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गिनीज बुक में नाम दर्ज करवाने के बाद ही करुंगा शादी
Updated Sun, 04 Feb 2018 02:32 AM IST
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हल्द्वानी। आमतौर पर माना जाता है कि लोग शादी के बंधन में बंधने की तब सोचने लग जाते हैं जब पढ़ाई पूरी हो जाए। अच्छी नौकरी या रोजगार मिल जाए। यानी वे अपने पैरों में खड़े हो जाएं। लेकिन महाराष्ट्र के धोंडीराम को 50 साल की उम्र में भी शादी का ख्याल नहीं आया। ऐसा नहीं है कि उन्हें लड़की नहीं मिली हो या वह पढ़-लिख नहीं पाए हैं। उन्होंने 1999 में शिवाजी कॉलेज से न सिर्फ बीकॉम किया बल्कि पुणे के सिम्बायोसिस लॉ कॉलेज से कानून की डिग्री प्राप्त की है। अब उनका जुनून देखें। पुरानी, बिना ब्रेक और पैडल ग्रिप की साइकिल चलाने वाले धोंडीराम सावधानी पूर्वक वाहन चलाने, नारी हिंसा, बाल हिंसा, भ्रष्टाचार के खिलाफ और बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का संदेश देने भारत भ्रमण पर निकले हैं। बस तमन्ना है कि पहले गिनीज बुक में नाम दर्ज हो जाए उसके बाद घर बसाया जाए।
महाराष्ट्र के संगोली तहसील के छोटे से कस्बे जवले के रहने वाले धोंडीराम इन दिनों हल्द्वानी में हैं। वह साइकिल से उत्तराखंड के 12 जिलों के भ्रमण के साथ चार धामयात्रा भी पूरी कर चुके हैं। अपने इस मिशन को उन्होंने 28 फरवरी 2017 को शुरू किया था जिसमें उन्होंने जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ की यात्रा पूरी की। लगभग 50 हजार किमी की अपनी साइकिल यात्रा में देश के अब तक 85 जिलों की यात्रा पूर्ण कर चुके हैं।
धोंडीराम अपना प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद को मानते हैं। उनके परिवार में मां और भाई हैं। भाई की शादी हो चुकी है और दो बच्चे हैं। उन्होंने बताया कि बचपन से ही समाज सेवा का जज्बा था इसलिए शादी करने के बजाय लोगों से जुड़ते चले गए। किसी का प्रमाण पत्र बनाना हो तो किसी की पेंशन संबंधी कार्य.. वे सब काम किए जो आसान होने के बाद भी गरीब और दबे कुचले लोग खुद नहीं कर पाते। अब सामाजिक मुद्दों का संदेश लेकर वह 28 फरवरी 2017 से वह साइकिल यात्रा पर निकले हैं। उनकी यात्रा का अगला पड़ाव ऊधमसिंह नगर जिला होगा। शनिवार को नगर निगम कार्यालय पहुंचने पर मेयर डॉ. जोगेंद्र सिंह रौतेला ने भी प्रशस्ति पत्र देकर उन्हें सम्मानित किया।
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महाराष्ट्र के संगोली तहसील के छोटे से कस्बे जवले के रहने वाले धोंडीराम इन दिनों हल्द्वानी में हैं। वह साइकिल से उत्तराखंड के 12 जिलों के भ्रमण के साथ चार धामयात्रा भी पूरी कर चुके हैं। अपने इस मिशन को उन्होंने 28 फरवरी 2017 को शुरू किया था जिसमें उन्होंने जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ की यात्रा पूरी की। लगभग 50 हजार किमी की अपनी साइकिल यात्रा में देश के अब तक 85 जिलों की यात्रा पूर्ण कर चुके हैं।
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धोंडीराम अपना प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद को मानते हैं। उनके परिवार में मां और भाई हैं। भाई की शादी हो चुकी है और दो बच्चे हैं। उन्होंने बताया कि बचपन से ही समाज सेवा का जज्बा था इसलिए शादी करने के बजाय लोगों से जुड़ते चले गए। किसी का प्रमाण पत्र बनाना हो तो किसी की पेंशन संबंधी कार्य.. वे सब काम किए जो आसान होने के बाद भी गरीब और दबे कुचले लोग खुद नहीं कर पाते। अब सामाजिक मुद्दों का संदेश लेकर वह 28 फरवरी 2017 से वह साइकिल यात्रा पर निकले हैं। उनकी यात्रा का अगला पड़ाव ऊधमसिंह नगर जिला होगा। शनिवार को नगर निगम कार्यालय पहुंचने पर मेयर डॉ. जोगेंद्र सिंह रौतेला ने भी प्रशस्ति पत्र देकर उन्हें सम्मानित किया।
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