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बच्चों तक बालसाहित्य पहुंचाना है चुनौती : शेखर पाठक
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नैनीताल में बालकवि सम्मेलन
- फोटो : अमर उजाला
नैनीताल। पद्मश्री डॉ. शेखर पाठक ने कहा कि आज के समय में बाल साहित्यकारों द्वारा बहुत सी रचनाएं की जा रही है लेकिन उन रचनाओं को बच्चों तक पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती है। डॉ. पाठक राष्ट्रीय बाल साहित्य संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
बच्चों में साहित्यिक विकास के उद्देश्य से बाल प्रहरी, बाल साहित्य संस्थान की ओर से अरविंदों आश्रम में तीन दिवसीय राष्ट्रीय बाल साहित्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया था, जिसमें देशभर के 103 बाल साहित्यकारों ने हिस्सा लिया। सोमवार को समापन अवसर पर अलग-अलग श्रेणियों में बाल साहित्यकारों को सम्मानित किया गया। आगरा की डॉ. उषा अग्रवाल को डॉ. राष्ट्रबंधु बाल साहित्य सम्मान से नवाजा गया। गुरुग्राम के घमंडीलाल अग्रवाल, बीकानेर की संगीता सेठी, आगरा की सुशील सरित, श्रीनगर की डॉ. कविता भट्ट, दिल्ली की डॉ. कामना सिंह, चंपावत के डॉ. जगदीश पंत, डॉ. विष्णु शास्त्री को बाल साहित्य सम्मान 2019 दिया गया। गुडविन मसीह, अब्दुल समद राही, डॉ. विनीता राहुरीकर, शिवचरण सरोहा, डॉ शील कौशिक, अखिलेश श्रीवास्तव, अल्का प्रमोद को गंगा अधिकारी स्मृति बाल कहानी प्रतियोगिता के तहत सम्मानित किया गया। इस मौके पर विख्यात छायाकार पद्मश्री अनूप साह ने कहा कि बच्चों को चित्रात्मक साहित्य बहुत अधिक पसंद होता है इसलिए साहित्यकारों को अपनी रचनाओं में चित्रों की भूमिका को नही भूलना चाहिए। आकाशवाणी के पूर्व सहायक निदेशक डॉ. हरि सिंह पाल ने बालसाहित्य को विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों से जोड़ने की बात कही। इस दौरान मुन्नी तिवारी, उदय किरौला, नरेंद्र परिहार, हिमांशु पांडे, उमा भट्ट, फतेह सिंह लोढ़ा, दीपा कांडपाल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
बच्चों तक बाल साहित्य पहुंचाना चुनौती : शेखर पाठक
राष्ट्रीय बाल साहित्य संगोष्ठी में बाल साहित्यकारों को दिया गया बाल साहित्य सम्मान
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बच्चों में साहित्यिक विकास के उद्देश्य से बाल प्रहरी, बाल साहित्य संस्थान की ओर से अरविंदों आश्रम में तीन दिवसीय राष्ट्रीय बाल साहित्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया था, जिसमें देशभर के 103 बाल साहित्यकारों ने हिस्सा लिया। सोमवार को समापन अवसर पर अलग-अलग श्रेणियों में बाल साहित्यकारों को सम्मानित किया गया। आगरा की डॉ. उषा अग्रवाल को डॉ. राष्ट्रबंधु बाल साहित्य सम्मान से नवाजा गया। गुरुग्राम के घमंडीलाल अग्रवाल, बीकानेर की संगीता सेठी, आगरा की सुशील सरित, श्रीनगर की डॉ. कविता भट्ट, दिल्ली की डॉ. कामना सिंह, चंपावत के डॉ. जगदीश पंत, डॉ. विष्णु शास्त्री को बाल साहित्य सम्मान 2019 दिया गया। गुडविन मसीह, अब्दुल समद राही, डॉ. विनीता राहुरीकर, शिवचरण सरोहा, डॉ शील कौशिक, अखिलेश श्रीवास्तव, अल्का प्रमोद को गंगा अधिकारी स्मृति बाल कहानी प्रतियोगिता के तहत सम्मानित किया गया। इस मौके पर विख्यात छायाकार पद्मश्री अनूप साह ने कहा कि बच्चों को चित्रात्मक साहित्य बहुत अधिक पसंद होता है इसलिए साहित्यकारों को अपनी रचनाओं में चित्रों की भूमिका को नही भूलना चाहिए। आकाशवाणी के पूर्व सहायक निदेशक डॉ. हरि सिंह पाल ने बालसाहित्य को विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रमों से जोड़ने की बात कही। इस दौरान मुन्नी तिवारी, उदय किरौला, नरेंद्र परिहार, हिमांशु पांडे, उमा भट्ट, फतेह सिंह लोढ़ा, दीपा कांडपाल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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बच्चों तक बाल साहित्य पहुंचाना चुनौती : शेखर पाठक
राष्ट्रीय बाल साहित्य संगोष्ठी में बाल साहित्यकारों को दिया गया बाल साहित्य सम्मान