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अस्पताल की ओपीडी सेवाएं ध्वस्त
Updated Wed, 05 Dec 2018 01:32 AM IST
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रामनगर के अस्पताल में मरीज को भभूत लगाता डंगरिया।
- फोटो : अमर उजाला
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रामनगर (नैनीताल)। साल के अंतिम माह में रामदत्त जोशी राजकीय संयुक्त चिकित्सालय के अधिकतर डॉक्टर अवकाश हैं। बचे तीन डॉक्टरों को दोहरी ड्यूटी करनी पड़ रही है। इस कारण अस्पताल में ओपीडी सेवाएं चरमरा गई हैं। ऐसे में ओपीडी में कम डॉक्टर मिलने से मरीजों को परेशानी हो रही है।
अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. बीडी जोशी शुक्रवार से बास्ती बागेश्वर गए हैं, जहां पर दूषित भोजन से बीमार लोगों का उपचार कर रहे हैं। डॉ. प्रशांत कौशिक दो दिन के अवकाश पर हैं। डॉ. एनएस रावत 15 दिन के लिए पितृ अवकाश पर हैं। ऐसे में अस्पताल में फिजिशियन डॉ. जितेंद्र भट्ट, डॉ. राजीव पुनेठा, डॉ. कुमार आदित्य तिवारी ही बचे हैं। इन डॉक्टरों को इमरजेंसी, पोस्टमार्टम ड्यूूटी पर भी लगाया जा रहा है। इस कारण डॉक्टरों को दो-दो ड्यूटी करनी पड़ रही हैं। रात में इमरजेंसी ड्यूूटी वाले डॉक्टर की दिन में छुट्टी रहती है। ओपीडी सेवाएं प्रभावित रहने से रोजाना करीब 400 मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में मरीजों की भीड़ को देखते हुए खुद सीएमएस ओपीडी के मरीज देखने को मजबूर हैं। सीएमएस डॉ. टीके पंत ने बताया कि चिकित्सकों की कमी के चलते विशेषज्ञों से ईएमओ का काम लिया जा रहा है। इसकी वजह से ओपीडी प्रभावित हो रही है। कई बार शासन को पत्राचार कर चिकित्सकों की मांग की गई है।
अस्पताल की ओपीडी सेवाएं ध्वस्त
विशेषज्ञों से लिया जा रहा ईएमओ का काम
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अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. बीडी जोशी शुक्रवार से बास्ती बागेश्वर गए हैं, जहां पर दूषित भोजन से बीमार लोगों का उपचार कर रहे हैं। डॉ. प्रशांत कौशिक दो दिन के अवकाश पर हैं। डॉ. एनएस रावत 15 दिन के लिए पितृ अवकाश पर हैं। ऐसे में अस्पताल में फिजिशियन डॉ. जितेंद्र भट्ट, डॉ. राजीव पुनेठा, डॉ. कुमार आदित्य तिवारी ही बचे हैं। इन डॉक्टरों को इमरजेंसी, पोस्टमार्टम ड्यूूटी पर भी लगाया जा रहा है। इस कारण डॉक्टरों को दो-दो ड्यूटी करनी पड़ रही हैं। रात में इमरजेंसी ड्यूूटी वाले डॉक्टर की दिन में छुट्टी रहती है। ओपीडी सेवाएं प्रभावित रहने से रोजाना करीब 400 मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में मरीजों की भीड़ को देखते हुए खुद सीएमएस ओपीडी के मरीज देखने को मजबूर हैं। सीएमएस डॉ. टीके पंत ने बताया कि चिकित्सकों की कमी के चलते विशेषज्ञों से ईएमओ का काम लिया जा रहा है। इसकी वजह से ओपीडी प्रभावित हो रही है। कई बार शासन को पत्राचार कर चिकित्सकों की मांग की गई है।
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अस्पताल की ओपीडी सेवाएं ध्वस्त
विशेषज्ञों से लिया जा रहा ईएमओ का काम