फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Nainital News ›   फेल हो चुके प्रोजेक्ट की तर्ज पर हो रहा बलिया नाले का ट्रीटमेंट

फेल हो चुके प्रोजेक्ट की तर्ज पर हो रहा बलिया नाले का ट्रीटमेंट

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 07 Jun 2019 02:27 AM IST
विज्ञापन
फेल हो चुके प्रोजेक्ट की तर्ज पर हो रहा बलिया नाले का ट्रीटमेंट
बलियानाला नैनीताल - फोटो : अमर उजाला
नैनीताल। बलियानाले के ट्रीटमेंट के लिए बनाया गया 41 करोड़ का प्रोजेक्ट भले ही आधे में फेल हो गया हो, लेकिन उसी तर्ज पर ट्रीटमेंट कार्य आज भी जारी है। बीते ढाई साल में लगभग 20 करोड़ खर्च करके कराए गए कार्य का लगभग एक किमी का हिस्सा धराशायी हो चुका है, इसके बाद भी दीवारों और फर्श निर्माण का कार्य बदस्तूर चल रहा है। इससे सवाल पैदा हो रहा है कि जब पहले ही यह प्रोजेक्ट आधे में फेल हो चुका है तो आखिर उसी पैटर्न पर अब भी काम क्यों कराया जा रहा है। सरकारी पैसे की इस तरह बर्बादी क्यों की जा रही है।
विज्ञापन

बलियानाले में कई वर्षों से लगातार भूस्खलन हो रहा है। भूस्खलन को रोकने के लिए साल 2017 में सिंचाई विभाग की ओर से लगभग 41 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट बनाया गया। इसके तहत पहले 1.805 किमी की दूरी में मरम्मत कार्य किया जाना था, लेकिन बाद में विभागीय अधिकारियों ने इसे बढ़ाकर 2.305 मीटर कर दिया। इस कार्य में से एक किमी से ज्यादा का क्षेत्र क्षतिग्रस्त हो चुका है। अधिकतर दीवारें जमींदोज हैं। बेड भी छिन्न-भिन्न हो गया है। एक किमी में कराया गया अधिकतर कार्य मौके पर दिखाई नहीं दे रहा है। बीते वर्षाकाल में ही योजना फेल हो चुकी है, इसके बाद भी उसी पैटर्न में काम जारी है।
विज्ञापन



फेल हो चुके प्रोजेक्ट की तर्ज पर हो रहा बलियानाले का ट्रीटमेंट
बीते ढाई साल में 20 करोड़ के कार्य का लगभग एक किमी हिस्सा हो चुका है धराशायी

गुणवत्ता का नहीं रखा जा रहा ध्यान
अमर उजाला की टीम ने जब बलियानाला पहुंचकर गुणवत्ता की जांच-पड़ताल की तो पता चला कि मौके से रेता, बजरी उठाकर वहीं पर निर्माण कार्य किया जा रहा है। नियमानुसार निर्माण कार्य होने के दौरान सिंचाई विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी मौजूद रहना चाहिए, लेकिन मौके पर कोई अधिकारी-कर्मचारी नहीं मिला। ऐसे में निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन



एक वर्ष के प्रोजेक्ट को बना दिया पंचवर्षीय योजना
सूत्रों के अनुसार बलियानाले के ट्रीटमेंट के लिए साल 2017 में बनी योजना सिर्फ एक साल के लिए थी, लेकिन योजना का समय लगातार बढ़ता जा रहा है। एक साल का प्रोजेक्ट पंचवर्षीय योजना में तब्दील होता दिखाई दे रहा है। लगभग तीन साल बीत गए हैं, लेकिन योजना अब भी पूरी नहीं हो सकी है। योजना को पूरा करने में अभी और कितना समय लगेगा इसका जवाब किसी के पास नहीं है।

फिर सिर पर आ गया वर्षाकाल
बीते वर्ष बलियानाले में होने वाले भूस्खलन के दौरान सिंचाई विभाग का ट्रीटमेंट कार्य कोई मदद नहीं कर सका। भूस्खलन इतना बड़ा था कि विभागीय ट्रीटमेंट बौना साबित हुआ। कराए गए कार्य को भूस्खलन अपने साथ बहाकर ले गया। करोड़ों रुपये खर्च करने का कोई फायदा जनता को नहीं मिला। अब वर्षाकाल फिर से सिर पर है। इस बार भी विभागीय कार्य के बीते वर्ष की तरह ही क्षतिग्रस्त होने की आशंका है।

ईई का फोन स्विच ऑफ
प्रकरण में बात करने के लिए सिंचाई विभाग के ईई हरीश चंद्र सिंह को फोन किया गया, लेकिन उनका फोन स्विच ऑफ आता रहा है। ऐसे में उनका पक्ष नहीं जाना जा सका।



बलियानाले के ट्रीटमेंट का प्रोजेक्ट फेल नहीं हुआ है। 41 करोड़ रुपये से कराया गया कार्य मौके पर मौजूद है। जहां तक मौके पर किसी अधिकारी-कर्मचारी के मौजूद नहीं रहने का सवाल है तो इसे दिखवाया जाएगा। -डीडी सती, एई सिंचाई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed