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आरक्षित वन क्षेत्र मे डाला जा रहा है कूड़ा
Updated Mon, 21 Aug 2017 02:24 AM IST
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हल्द्वानी। तराई केंद्रीय वन प्रभाग के हल्द्वानी रेंज के जंगल में शहर का कूड़ा खुलेआम डाला जा रहा है। कूड़ा बीच जंगल में डाला जा रहा है और विभाग के अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। इससे वन विभाग की कार्यप्रणाली ही सवालों के घेरे में आ गई है। विभाग के उच्च अधिकारियों को इसकी जानकारी ही नहीं है।
हल्द्वानी रेंज के गोरापड़ाव ब्लॉक में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से 200 मीटर दूर बीच जंगल में शहर का कूड़ा डाला जा रहा है। जंगल के बीच में कूड़ा डालने से कई पेड़ और वनस्पतियां सूख गई हैं। एक बीघा से अधिक जगह पर डाला गया कूड़ा वन विभाग की लापरवाही बयां कर रहा है।
नियमानुसार वन विभाग के बीट इंचार्ज को अपनी बीट का रोजाना निरीक्षण करना होता है। लेकिन इतनी भारी मात्रा में जंगल के बीच कूड़ा डालना वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रहा है। जहां कूड़ा डाला गया है वहां बकायदा गाड़ियों के आने-जाने के निशान बने हुए हैं। सवाल उठ रहे हैं कि वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों को इसकी जानकारी नहीं है या उनकी मिली भगत से जंगल में कूड़ा डाला जा रहा है। प्रभागीय वनाधिकारी तराई केंद्रीय वन प्रभाग कल्याणी का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। अगर जंगल में कूड़ा डाला गया होगा तो संबंधित बीट अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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हल्द्वानी रेंज के गोरापड़ाव ब्लॉक में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय से 200 मीटर दूर बीच जंगल में शहर का कूड़ा डाला जा रहा है। जंगल के बीच में कूड़ा डालने से कई पेड़ और वनस्पतियां सूख गई हैं। एक बीघा से अधिक जगह पर डाला गया कूड़ा वन विभाग की लापरवाही बयां कर रहा है।
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नियमानुसार वन विभाग के बीट इंचार्ज को अपनी बीट का रोजाना निरीक्षण करना होता है। लेकिन इतनी भारी मात्रा में जंगल के बीच कूड़ा डालना वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रहा है। जहां कूड़ा डाला गया है वहां बकायदा गाड़ियों के आने-जाने के निशान बने हुए हैं। सवाल उठ रहे हैं कि वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारियों को इसकी जानकारी नहीं है या उनकी मिली भगत से जंगल में कूड़ा डाला जा रहा है। प्रभागीय वनाधिकारी तराई केंद्रीय वन प्रभाग कल्याणी का कहना है कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। अगर जंगल में कूड़ा डाला गया होगा तो संबंधित बीट अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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