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जू में दिखेगा नरभक्षी तेंदुआ
Updated Sat, 01 Dec 2018 01:48 AM IST
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नैनीताल। कभी पौड़ी गढ़वाल में दहशत का पर्याय रहा नरभक्षी तेंदुआ रेस्क्यू सेंटर रानीबाग में तीन साल तक रखा गया। अब यह नैनीताल जू की शोभा बढ़ाएगा। इसके लिए तेंदुए को रानीबाग रेस्क्यू सेंटर से जू में लाया जा चुका है। डॉक्टरों से परीक्षण कराने के बाद उसे दर्शकों के सामने लाया जाएगा।
पौड़ी वन प्रभाग में 2015 में तेंदुए ने 21 सितंबर को लक्ष्मी देवी नाम की महिला को मार दिया था। तब से आसपास के गांवों में दहशत थी। ग्रामीणों की मांग पर उसे नरभक्षी घोषित कर बड़े पैमाने पर उसे पकड़ने के प्रयास शुरू किए गए। कई दिन तक चले तलाशी अभियान के बाद 28 सितंबर की रात एक तेंदुआ वन विभाग के पिंजरे में फंस गया। उसे रानीबाग स्थित रेस्क्यू सेंटर लाया गया। तब से उसकी देखभाल की जा रही थी। अब उसे दर्शकों के दीदार के लिए नैनीताल जू में स्थानांतरित कर दिया गया है। जू के निदेशक बीजू लाल टीआर ने बताया कि कुछ दिन तक उसे क्वारंटीन में रखकर उस पर नजर रखी जाएगी। जब यह पूरी तरह से निश्चित हो जाएगा कि तेंदुआ अब किसी को नुकसान नहीं पहुंचाएगा तो डॉक्टरों की सलाह के बाद उसे दर्शकों के सामने वाले बाड़े में रखा जाएगा। जू के वन्यजीव चिकित्सक डॉ. योगेश भारद्वाज और डॉ. हिमांशु पांगती की निगरानी में सघन जांच, देखरेख के बाद उसे दर्शकों को दिखाया जाएगा।
नैनीताल जू पहुंचाया पौड़ी का नरभक्षी तेंदुआ
तीन साल पहले पौड़ी से रेस्क्यू सेंटर रानीबाग लाया गया था
डॉक्टरों से मेडिकल कराने के बाद उसे दर्शकों के सामने लाया जाएगा
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पौड़ी वन प्रभाग में 2015 में तेंदुए ने 21 सितंबर को लक्ष्मी देवी नाम की महिला को मार दिया था। तब से आसपास के गांवों में दहशत थी। ग्रामीणों की मांग पर उसे नरभक्षी घोषित कर बड़े पैमाने पर उसे पकड़ने के प्रयास शुरू किए गए। कई दिन तक चले तलाशी अभियान के बाद 28 सितंबर की रात एक तेंदुआ वन विभाग के पिंजरे में फंस गया। उसे रानीबाग स्थित रेस्क्यू सेंटर लाया गया। तब से उसकी देखभाल की जा रही थी। अब उसे दर्शकों के दीदार के लिए नैनीताल जू में स्थानांतरित कर दिया गया है। जू के निदेशक बीजू लाल टीआर ने बताया कि कुछ दिन तक उसे क्वारंटीन में रखकर उस पर नजर रखी जाएगी। जब यह पूरी तरह से निश्चित हो जाएगा कि तेंदुआ अब किसी को नुकसान नहीं पहुंचाएगा तो डॉक्टरों की सलाह के बाद उसे दर्शकों के सामने वाले बाड़े में रखा जाएगा। जू के वन्यजीव चिकित्सक डॉ. योगेश भारद्वाज और डॉ. हिमांशु पांगती की निगरानी में सघन जांच, देखरेख के बाद उसे दर्शकों को दिखाया जाएगा।
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नैनीताल जू पहुंचाया पौड़ी का नरभक्षी तेंदुआ
तीन साल पहले पौड़ी से रेस्क्यू सेंटर रानीबाग लाया गया था
डॉक्टरों से मेडिकल कराने के बाद उसे दर्शकों के सामने लाया जाएगा