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सालमगढ़ की ज्योति को निवाला बनाने वाले तेंदुए को मारने को शिकारी लखपत ने संभाला मोर्चा
Updated Fri, 21 Sep 2018 11:09 PM IST
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गरुड़ (बागेश्वर)। सालमगढ़ की मासूम ज्योति को निवाला बनाने वाले नरभक्षी तेंदुए को मार गिराने के लिए शिकारी लखपत शुक्रवार को सालमगढ़ पहुंचे। पीड़ित परिवार के परिजनों को सांत्वना देने के बाद उन्होंने तेंदुए को मार गिराने के लिए गांव में मोर्चा संभाल लिया है।
गढ़खेत रेंज के सालमगढ़ गांव निवासी चतुर सिंह परिहार की चार साल की मासूम ज्योति को तेंदुए ने तीन सितंबर की शाम निवाला बना लिया था। तेंदुए द्वारा सालमगढ़ और हरीनगरी में छह मोहे के अंदर तीन मासूमों को निवाला बनाने से क्षेत्र के लोगों में शासन, प्रशासन के प्रति आक्रोश बढ़ गया था। ग्रामीणों की मांग पर वन विभाग ने तेंदुए को मारने के आदेश दो सप्ताह पूर्व दे दिए थे। सालमगढ़ के उप प्रधान धन सिंह, नौगांव के पूर्व क्षेपं सदस्य त्रिलोक सिंह बुटोला ने बताया कि लखपत सिंह के गांव आने से ग्रामीणों को विश्वास है कि शिकारी अब जल्द ही आदमखोर तेंदुए को अपना निशाना बना लेंगे। शिकारी के साथ सालमगढ़ के जंगल में वन रेंजर बीएस रमोला, गुलाब कोरंगा, सुरेंद्र सिंह, बलवंत सिंह ने मार्चा संभाला है।
ड्रोन में कैद हुई मादा तेंदुआ
गरुड़ (बागेश्वर)। वन रेंजर गढ़खेत बीएस रमोला ने बताया कि वन विभाग ने तेंदुए को कैमरे में कैद करने के लिए सालमगढ़ के जंगल में चार ड्रोन कैमरे लगाए हैं। कुछ दिन पूर्व एक मादा तेंदुआ ड्रोन कैमरे में कैद हुई थी। तेंदुए ने गांव के प्राथमिक स्कूल के पास लगे पिंजरे में डाली गई बकरी पर वार करने की कोशिश की थी।
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रतमटिया में बेखौफ घूम रहे तेंदुुए से ग्रामीणों में दहशत
बागेश्वर। जिला मुख्यालय से लगी बिलौना ग्राम पंचायत के रतमटिया में तेंदुआ दिन दहाड़े घूम रहा है। तेंदुए के धमकनेेे से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। तेंदुए के भय से जहां बच्चों का घर के आंगन में खेलना मुश्किल हो गया है वहीं लोग अकेले में जंगल जाने में डर रहे हैं।
बिलौना के रतमटिया तोक के ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार सुबह छह बजे तेंदुआ गांव में धमक आया। होहल्ला करने पर वह जंगल की ओर भाग गया। वन विभाग को तेंदुए से आतंक से निजात दिलाने के लिए कई बार मांग कर दी है लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। उन्होंने डीएम से तेंदुए को पकड़ने के लिए शीघ्र पिंजरा लगाने की मांग की है। मांग करने वालों में प्रधान कैलाश गढ़िया, जानकी पांडे, हरीश पांडे, शेखर पांडे, ललित, ममता, हंशी पांडे आदि थे।
उधर नदीगांव, जौलकांडे में भी तेंदुआ मंडरा रहा है। शुक्रवार को तेंदुए ने जौलकांडे में एक बैल पर हमला कर दिया। ग्रामीणों के आने के बाद तेंदुआ बैल को मरणासन्न छोड़कर भाग गया। दूसरी ओर कमेड़ी देवी में तेंदुए ने गोपाल धामी की बकरी पर हमला कर दिया।
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गढ़खेत रेंज के सालमगढ़ गांव निवासी चतुर सिंह परिहार की चार साल की मासूम ज्योति को तेंदुए ने तीन सितंबर की शाम निवाला बना लिया था। तेंदुए द्वारा सालमगढ़ और हरीनगरी में छह मोहे के अंदर तीन मासूमों को निवाला बनाने से क्षेत्र के लोगों में शासन, प्रशासन के प्रति आक्रोश बढ़ गया था। ग्रामीणों की मांग पर वन विभाग ने तेंदुए को मारने के आदेश दो सप्ताह पूर्व दे दिए थे। सालमगढ़ के उप प्रधान धन सिंह, नौगांव के पूर्व क्षेपं सदस्य त्रिलोक सिंह बुटोला ने बताया कि लखपत सिंह के गांव आने से ग्रामीणों को विश्वास है कि शिकारी अब जल्द ही आदमखोर तेंदुए को अपना निशाना बना लेंगे। शिकारी के साथ सालमगढ़ के जंगल में वन रेंजर बीएस रमोला, गुलाब कोरंगा, सुरेंद्र सिंह, बलवंत सिंह ने मार्चा संभाला है।
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ड्रोन में कैद हुई मादा तेंदुआ
गरुड़ (बागेश्वर)। वन रेंजर गढ़खेत बीएस रमोला ने बताया कि वन विभाग ने तेंदुए को कैमरे में कैद करने के लिए सालमगढ़ के जंगल में चार ड्रोन कैमरे लगाए हैं। कुछ दिन पूर्व एक मादा तेंदुआ ड्रोन कैमरे में कैद हुई थी। तेंदुए ने गांव के प्राथमिक स्कूल के पास लगे पिंजरे में डाली गई बकरी पर वार करने की कोशिश की थी।
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रतमटिया में बेखौफ घूम रहे तेंदुुए से ग्रामीणों में दहशत
बागेश्वर। जिला मुख्यालय से लगी बिलौना ग्राम पंचायत के रतमटिया में तेंदुआ दिन दहाड़े घूम रहा है। तेंदुए के धमकनेेे से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। तेंदुए के भय से जहां बच्चों का घर के आंगन में खेलना मुश्किल हो गया है वहीं लोग अकेले में जंगल जाने में डर रहे हैं।
बिलौना के रतमटिया तोक के ग्रामीणों ने बताया कि शुक्रवार सुबह छह बजे तेंदुआ गांव में धमक आया। होहल्ला करने पर वह जंगल की ओर भाग गया। वन विभाग को तेंदुए से आतंक से निजात दिलाने के लिए कई बार मांग कर दी है लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। उन्होंने डीएम से तेंदुए को पकड़ने के लिए शीघ्र पिंजरा लगाने की मांग की है। मांग करने वालों में प्रधान कैलाश गढ़िया, जानकी पांडे, हरीश पांडे, शेखर पांडे, ललित, ममता, हंशी पांडे आदि थे।
उधर नदीगांव, जौलकांडे में भी तेंदुआ मंडरा रहा है। शुक्रवार को तेंदुए ने जौलकांडे में एक बैल पर हमला कर दिया। ग्रामीणों के आने के बाद तेंदुआ बैल को मरणासन्न छोड़कर भाग गया। दूसरी ओर कमेड़ी देवी में तेंदुए ने गोपाल धामी की बकरी पर हमला कर दिया।