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भटकते रहे मरीज, नहीं आईं 108 एंबुलेंस और खुशियों की सवारी
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रुद्रपुर के जिला अस्पताल में खड़ी 108 एंबुलेंस
- फोटो : amar ujala
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हल्द्वानी। भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले आपातकालीन वाहन 108 और खुशियों की सवारी फील्ड कर्मचारी संघ दो सूत्री मांगों को लेकर बुधवार को हड़ताल पर रहे, इस कारण मरीज अस्पताल पहुंचने के लिए दर-दर भटकते रहे। जीवीके ईएमआरआई के राज्य प्रमुख बोले कि शासन से भुगतान नहीं होने पर बृहस्पतिवार को भी सेवाएं बाधित रह सकती हैं।
जीवीके ईएमआरआई कंपनी ने पिछले दिनों सभी संविदा फील्ड कर्मचारियों को 30 अप्रैल के बाद से सेवा समाप्ति संबंधी नोटिस भेजे हैं। उन्होंने बताया कि फील्ड कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर वर्ष 2008 से सेवाएं दे रहे फील्ड कर्मियों का समायोजन नई कंपनी में उसी लोकेशन और जिले में कराने की मांग की है, जहां फील्ड कर्मी वर्तमान में सेवाएं दे रहे हैं। संघ ने वेतन भत्ते यथावत रखने की भी मांग की है। फील्ड कर्मियों के बुधवार को भी देहरादून में डेरा डालने से मरीजों को परेशानी हुई। जीवीके ईएमआरआई को 31 अप्रैल तक 108 एंबुलेंस और खुशियों की सवारी का संचालन करना है। बावजूद इसके जीवीके ईएमआरआई के राज्य प्रमुख मनीष टिंक्कू ने साफ कहा कि पिछला भुगतान होने पर ही सेवाएं सुचारु हो सकेगी। बताया कि बुधवार को 108 एंबुलेंस और खुशियों की सवारी पूरी तरह ठप रही। कर्मियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करनी है, इस पर विचार करेंगे।
भटकते रहे मरीज, नहीं आईं 108 एंबुलेंस और खुशियों की सवारी
महिला अस्पताल से खुशियों की सवारी नहीं मिलने पर अपने साधन से वापस गईं महिलाएं
जीवीके ईएमआरआई के राज्य प्रमुख बोले, धनराशि नहीं मिलेगी तो आज भी ठप रहेंगी सेवाएं
जिला 108 की संख्या खुशियों की सवारी की संख्या
अल्मोड़ा 12 08
बागेश्वर 05 03
चंपावत 05 04
नैनीताल 13 09
पिथौरागढ़ 09 09
ऊधमसिंह नगर 08 10
31 अप्रैल तक एंबुलेंस और खुशियों की सवारी के संचालन की जिम्मेदारी जीवीके ईएमआरआई की है। कंपनी के बकाये का भुगतान कर दिया जाएगा। -डॉ. रवींद्र थपलियाल, स्वास्थ्य महानिदेशक
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बेतालघाट निवासी गर्भवती तारा देवी (27) के परिजनों ने बताया कि बुधवार सुबह उन्हें प्रसव पीड़ा होने पर सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाने के लिए 108 को फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। परिजन दोपहर तीन बजे निजी वाहन से एसटीएच लेकर पहुंचे। यहां उन्हें इमरजेंसी से गायिनी वार्ड में भर्ती किया गया है।
गंगोलीहाट निवासी देव सिंह (48) के परिजनों ने बताया कि बुधवार सुबह उनके मुंह से खून आने पर अस्पताल ले जाने के लिए 108 को फोन किया, लेकिन जवाब मिला कि आज सेवा बंद है। इसके बाद निजी वाहन से अपरान्ह चार बजे एसटीएच में भर्ती कराया। जहां टीवी के लक्षण दिखने के चलते उन्हें भर्ती किया गया है।
चंपावत निवासी गर्भवती राधा देवी (21) के परिजनों का कहना है कि उन्होंने राधा के तेज दर्द होने पर 108 को फोन मिलाया, लेकिन जवाब मिला कि आज सेवा मुहैया नहीं कराई जा सकती है। इसके बाद परिजन उन्हें निजी वाहन से एसटीएच की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे। यहां उन्हें गायिनी वार्ड में भर्ती किया गया है।
लोहाघाट निवासी लक्ष्मी (80) के फेफड़ों में पानी भरने के चलते उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए परिजनों ने 108 को फोन किया, लेकिन इन्हें भी यही जवाब मिला। इस पर परिजन उन्हें निजी वाहन से लेकर अस्पताल पहुंचे। यहां उन्हें इमरजेंसी से वार्ड में भर्ती किया गया।
धारी निवासी गर्भवती हेमा देवी को उनके पति ने 12 अप्रैल को एसटीएच में भर्ती कराया था। जुड़वा बच्चों के जन्म के बाद जब बुधवार को धारी जाने के लिए खुशियों की सवारी से संपर्क किया तो जवाब मिला कि सेवा बंद है। इसके बाद परिजन उन्हें निजी वाहन से घर लेकर गए।
लालकुआं निवासी मालती को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने 108 को फोन किया। जवाब मिला कि आज हड़ताल है और एंबुलेंस नहीं चल रही है। परिजन उसे निजी वाहन से लेकर महिला अस्पताल आए।
