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एक दिन में ही जवाब दे गया वीरभट्टी का नया पुल
Updated Mon, 04 Dec 2017 02:08 AM IST
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वीरभट्टी में सर्पिलाकार हुए घाटीपुल के पैनल
- फोटो : अमर उजाला
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ज्योलीकोट (नैनीताल)। ज्योलीकोट-कर्णप्रयाग हाइवे पर वीरभट्टी में राष्ट्रीय राजमार्ग की ओर से बनाया गए नए पुल (घाटी पुल) का अस्तित्व खतरे में पड़ गया है। यातायात शुरू हुए चौबीस घंटे भी नहीं बीते थे कि पुल के पैनल टेढ़े हो गए। 68 दिन बाद शुरू हुए यातायात को अगले 48 घंटों के लिए फिर बंद कर दिया गया है। विभागीय अधिकारी कई वाहनों के एक साथ पुल पर आवागमन को इसका कारण मान रहे हैं। जबकि लोगों का आरोप है कि विभाग ने पुल निर्माण में लापरवाही बरती है।
25 सितंबर को गैस वाहन में लगी आग से 101 साल पुराने पुल पर यातायात के लिए बंद कर दिया गया था। 26 अक्तूबर को निर्माण के दौरान पुल ढह गया था। इसके बाद विकल्प के रूप में घाटीपुल का निर्माण किया गया। शनिवार देर शाम चार बजे इसे यातायात के लिए खोल दिया गया था। विभागीय अधिकारियों का दावा था कि नया पुल भी पुराने की तरह मजबूत होगा। इसमें यातायात सामान्य रूप से चलेगा लेकिन रविवार की सुबह विभागीय अधिकारियों के दावे तब धरे रह गए जब पुल के पैनल टेढ़े होने लगे। शाम तक इन पैनलों का आकार सर्पिलाकार हो गया और ये एक ओर झुक गए। कई जगह पैनल के ऊपर की पट्टी भी उखड़ गई। इसके बाद एनएच के अधिकारियों ने 48 घंटों के लिए फिर से इस सड़क में यातायात को बंद करा दिया।
इस संबंध में एनएच के ईई महेंद्र कुमार ने कहा कि पुल की क्षमता 16.5 टन भार सहने की है। इसके लिए पुल के दोनों और चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं। शनिवार की रात और रविवार की सुबह वाहनों की आवाजाही के दौरान तीन-चार वाहन एक साथ पुल पर गुजरने के कारण पुल पर चालीस से पचास टन का भार साथ पड़ा। इस कारण पैनल अपने स्थान से इधर-उधर हो गए हैं। उन्होंने बताया कि अगले 48 घंटे तक इस सड़क से गुजरने वाले सभी वाहन भीमताल होकर गुजरेंगे। इस दौरान पुल की जांच कर कमियों को दूर कराया जाएगा।
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25 सितंबर को गैस वाहन में लगी आग से 101 साल पुराने पुल पर यातायात के लिए बंद कर दिया गया था। 26 अक्तूबर को निर्माण के दौरान पुल ढह गया था। इसके बाद विकल्प के रूप में घाटीपुल का निर्माण किया गया। शनिवार देर शाम चार बजे इसे यातायात के लिए खोल दिया गया था। विभागीय अधिकारियों का दावा था कि नया पुल भी पुराने की तरह मजबूत होगा। इसमें यातायात सामान्य रूप से चलेगा लेकिन रविवार की सुबह विभागीय अधिकारियों के दावे तब धरे रह गए जब पुल के पैनल टेढ़े होने लगे। शाम तक इन पैनलों का आकार सर्पिलाकार हो गया और ये एक ओर झुक गए। कई जगह पैनल के ऊपर की पट्टी भी उखड़ गई। इसके बाद एनएच के अधिकारियों ने 48 घंटों के लिए फिर से इस सड़क में यातायात को बंद करा दिया।
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इस संबंध में एनएच के ईई महेंद्र कुमार ने कहा कि पुल की क्षमता 16.5 टन भार सहने की है। इसके लिए पुल के दोनों और चेतावनी बोर्ड भी लगाए गए हैं। शनिवार की रात और रविवार की सुबह वाहनों की आवाजाही के दौरान तीन-चार वाहन एक साथ पुल पर गुजरने के कारण पुल पर चालीस से पचास टन का भार साथ पड़ा। इस कारण पैनल अपने स्थान से इधर-उधर हो गए हैं। उन्होंने बताया कि अगले 48 घंटे तक इस सड़क से गुजरने वाले सभी वाहन भीमताल होकर गुजरेंगे। इस दौरान पुल की जांच कर कमियों को दूर कराया जाएगा।
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