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अंतिम दिन पर्यटकों की रही भीड़
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रामनगर/कालाढूंगी (नैनीताल)। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) के बिजरानी जोन और पवलगढ़ कंजर्वेशन रिजर्व (पीसीआर) के सीतावनी जोन में रविवार को इस सत्र के अंतिम दिन पर्यटन गतिविधियां हुईं। इस कारण बिजरानी जोन में सुबह-शाम की पालियों में अधिकतम क्षमता के मुताबिक 30-30 जिप्सियां गईं जबकि सीतावनी जोन में 203 जिप्सियों में 1085 पर्यटक घूमने गए। बरसात की समाप्ति के बाद अक्तूबर से इन सभी क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों की बहाली की उम्मीद है।
बरसात के दौरान सोमवार से वहां पर्यटकों को प्रवेश नहीं मिल सकेगा। हालांकि कच्ची सड़कों के आवागमन योग्य रहने पर सीटीआर का ढेला और झिरना जोन पर्यटकों के लिए सालभर खुला रहता है, लेकिन नदी, नालों में बाढ़ आने पर इन जोनों को भी बंद कर दिया जाता है। रामनगर वन प्रभाग के डीएफओ भूपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अंतिम दिन की पर्यटन गतिविधियों से करीब एक लाख रुपये का राजस्व मिला है। वहीं नयागांव कालाढूंगी के कॉर्बेट फॉल, चूनाखान के बाराती रौ झरने समेत कमोला गांव के लदुवागाड़ झरने को भी सोमवार से पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है ताकि वन्यजीवों के संरक्षण समेत जानमाल की क्षति को भी रोका जा सके।
बिजरानी, सीतावनी में अंतिम दिन रही पर्यटकों की भीड़
बरसात की समाप्ति के बाद अक्तूबर से पर्यटन गतिविधियों की बहाली की उम्मीद
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बरसात के दौरान सोमवार से वहां पर्यटकों को प्रवेश नहीं मिल सकेगा। हालांकि कच्ची सड़कों के आवागमन योग्य रहने पर सीटीआर का ढेला और झिरना जोन पर्यटकों के लिए सालभर खुला रहता है, लेकिन नदी, नालों में बाढ़ आने पर इन जोनों को भी बंद कर दिया जाता है। रामनगर वन प्रभाग के डीएफओ भूपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि अंतिम दिन की पर्यटन गतिविधियों से करीब एक लाख रुपये का राजस्व मिला है। वहीं नयागांव कालाढूंगी के कॉर्बेट फॉल, चूनाखान के बाराती रौ झरने समेत कमोला गांव के लदुवागाड़ झरने को भी सोमवार से पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है ताकि वन्यजीवों के संरक्षण समेत जानमाल की क्षति को भी रोका जा सके।
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बिजरानी, सीतावनी में अंतिम दिन रही पर्यटकों की भीड़
बरसात की समाप्ति के बाद अक्तूबर से पर्यटन गतिविधियों की बहाली की उम्मीद