लोकार्पण संबंधित विधायक से कराने के भी निर्देश दिए। प्रभारी मंत्री ने समाज कल्याण को प्रत्येक ब्लाक मुख्यालय और दूरस्थ गांवों में विशेष पेंशन वितरण शिविर लगाने के भी निर्देश दिए। मंडलायुक्त चंद्रशेखर भट्ट ने विभागों को खर्च न हो पाने वाली जिला योजना की धनराशि को दूसरे विभागों को स्थानांतरित करने, वनाग्नि की घटनाओं को रोकने के लिए अभी से कार्रवाई करने, मिड डे मील में भोजन की गुणवत्ता बनाये रखने, स्कूलों में शौचालयों की स्वच्छता पर ध्यान देने, पेयजल की समुचित व्यवस्था कराने के निर्देश मुख्य शिक्षा अधिकारी को दिये।
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जिलाधिकारी दीपेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि जिला योजना में 4928.64 लाख के सापेक्ष 3510.00 लाख की धनराशि अवमुक्त हुई है। विभागों ने अब तक 2702.60 लाख रुपये व्यय किये हैं। राज्य सेक्टर में 19885.37 लाख के सापेक्ष 16140.11 लाख रुपये, केंद्र पोषित सेक्टर में 14564.93 लाख के सापेक्ष 11059.06 लाख और बाह्य सहायतित सेक्टर में 12028.10 लाख के सापेक्ष 11996.54 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। बैठक में पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक बंशीधर भगत, नवीन दुम्का, संजीव आर्य और राम सिंह कैड़ा, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप बिष्ट, सीडीओ प्रकाश चंद्र, वन संरक्षक डा. पराग मधुकर धकाते सहित अन्य मौजूद थे।
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प्रभारी मंत्री ने की समीक्षा, पेयजल किल्लत से निपटने को अभी से तैयारी को कहा
कुल स्वीकृत परिव्यय 124247.66 लाख के सापेक्ष 86 फीसदी धनराशि खर्च