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फिर शुरू हुआ कुतों का आतंक
Updated Wed, 04 Apr 2018 02:16 AM IST
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हल्द्वानी। मौसम का मिजाज बदलने के साथ ही आवारा कुत्ते फिर हमलावर होने लगे हैं। मंगलवार को कुत्तों ने 28 लोगों को निशाना बनाया। सभी ने बेस अस्पताल पहुंचकर रैबीज के इंजेक्शन लगवाए।
पिछले वर्षों आवारा कुत्तों ने कई लोगों को निशाना बनाया था। मेयर से लेकर नगर निगम के अधिकारियों ने समस्या से निजात दिलाने को तमाम दावे किए थे। एक वर्ष बीतने के बाद कुत्तों का आतंक तो दोबारा फिर शुरू हो गया है मगर मेयर समेत नगर निगम के अधिकारियों के कुत्तों के आतंक से निजात दिलाने के दावे धरातल पर नजर नहीं आ रहे हैं।
ये हुए शिकार
मनीष मिश्रा (54) जीआईसी लालकुआं, ज्ञानी (60) धौलाखेड़ा, धर्मादेवी (50) लालकुआं, ओम पाल (32) सदर बाजार, हरीश पांडे (08) लोहरियासाल तल्ला, करण (12) राजपुरा, नैतिक (04) बिंदुखत्ता, नंदलाल (42) कुसुमखेड़ा, हर्षिता (09) बड़ी मुखानी, कैलाश चंद्र सती (76) बिठौरिया नंबर दो, लोकेश (03) राजपुरा, रुक्मा देवी (69) हल्दूचौड़, गीता (12) कुसुमखेड़ा, अली (06) कब्रिस्तान गेट हल्द्वानी वार्ड नंबर 1, पुजारी (34) हिमालय फार्म हल्द्वानी, योगेश उपाध्याय (19) तीनपानी, सरस्वती देवी (65) गायत्री नगर काठगोदाम, लव राजौर (08) गांधीनगर, मोनिका (07) चांदमारी काठगोदाम, हर्षित नेगी (14) देवलचौड़, चंद्रशेखर जोशी (08) नवाबी रोड, रोहित पांडे (17) लालकुआं, लक्की (12) अंबेडकरनगर हल्द्वानी, सूरज सक्सेना (14) मोटाहल्दू, ललित जोशी (21) चोरगलिया और गीता (41) कुसुमखेड़ा।
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नगर निगम को कोई फर्क नहीं पड़ता
हल्द्वानी। नगर निगम क्षेत्र में कुत्तों का आतंक बढ़ गया है लेकिन नगर निगम को कोई असर नहीं पड़ता। नगर निगम में 12 लाख की एनिमल कैचर वैन धूल फांक रही है। निगम में पशु चिकित्साधिकारी अटैच होने के बाद भी कुत्तों को रैबीज के इंजेक्शन नहीं लग पा रहे हैं।
पिछले साल नैनीताल में कुत्तों के झपटने से एक बच्ची पहाड़ी से नीचे गिर गई थी जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं पिछले साल दो माह में नगर निगम हल्द्वानी में 120 लोगों को कुत्तों ने काटा है। उसके बाद भी नगर निगम के अधिकारियों की नींद नहीं टूटी है। नगर निगम में आवारा पशु और कुत्तों के आतंक से निपटने के लिए तीन माह पूर्व पशु चिकित्सक को नगर निगम में अटैच किया गया था। साथ ही पिछले वर्ष 12 लाख की लागत से एनिमल कैचर वाहन भी खरीदा गया। ये वाहन छह माह से नगर निगम में धूल फांक रहा है। उधर एनिमल बर्थ कंट्रोल के लिए पैसा नगर निगम के खाते में पड़ा है। इसका भवन अभी तक शुरू नहीं हो पाया है।
