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कैदियों से मुलाकात के लिए मिलेगी ऑनलाइन डेट
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- फोटो : pexels.com
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हल्द्वानी। उप कारागार में दो सप्ताह बाद ई प्रिजन सिस्टम चालू हो जाएगा। अब घर बैठे ऑनलाइन फार्म भरकर मुलाकाती बंदी से मुलाकात के लिए समय ले सकेंगे। कैदियों की स्थिति भी एप के जरिये मालूम हो जाएगी।
देहरादून की तरह हल्द्वानी जेल भी जुलाई से हाईटेक हो जाएगी। वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज आर्या ने बताया कि जेल में ई प्रिजन सिस्टम शुरू करने के लिए छह कंप्यूटर लगाए गए हैं।। इसके लिए शासन से पहले ही धन मिल गया था। हल्द्वानी जेल के दो कर्मचारी हरिश्चंद्र पांडे और संदीप थुयाल देहरादून से ट्रेनिंग लेकर आए हैं। उन्होंने जेल में बंद 1100 बंदियों का डॉटा ई प्रिजन सिस्टम में अपलोड कर दिया है।
इस सिस्टम में बंदियों का बायोमेट्रिक डॉटा रखा गया है, ताकि कैदी के अंगुठे का निशान कभी भी लगाने पर उसकी जेल में रहने की अवधि का चंद सेकेंड में पता लगाया जा सकेगा। कैदियों के परिजन यदि मुलाकात करना चाहते हैं तो उनको हल्द्वानी आकर इंतजार करने और प्रार्थनापत्र देेने की जरूरत नहीं होगी। ऐसे लोग घर बैठे फार्म भरकर मुलाकात का समय ले सकते हैं। कैदियों को भी एक आईडी जारी की जाएगी।
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बंदियों से मुलाकात के लिए अब मिलेगी ऑनलाइन डेट
जेल में ई- प्रिजन सिस्टम अगले माह से शुरू होगा, घर बैठे कैदियों की स्थिति मालूम होगी
1100 बंदियों का डॉटा ई प्रिजन सिस्टम में अपलोड
दूसरी जेल में बंद कैदी की स्थिति का भी पता चल सकेगा
हल्द्वानी। इस सिस्टम से प्रदेश की किसी जेल में बंद कैदी की स्थिति का पता लगाया जा सकता है। यदि दूसरे प्रदेश में कई जेल गया है तो उसकी स्थिति का भी पता चल जाएगा। जेल अधिकारियों के ऊपर कागजों का बोझ थोड़ा कम होगा। फाइलों में नजर गड़ाने की जगह एक क्लिक में किसी कैदी की स्थिति जानने में देर नहीं लगेगी।
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देहरादून की तरह हल्द्वानी जेल भी जुलाई से हाईटेक हो जाएगी। वरिष्ठ जेल अधीक्षक मनोज आर्या ने बताया कि जेल में ई प्रिजन सिस्टम शुरू करने के लिए छह कंप्यूटर लगाए गए हैं।। इसके लिए शासन से पहले ही धन मिल गया था। हल्द्वानी जेल के दो कर्मचारी हरिश्चंद्र पांडे और संदीप थुयाल देहरादून से ट्रेनिंग लेकर आए हैं। उन्होंने जेल में बंद 1100 बंदियों का डॉटा ई प्रिजन सिस्टम में अपलोड कर दिया है।
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इस सिस्टम में बंदियों का बायोमेट्रिक डॉटा रखा गया है, ताकि कैदी के अंगुठे का निशान कभी भी लगाने पर उसकी जेल में रहने की अवधि का चंद सेकेंड में पता लगाया जा सकेगा। कैदियों के परिजन यदि मुलाकात करना चाहते हैं तो उनको हल्द्वानी आकर इंतजार करने और प्रार्थनापत्र देेने की जरूरत नहीं होगी। ऐसे लोग घर बैठे फार्म भरकर मुलाकात का समय ले सकते हैं। कैदियों को भी एक आईडी जारी की जाएगी।
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बंदियों से मुलाकात के लिए अब मिलेगी ऑनलाइन डेट
जेल में ई- प्रिजन सिस्टम अगले माह से शुरू होगा, घर बैठे कैदियों की स्थिति मालूम होगी
1100 बंदियों का डॉटा ई प्रिजन सिस्टम में अपलोड
दूसरी जेल में बंद कैदी की स्थिति का भी पता चल सकेगा
हल्द्वानी। इस सिस्टम से प्रदेश की किसी जेल में बंद कैदी की स्थिति का पता लगाया जा सकता है। यदि दूसरे प्रदेश में कई जेल गया है तो उसकी स्थिति का भी पता चल जाएगा। जेल अधिकारियों के ऊपर कागजों का बोझ थोड़ा कम होगा। फाइलों में नजर गड़ाने की जगह एक क्लिक में किसी कैदी की स्थिति जानने में देर नहीं लगेगी।