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शैक्षिक संस्थानों में महिलाओं के यौन उत्पीड़न पर कार्यशाला
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रामनगर (नैनीताल)। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना, विशाखा ग्रुप की ओर से महाविद्यालय में शैक्षिक संस्थानों में महिलाओं के यौन उत्पीड़न के विषय पर जागरूकता फैलाने के लिए एक दिवसीय कार्यशाला यौन उत्पीड़न विषय पर आयोजित की गई। जायकूंन टेक्नोलॉजीज ने विशाखा एप्लीकेशन के द्वारा एक ऐसा मंच प्रस्तुत किया जो कि पॉश अधिनियम, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की समस्या को खत्म करने पर केंद्रित है। विशाखा जायकूंन टेक्नोलॉजीज का प्लेटफार्म है जो पॉश अधिनियम 2013 पर आधारित एक संपूर्ण समाधान प्रदान करता है। जायकूंन टेक्नोलॉजीस गुरुग्राम की फाउंडर दीपिका अरोरा के विचारानुसार आज की दुनिया में हम दिन प्रतिदिन की समस्याओं का हल डिजिटल समाधानों के माध्यम से आसान करने का प्रयास करते है। कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न एक कड़वी सच्चाई है। विशाला प्लेटफार्म एक कोशिश है। कार्यशाला में विशाखा टीम लीडर सजल कुमार, नैंसी खुराना, ललित मोहन, कोमल राजपूत एवं महाविद्यालय के प्राध्यापकों में डॉ. डीएस कुंवर, डॉ. जीसी पंत, डॉ. धर्मेंद्र कुमार, डॉ. जया भट्ट, डॉ. दीपक खाती, डॉ. कृष्णा भारती, डॉ. डीएन जोशी आदि थे।
शैक्षिक संस्थानों में महिलाओं के यौन उत्पीड़न पर कार्यशाला
राष्ट्रीय सेवा योजना, विशाखा ग्रुप की कार्यशाला
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राष्ट्रीय सेवा योजना, विशाखा ग्रुप की कार्यशाला