जल्द ही एक टीम का गठन किया जाएगा। पशु चिकित्सक के नेतृत्व में जल्द आवरा कुत्तों को रैबीज के इंजेक्शन लगाए जाएंगे।
चंद्र सिंह मर्तोलिया नगर आयुक्त
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पिछले वर्षों आवारा कुत्तों ने कई लोगों को निशाना बनाया था। मेयर से लेकर नगर निगम के अधिकारियों ने समस्या से निजात दिलाने को तमाम दावे किए थे। एक वर्ष बीतने के बाद कुत्तों का आतंक तो दोबारा फिर शुरू हो गया है मगर मेयर समेत नगर निगम के अधिकारियों के कुत्तों के आतंक से निजात दिलाने के दावे धरातल पर नजर नहीं आ रहे हैं।
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ये हुए शिकार
मनीष मिश्रा (54) जीआईसी लालकुआं, ज्ञानी (60) धौलाखेड़ा, धर्मादेवी (50) लालकुआं, ओम पाल (32) सदर बाजार, हरीश पांडे (08) लोहरियासाल तल्ला, करण (12) राजपुरा, नैतिक (04) बिंदुखत्ता, नंदलाल (42) कुसुमखेड़ा, हर्षिता (09) बड़ी मुखानी, कैलाश चंद्र सती (76) बिठौरिया नंबर दो, लोकेश (03) राजपुरा, रुक्मा देवी (69) हल्दूचौड़, गीता (12) कुसुमखेड़ा, अली (06) कब्रिस्तान गेट हल्द्वानी वार्ड नंबर 1, पुजारी (34) हिमालय फार्म हल्द्वानी, योगेश उपाध्याय (19) तीनपानी, सरस्वती देवी (65) गायत्री नगर काठगोदाम, लव राजौर (08) गांधीनगर, मोनिका (07) चांदमारी काठगोदाम, हर्षित नेगी (14) देवलचौड़, चंद्रशेखर जोशी (08) नवाबी रोड, रोहित पांडे (17) लालकुआं, लक्की (12) अंबेडकरनगर हल्द्वानी, सूरज सक्सेना (14) मोटाहल्दू, ललित जोशी (21) चोरगलिया और गीता (41) कुसुमखेड़ा।
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नगर निगम को कोई फर्क नहीं पड़ता
हल्द्वानी। नगर निगम क्षेत्र में कुत्तों का आतंक बढ़ गया है लेकिन नगर निगम को कोई असर नहीं पड़ता। नगर निगम में 12 लाख की एनिमल कैचर वैन धूल फांक रही है। निगम में पशु चिकित्साधिकारी अटैच होने के बाद भी कुत्तों को रैबीज के इंजेक्शन नहीं लग पा रहे हैं।
पिछले साल नैनीताल में कुत्तों के झपटने से एक बच्ची पहाड़ी से नीचे गिर गई थी जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं पिछले साल दो माह में नगर निगम हल्द्वानी में 120 लोगों को कुत्तों ने काटा है। उसके बाद भी नगर निगम के अधिकारियों की नींद नहीं टूटी है। नगर निगम में आवारा पशु और कुत्तों के आतंक से निपटने के लिए तीन माह पूर्व पशु चिकित्सक को नगर निगम में अटैच किया गया था। साथ ही पिछले वर्ष 12 लाख की लागत से एनिमल कैचर वाहन भी खरीदा गया। ये वाहन छह माह से नगर निगम में धूल फांक रहा है। उधर एनिमल बर्थ कंट्रोल के लिए पैसा नगर निगम के खाते में पड़ा है। इसका भवन अभी तक शुरू नहीं हो पाया है।
जल्द ही एक टीम का गठन किया जाएगा। पशु चिकित्सक के नेतृत्व में जल्द आवरा कुत्तों को रैबीज के इंजेक्शन लगाए जाएंगे।
चंद्र सिंह मर्तोलिया नगर आयुक्त