पहाड़पानी निवासी भगवती को 20 अप्रैल को महिला अस्पताल में ऑपरेशन से प्रसव हुआ था। बुधवार को उसे डिस्चार्ज किया गया। खुशियों की सवारी नहीं मिलने से परिजन निजी वाहन से घर लेकर गए।
कोटाबाग निवासी ज्योति का भी 20 अप्रैल को ऑपरेशन से महिला अस्पताल में प्रसव हुआ था। बुधवार को उसे डिस्चार्ज किया गया। खुशियों की सवारी नहीं मिलने के कारण परिजन निजी वाहन से लेकर घर गए।
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जीवीके ईएमआरआई कंपनी ने पिछले दिनों सभी संविदा फील्ड कर्मचारियों को 30 अप्रैल के बाद से सेवा समाप्ति संबंधी नोटिस भेजे हैं। उन्होंने बताया कि फील्ड कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर वर्ष 2008 से सेवाएं दे रहे फील्ड कर्मियों का समायोजन नई कंपनी में उसी लोकेशन और जिले में कराने की मांग की है, जहां फील्ड कर्मी वर्तमान में सेवाएं दे रहे हैं। संघ ने वेतन भत्ते यथावत रखने की भी मांग की है। फील्ड कर्मियों के बुधवार को भी देहरादून में डेरा डालने से मरीजों को परेशानी हुई। जीवीके ईएमआरआई को 31 अप्रैल तक 108 एंबुलेंस और खुशियों की सवारी का संचालन करना है। बावजूद इसके जीवीके ईएमआरआई के राज्य प्रमुख मनीष टिंक्कू ने साफ कहा कि पिछला भुगतान होने पर ही सेवाएं सुचारु हो सकेगी। बताया कि बुधवार को 108 एंबुलेंस और खुशियों की सवारी पूरी तरह ठप रही। कर्मियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करनी है, इस पर विचार करेंगे।
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भटकते रहे मरीज, नहीं आईं 108 एंबुलेंस और खुशियों की सवारी
महिला अस्पताल से खुशियों की सवारी नहीं मिलने पर अपने साधन से वापस गईं महिलाएं
जीवीके ईएमआरआई के राज्य प्रमुख बोले, धनराशि नहीं मिलेगी तो आज भी ठप रहेंगी सेवाएं
जिला 108 की संख्या खुशियों की सवारी की संख्या
अल्मोड़ा 12 08
बागेश्वर 05 03
चंपावत 05 04
नैनीताल 13 09
पिथौरागढ़ 09 09
ऊधमसिंह नगर 08 10
31 अप्रैल तक एंबुलेंस और खुशियों की सवारी के संचालन की जिम्मेदारी जीवीके ईएमआरआई की है। कंपनी के बकाये का भुगतान कर दिया जाएगा। -डॉ. रवींद्र थपलियाल, स्वास्थ्य महानिदेशक
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बेतालघाट निवासी गर्भवती तारा देवी (27) के परिजनों ने बताया कि बुधवार सुबह उन्हें प्रसव पीड़ा होने पर सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाने के लिए 108 को फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। परिजन दोपहर तीन बजे निजी वाहन से एसटीएच लेकर पहुंचे। यहां उन्हें इमरजेंसी से गायिनी वार्ड में भर्ती किया गया है।
गंगोलीहाट निवासी देव सिंह (48) के परिजनों ने बताया कि बुधवार सुबह उनके मुंह से खून आने पर अस्पताल ले जाने के लिए 108 को फोन किया, लेकिन जवाब मिला कि आज सेवा बंद है। इसके बाद निजी वाहन से अपरान्ह चार बजे एसटीएच में भर्ती कराया। जहां टीवी के लक्षण दिखने के चलते उन्हें भर्ती किया गया है।
चंपावत निवासी गर्भवती राधा देवी (21) के परिजनों का कहना है कि उन्होंने राधा के तेज दर्द होने पर 108 को फोन मिलाया, लेकिन जवाब मिला कि आज सेवा मुहैया नहीं कराई जा सकती है। इसके बाद परिजन उन्हें निजी वाहन से एसटीएच की इमरजेंसी में लेकर पहुंचे। यहां उन्हें गायिनी वार्ड में भर्ती किया गया है।
लोहाघाट निवासी लक्ष्मी (80) के फेफड़ों में पानी भरने के चलते उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए परिजनों ने 108 को फोन किया, लेकिन इन्हें भी यही जवाब मिला। इस पर परिजन उन्हें निजी वाहन से लेकर अस्पताल पहुंचे। यहां उन्हें इमरजेंसी से वार्ड में भर्ती किया गया।
धारी निवासी गर्भवती हेमा देवी को उनके पति ने 12 अप्रैल को एसटीएच में भर्ती कराया था। जुड़वा बच्चों के जन्म के बाद जब बुधवार को धारी जाने के लिए खुशियों की सवारी से संपर्क किया तो जवाब मिला कि सेवा बंद है। इसके बाद परिजन उन्हें निजी वाहन से घर लेकर गए।
लालकुआं निवासी मालती को प्रसव पीड़ा होने पर परिजनों ने 108 को फोन किया। जवाब मिला कि आज हड़ताल है और एंबुलेंस नहीं चल रही है। परिजन उसे निजी वाहन से लेकर महिला अस्पताल आए।
पहाड़पानी निवासी भगवती को 20 अप्रैल को महिला अस्पताल में ऑपरेशन से प्रसव हुआ था। बुधवार को उसे डिस्चार्ज किया गया। खुशियों की सवारी नहीं मिलने से परिजन निजी वाहन से घर लेकर गए।
कोटाबाग निवासी ज्योति का भी 20 अप्रैल को ऑपरेशन से महिला अस्पताल में प्रसव हुआ था। बुधवार को उसे डिस्चार्ज किया गया। खुशियों की सवारी नहीं मिलने के कारण परिजन निजी वाहन से लेकर घर गए।