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डगमग भरा रहा उत्तराखंड के 16 वर्षों का सफर रहा : नेगी
अमर उजाला ब्यूरो नैनीताल
Updated Fri, 26 Aug 2016 12:00 AM IST
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एन एस नेगी
- फोटो : अमर उजाला
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देवभूमि उत्तराखंड के प्रमुख लोक गायक नरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य बने भले ही 16 साल हो गए हैं लेकिन यह 16 वर्षों का सफर डगमग भरा ही रहा। राज्य का जो विकास होना चाहिए था वह नहीं हो पाया।
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कहा कि सत्तासीन सरकारें जो सोच रही हैं उसे धरातल में कर नहीं रही हैं। लोक संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए भी कोई ठोस पहल नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के लोक कलाकारों को सरकारों के भरोसे नहीं रहना चाहिए, बल्कि खुद संस्कृति के संरक्षण की पहल करनी चाहिए।
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नेगी नैनीताल पुलिस लाइन में श्री कृष्ण जन्माष्टमी समारोह में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में भाग लेने पहुंच थे। इस दौरान उन्होंने पत्रकार वार्ता में कहा कि 16 वर्षों के सफर में उत्तराखंड में भ्रष्टाचार को काफी बढ़ावा मिला है जो बेहद चिंता का विषय है।
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कहा कि सत्तासीन सरकारों ने जल, जंगल और जमीन को बचाने के लिए पहल नहीं की। हालत यह है कि उत्तराखंड राज्य निर्माण के दौरान मुज्जफरनगर कांड में जिन आंदोलनकारियों को गोली लगी थी उनके कातिलों को अब तक सजा नहीं मिली है।
जो गंभीर चिंता का विषय है। नेगी ने कहा कि सत्तासीन सरकारें जनता को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं की ओर ध्यान हीं नहीं दे रही हैं। गांव के स्कूलों में टीचर और अस्पतालों में डाक्टर नहीं हैं।
मोटर मार्गों की हालत भी दयनीय हो चुकी हैं। दूसरी ओर रोजगार के अभाव में गांवों से युवाओं का पलायन शहरों की ओर हो रहा है।
नेगी इस बात को लेकर भी खासे चिंतित दिखे कि वर्तमान में कई लोक कलाकार कुमाऊंनी व गढ़वाली गीत गा रहे हैं, लेकिन कलाकारों की टीम की ड्रेस गाने के मुताबिक नहीं होती है।
बोले कि लोक संस्कृति के प्रचार लिए कलाकारों को ड्रेस पर भी विशेष ध्यान देना होगा। कहा कि हमें अपनी कुमाऊंनी और गढ़वाली भाषा व संस्कृति के लिए स्वयं ही सार्थक प्रयास करने होंगे। नेगी के मुताबिक हमें अपनी परंपराओं को जीवंत बनाए रखने के लिए पहल करनी होगी।