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भारत के प्रधानमंत्रियों की नीतियों का अध्ययन करेंगे विद्यार्थी
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नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित देश की आजादी के बाद रहे प्रधानमंत्रियों की नीतियों का विद्यार्थी अध्ययन कर सकेंगे। इस अध्याय का समावेश राजनीतिशास्त्र एवं लोक प्रशासन विषय में किया जाएगा। संबंधित प्रस्ताव को मंजूर करते हुए कार्यवाहक कुलपति प्रो.केएस राना की अध्यक्षता में त्रिस्तरीय कमेटी के माध्यम से एक सप्ताह में पाठ्यक्रम को तैयार कराने का फैसला विवि अकादमिक परिषद की बैठक में लिया गया।
विश्वविद्यालय के एचआरडीसी सभागार में मंगलवार को विवि अकादमिक परिषद (एसी) की बैठक हुई। इसमें कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय की संकाय मंडल से पास होकर आए नए रोजगारपरक विषयों के पाठ्यक्रमों सहित अन्य प्रस्तावों को अनुमोदित किया गया। एसी ने हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास, योग, सैन्य विज्ञान विभाग के नाम बदलने, विदेशी भाषाओं में डिप्लोमा कोर्सों शुरू करने, बीपीएड, बीपीईएस पाठ्यक्रम शुरू करने पर भी सहमति जताई। वहीं विवेकानंद पीठ की स्थापना करने, भारतीय, दर्शन एवं आध्यात्म विषय पढ़ाने को अनुमोदित किया गया। एसी ने विज्ञान में तीन के स्थान पर दो प्रश्नपत्र करने, विज्ञान, वाणिज्य संकाय में हिंदी भाषा विषय को आधार पाठ्यक्रम के रूप में पढ़ाने और पीएचडी शोध ग्रंथ में परीक्षक का नाम संदर्भ सूची में दर्ज होने के नियम को समाप्त करने के प्रस्ताव भी अनुमोदित किए गए।
वहीं, व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में एक समान अंक निर्धारण करने पर भी सहमति बनी। कुलपति प्रो. राना ने कहा कि पाठ्यक्रमों को शुरू करने के बाद इनका सही से संचालन भी अनिवार्य है। इस दौरान परिसर निदेशक प्रो. एलएम जोशी, प्रो. आरएस पथनी, डीन प्रो. गंगा बिष्ट, प्रो. एसए हामिद, प्रो. बीपी सिंघल, उप कुलसचिव केआर भट्ट, प्रो. संजय पंत, प्रो. राजीव उपाध्याय, प्रो. एसपीएस मेहता, प्रो. सीसी पंत, प्रो. एसपीएस बिष्ट, प्रो. डीके भट्ट, प्रो. प्रदीप गोस्वामी, डॉ. नवीन भट्ट आदि थे। संचालन कुलसचिव डॉ. महेश कुमार ने किया।
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भारत के प्रधानमंत्रियों की नीतियों का अध्ययन करेंगे विद्यार्थी
- कुमाऊं विवि: अकादमिक परिषद ने कई प्रस्तावों को किया अनुमोदित
- कला संकाय के पांच विभागों के नाम परिवर्तन को भी मिली मंजूरी
इन नए पाठ्यक्रमों को भी किया गया अनुमोदित
- मनोविज्ञान विभाग में क्लीनिकल साइकोलॉजी, एंथ्रोपोलॉजी में डिप्लोमा
- समाज शास्त्र में मास्टर इन सोशियल वर्क (एमएसडब्ल्यू)
- विज्ञान संकाय में पर्यावरण विज्ञान का विभाग स्थापित करने
- एमएससी बायोकेमिस्ट्री, बायोमाइक्रोलॉजी
- रसायन विज्ञान विभाग में नैनोटेक्नोलॉजी एंड कैंसर बायोलॉजी
