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मनरेगा के तहत हुए कार्यो में अनियमितता के आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश

Wed, 15 Aug 2018 02:24 AM IST
Updated Wed, 15 Aug 2018 02:24 AM IST
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मनरेगा के तहत हुए कार्यो में अनियमितता के आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश
नैनीताल। हाईकोर्ट ने चंपावत वन प्रभाग के अंतर्गत बालतड़ी वन क्षेत्र की 31 वन पंचायतों में मनरेगा के कार्यों में वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितता के आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। आरोपियों में तत्कालीन डीएफओ के साथ ही रेंजर, वन दरोगा और अन्य शामिल हैं।
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कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ के समक्ष हाईकोर्ट के अधिवक्ता संजय भट्ट की जनहित याचिका पर सुनवाई हुई। याची का कहना था कि उन्होंने मई 2011 में जिला अधिकारी चंपावत के समक्ष शिकायत की थी कि बालतड़ी वन पंचायत में करीब आठ लाख रुपये की लागत से चैकडैम बनाने का प्रस्ताव बनाया गया था, जो फर्जी था। याचिका में कहा गया कि इस काम में जिन ग्रामीणों को जॉब कार्ड के जरिये काम में दिखाया गया वे गांव में थे ही नहीं। हालांकि, जिला अधिकारी की जांच में यह शिकायत निराधार पाई गई। इसके खिलाफ उन्होंने लोकायुक्त में अपील की, लेकिन लोकायुक्त से भी जांच नहीं हो सकी।
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इस बीच, शिकायतकर्ता को 37 लाख रुपये का सीमेंट खरीद का पता चला और जहां से सीमेंट खरीदा गया था उन फर्मों की जानकारी वाणिज्य कर विभाग से ली गई तो ये फर्में फर्जी र्पाइं गईं। इस आधार पर शिकायतकर्ता को बालातड़ी वन पंचायत के साथ-साथ 31 अन्य पंचायतों में मनरेगा के तहत हुए कार्यों में वित्तीय व प्रशासनिक अनियमितता की जानकारी मिली जो एक करोड़ सत्रह लाख रुपये की थी। इस मामले की जांच के लिए याचिकाकर्ता ने मई 2015 में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की थी। तब हाईकोर्ट के निर्देश पर सरकार ने तीन जून 2015 को इन अनियमितताओं की जांच के लिए कुमाऊं कमिश्नर को जांच अधिकारी नियुक्त किया था। 26 अक्तूबर 2015 को कमिश्नर ने अपनी जांच में पाया की मनरेगा के तहत हुए कार्यों में धांधली हुई है। इस आधार पर उन्होंने आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की संस्तुति की थी। बावजूद इसके आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने कमिश्नर की रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
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गांव में ही बन गई फर्में
यह घोटाला एक करोड़ 37 लाख 18 हजार रुपये का है। इसमें से 80 लाख से अधिक रुपये सिर्फ मजदूरी बांटना दर्शाया गया है। सीमेंट खरीद के लिए गांव में बन गई फर्म महालक्ष्मी ट्रेडर्स कुलियालगांव, भट्ट ट्रेडर्स कुलियालगांव, महाराणा ट्रेडर्स बिरगुल, मनोज ट्रेडर्स टनकपुर, जोशी सीमेंट सेंटर भिंगराड़ा, धर्मानंद दुकानदार पाटी।

मनरेगा : अनियमितता के आरोपियों पर मुकदमा दर्ज करने के निर्देश
चंपावत वन प्रभाग के अंतर्गत बालतड़ी वन क्षेत्र की 31 वन पंचायतों का मामला
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