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ट्रंचिंग ग्राउंड में कूड़ा डालने को एक मिनट की मोहलत भी नहीं
Updated Wed, 18 Jul 2018 02:12 AM IST
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नैनीताल। हल्द्वानी ट्रंचिंग ग्राउंड में कूड़ा डालने के लिए राहत की उम्मीद कर रहे नगर निगम को हाईकोर्ट ने मंगलवार को खासा झटका दिया। हाईकोर्ट ने कूड़ा डंप करने के लिए एक मिनट की मोहलत देने तक से साफ इनकार कर दिया। कोर्ट ने कई तल्ख टिप्पणियां कीं और अपर प्रमुख वन संरक्षक को 24 घंटे के अंदर चार हेक्टेयर भूमि नगर निगम को हस्तांतरित कर रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया।
ट्रंचिंग ग्राउंड में कूड़ा डंप करने पर हाईकोर्ट की रोक के बाद से शहर में सात दिन से कूड़ा नहीं उठा है। मुसीबत के मारे नगर निगम ने हाईकोर्ट से कूड़ा किसी दूसरी जगह डंप करने की अनुमति मांगी थी। मंगलवार को वरिष्ठ न्यायमूर्ति राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की खंडपीठ ने एक हफ्ते में ठोस कचरे को वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित करने के लिए राज्य सरकार से ठोस कचरा निस्तारण संयंत्र की परियोजना रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने आदेश दिया। पीठ ने कूड़ा निस्तारण पर काम नहीं करने के लिए हल्द्वानी नगर आयुक्त और नैनीताल नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी का तबादला करने की बात भी की।
कोर्ट ने कहा कि नैनीताल और हल्द्वानी के कूड़ेदान भरे पड़े हैं और चारों ओर कूड़ा बिखरा हुआ है। कोर्ट ने अधिकारियों से सीधे-सीधे पूछा कि नदी किनारे कूड़ा डंप करने की अनुमति किसने दी। प्रशासन का कहना था कि डंपिंग ग्राउंड के लिए भूमि न मिलने तक वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए विज्ञापन भी जारी नहीं किया जा सकता है। सुनवाई बुधवार को भी जारी रहेगी।
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ट्रंचिंग ग्राउंड में कूड़ा डंप करने पर हाईकोर्ट की रोक के बाद से शहर में सात दिन से कूड़ा नहीं उठा है। मुसीबत के मारे नगर निगम ने हाईकोर्ट से कूड़ा किसी दूसरी जगह डंप करने की अनुमति मांगी थी। मंगलवार को वरिष्ठ न्यायमूर्ति राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की खंडपीठ ने एक हफ्ते में ठोस कचरे को वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित करने के लिए राज्य सरकार से ठोस कचरा निस्तारण संयंत्र की परियोजना रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने आदेश दिया। पीठ ने कूड़ा निस्तारण पर काम नहीं करने के लिए हल्द्वानी नगर आयुक्त और नैनीताल नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी का तबादला करने की बात भी की।
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कोर्ट ने कहा कि नैनीताल और हल्द्वानी के कूड़ेदान भरे पड़े हैं और चारों ओर कूड़ा बिखरा हुआ है। कोर्ट ने अधिकारियों से सीधे-सीधे पूछा कि नदी किनारे कूड़ा डंप करने की अनुमति किसने दी। प्रशासन का कहना था कि डंपिंग ग्राउंड के लिए भूमि न मिलने तक वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए विज्ञापन भी जारी नहीं किया जा सकता है। सुनवाई बुधवार को भी जारी रहेगी।
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