- फॉरेस्ट्री विभाग में पीजी डिप्लोमा इन फॉरेस्ट्री
- बीएससी फायर एंड सेफ्टी
- जंतु विज्ञान विभाग में फिशरी एवं एक्वाकल्चर, कीट विज्ञान तथा पेस्ट कंट्रोल, वाइल्ड लाइफ, बायोडायवर्सिटी पाठ्यक्रम
- पत्रकारिता विभाग में पीजी डिप्लोमा इन मल्टी मीडिया एंड मासकॉम
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विश्वविद्यालय के एचआरडीसी सभागार में मंगलवार को विवि अकादमिक परिषद (एसी) की बैठक हुई। इसमें कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय की संकाय मंडल से पास होकर आए नए रोजगारपरक विषयों के पाठ्यक्रमों सहित अन्य प्रस्तावों को अनुमोदित किया गया। एसी ने हिंदी, अंग्रेजी, इतिहास, योग, सैन्य विज्ञान विभाग के नाम बदलने, विदेशी भाषाओं में डिप्लोमा कोर्सों शुरू करने, बीपीएड, बीपीईएस पाठ्यक्रम शुरू करने पर भी सहमति जताई। वहीं विवेकानंद पीठ की स्थापना करने, भारतीय, दर्शन एवं आध्यात्म विषय पढ़ाने को अनुमोदित किया गया। एसी ने विज्ञान में तीन के स्थान पर दो प्रश्नपत्र करने, विज्ञान, वाणिज्य संकाय में हिंदी भाषा विषय को आधार पाठ्यक्रम के रूप में पढ़ाने और पीएचडी शोध ग्रंथ में परीक्षक का नाम संदर्भ सूची में दर्ज होने के नियम को समाप्त करने के प्रस्ताव भी अनुमोदित किए गए।
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वहीं, व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में एक समान अंक निर्धारण करने पर भी सहमति बनी। कुलपति प्रो. राना ने कहा कि पाठ्यक्रमों को शुरू करने के बाद इनका सही से संचालन भी अनिवार्य है। इस दौरान परिसर निदेशक प्रो. एलएम जोशी, प्रो. आरएस पथनी, डीन प्रो. गंगा बिष्ट, प्रो. एसए हामिद, प्रो. बीपी सिंघल, उप कुलसचिव केआर भट्ट, प्रो. संजय पंत, प्रो. राजीव उपाध्याय, प्रो. एसपीएस मेहता, प्रो. सीसी पंत, प्रो. एसपीएस बिष्ट, प्रो. डीके भट्ट, प्रो. प्रदीप गोस्वामी, डॉ. नवीन भट्ट आदि थे। संचालन कुलसचिव डॉ. महेश कुमार ने किया।
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भारत के प्रधानमंत्रियों की नीतियों का अध्ययन करेंगे विद्यार्थी
- कुमाऊं विवि: अकादमिक परिषद ने कई प्रस्तावों को किया अनुमोदित
- कला संकाय के पांच विभागों के नाम परिवर्तन को भी मिली मंजूरी
इन नए पाठ्यक्रमों को भी किया गया अनुमोदित
- मनोविज्ञान विभाग में क्लीनिकल साइकोलॉजी, एंथ्रोपोलॉजी में डिप्लोमा
- समाज शास्त्र में मास्टर इन सोशियल वर्क (एमएसडब्ल्यू)
- विज्ञान संकाय में पर्यावरण विज्ञान का विभाग स्थापित करने
- एमएससी बायोकेमिस्ट्री, बायोमाइक्रोलॉजी
- रसायन विज्ञान विभाग में नैनोटेक्नोलॉजी एंड कैंसर बायोलॉजी
- फॉरेस्ट्री विभाग में पीजी डिप्लोमा इन फॉरेस्ट्री
- बीएससी फायर एंड सेफ्टी
- जंतु विज्ञान विभाग में फिशरी एवं एक्वाकल्चर, कीट विज्ञान तथा पेस्ट कंट्रोल, वाइल्ड लाइफ, बायोडायवर्सिटी पाठ्यक्रम
- पत्रकारिता विभाग में पीजी डिप्लोमा इन मल्टी मीडिया एंड मासकॉम