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चावल मिलों को ‘रिकवरी’ से भी बचा रहा है विभाग
Updated Mon, 11 Sep 2017 02:16 AM IST
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हल्द्वानी। डैमेज चावल को नीलाम करने के बजाय इसे मिलों को वापस करने पर अब खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारी भी सवालों के घेरे में हैं। मानक यह है कि डैमेज चावल नीलाम किया जाएगा और मिलों से वसूली की जाएगी लेकिन इसे मिलों को वापस किया जा रहा है।
कमलुवागांजा स्टेट पूल के गोदाम में लगे चट्टों की जांच के दौरान तीन चट्टों में डैमेज चावल निकला था। पास किए गए कई चट्टों में भी ऐसा ही चावल निकल रहा है। छंटाई टीम इसकी नीलामी न करके मिलों को ही वापस कर रही है। इसके बदले मिलों से सही चावल मांगा जा रहा है। एफसीआई के नियमों की बात करें तो डैमेज चावल को खाने योग्य न मानकर इसकी छंटाई नहीं की जा सकती। इसकी नीलामी करने का प्रावधान है। नीलामी के बाद मिलों और चावल की जांच करने वाले अधिकारियों से घाटे की रिकवरी करने का नियम है। नीलामी न करना भी खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की मंशा पर सवाल उठा रहा है। विभाग के एक उच्चाधिकारी का तो इस मामले को लेकर अजीब तर्क है। उनका कहना है कि नीलामी की गई तो कई अधिकारियों को रिकवरी झेलनी पडे़गी। संभागीय खाद्य नियंत्रक वीएस धानिक का कहना है कि अभी मिलें चावल बदलने को तैयार है, इस वजह से नीलामी नहीं की जा रही है। विभाग के इस कदम से इतना तो है ही डैमेज चावल की आपूर्ति करने वाली मिलें विभाग के स्तर से होने वाली रिकवरी से बच जा रही हैं।
आज से अल्मोड़ा-चमोली को जाएगा चावल
हल्द्वानी। पास किए गए चट्टों में से भी खराब चावल निकलने के बाद संभागीय खाद्य नियंत्रक ने इसकी छंटाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद कमलुवागांजा गोदाम में पास हुए चट्टों की छंटाई की गई। इसमें से कई मिलों को डैमेज और डिस्कलर चावल अलग किया गया है। सही चावल को सोमवार से अल्मोड़ा-चमोली भेजा जाएगा।
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कमलुवागांजा स्टेट पूल के गोदाम में लगे चट्टों की जांच के दौरान तीन चट्टों में डैमेज चावल निकला था। पास किए गए कई चट्टों में भी ऐसा ही चावल निकल रहा है। छंटाई टीम इसकी नीलामी न करके मिलों को ही वापस कर रही है। इसके बदले मिलों से सही चावल मांगा जा रहा है। एफसीआई के नियमों की बात करें तो डैमेज चावल को खाने योग्य न मानकर इसकी छंटाई नहीं की जा सकती। इसकी नीलामी करने का प्रावधान है। नीलामी के बाद मिलों और चावल की जांच करने वाले अधिकारियों से घाटे की रिकवरी करने का नियम है। नीलामी न करना भी खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की मंशा पर सवाल उठा रहा है। विभाग के एक उच्चाधिकारी का तो इस मामले को लेकर अजीब तर्क है। उनका कहना है कि नीलामी की गई तो कई अधिकारियों को रिकवरी झेलनी पडे़गी। संभागीय खाद्य नियंत्रक वीएस धानिक का कहना है कि अभी मिलें चावल बदलने को तैयार है, इस वजह से नीलामी नहीं की जा रही है। विभाग के इस कदम से इतना तो है ही डैमेज चावल की आपूर्ति करने वाली मिलें विभाग के स्तर से होने वाली रिकवरी से बच जा रही हैं।
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आज से अल्मोड़ा-चमोली को जाएगा चावल
हल्द्वानी। पास किए गए चट्टों में से भी खराब चावल निकलने के बाद संभागीय खाद्य नियंत्रक ने इसकी छंटाई के निर्देश दिए थे। इसके बाद कमलुवागांजा गोदाम में पास हुए चट्टों की छंटाई की गई। इसमें से कई मिलों को डैमेज और डिस्कलर चावल अलग किया गया है। सही चावल को सोमवार से अल्मोड़ा-चमोली भेजा जाएगा।
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