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हादसे में वार्डब्वॉय की मौत, एक घायल
Updated Sat, 11 Aug 2018 02:29 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
रामनगर (नैनीताल)। नैनीताल से लौट रहे रामनगर अस्पताल के वार्डब्वॉय की सड़क हादसे में मौत हो गई, जबकि उसका साथी घायल हो गया। हादसे के बाद दोनों सड़क पर एक घंटे तक पड़े रहे, यदि समय पर उपचार मिल जाता तो शायद वार्डब्वॉय की जान बच जाती। बताया जाता है कि वार्डब्वॉय की तीन माह पहले ही शादी हुई थी।
रामनगर के संयुक्त चिकित्सालय की एंबुलेंस में ड्राइवर गोविंद सिंह बिष्ट का बेटा जितेंद्र बिष्ट (25) अस्पताल में वार्डब्वॉय था। बृहस्पतिवार दोपहर एक बजे कमिश्नर के दौरे के बाद जितेंद्र बिष्ट अपने दोस्त शुभम अग्रवाल पुत्र दिनेश अग्रवाल निवासी इंदिरा कॉलोनी के साथ स्कूटी से नैनीताल घूमने गया था। वहां से लौटते समय स्कूटी जितेंद्र सिंह चला रहा था। कमोला के पास शाम करीब साढ़े छह बजे आगे चल रही रोडवेज बस से स्कूटी टकरा गई। हादसे के बाद दोनों एक घंटा तक सड़क पर पड़े रहे। बाद में वहां से गुजर से कुछ लोगों ने दोनों को देर रात रामनगर अस्पताल भिजवाया, जहां जितेंद्र सिंह को मृत घोषित कर दिया और घायल को अस्पताल में भर्ती कराया।
सात जन्म का साथ तीन महीने में ही छूटा
वार्डब्वॉय के बड़े भाई नितिन ने बताया कि जितेंद्र तीन भाई-बहनों में मझला था और मई में उसकी शादी नैनीताल के अमगढ़ी पाटकोट निवासी कविता से हुई थी। उसने तो शादी की एलबम और वीडियो भी नहीं देखी थी। बृहस्पतिवार को नैनीताल जाने से पहले वह अपनी पत्नी कविता से कहकर गया था कि शाम को शादी का वीडियो देखेंगे। दूसरी ओर वार्डब्वॉय की पत्नी कविता का रो-रोकर बुरा हाल है और कई बार वह बेहोश हो गई, किसी तरह परिवार के लोगों ने संभाला। पोस्टमार्टम के बाद वार्ड ब्वॉय का शव जब घर लाया गया तो आसपास के लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
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हेलमेट पहना होता तो शायद बच जाती जान : शुभम
अस्पताल में भर्ती वार्ड ब्वॉय के दोस्त शुभम को जब पता चला कि उसका दोस्त अब इस दुनिया नहीं रहा तो उसकी आंखें भर आईं। उसने बताया कि दोनों को नैनीताल पहुंचकर खूब मस्ती की थी। लौटते समय कालाढूंगी के पास पेट्रोल खत्म हो गया था, करीब एक किमी स्कूटी खींचने के बाद कालाढूंगी चौराहे पर पेट्रोल भरवाया था। इसके बाद जितेंद्र ने स्कूटी चलाई और उसने हेलमेट उतार दिया था। जब वह कमोला के पास पहुंचे तो हादसा हो गया। इसके बाद उसे कुछ नहीं पता क्या हुआ।
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रामनगर के संयुक्त चिकित्सालय की एंबुलेंस में ड्राइवर गोविंद सिंह बिष्ट का बेटा जितेंद्र बिष्ट (25) अस्पताल में वार्डब्वॉय था। बृहस्पतिवार दोपहर एक बजे कमिश्नर के दौरे के बाद जितेंद्र बिष्ट अपने दोस्त शुभम अग्रवाल पुत्र दिनेश अग्रवाल निवासी इंदिरा कॉलोनी के साथ स्कूटी से नैनीताल घूमने गया था। वहां से लौटते समय स्कूटी जितेंद्र सिंह चला रहा था। कमोला के पास शाम करीब साढ़े छह बजे आगे चल रही रोडवेज बस से स्कूटी टकरा गई। हादसे के बाद दोनों एक घंटा तक सड़क पर पड़े रहे। बाद में वहां से गुजर से कुछ लोगों ने दोनों को देर रात रामनगर अस्पताल भिजवाया, जहां जितेंद्र सिंह को मृत घोषित कर दिया और घायल को अस्पताल में भर्ती कराया।
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सात जन्म का साथ तीन महीने में ही छूटा
वार्डब्वॉय के बड़े भाई नितिन ने बताया कि जितेंद्र तीन भाई-बहनों में मझला था और मई में उसकी शादी नैनीताल के अमगढ़ी पाटकोट निवासी कविता से हुई थी। उसने तो शादी की एलबम और वीडियो भी नहीं देखी थी। बृहस्पतिवार को नैनीताल जाने से पहले वह अपनी पत्नी कविता से कहकर गया था कि शाम को शादी का वीडियो देखेंगे। दूसरी ओर वार्डब्वॉय की पत्नी कविता का रो-रोकर बुरा हाल है और कई बार वह बेहोश हो गई, किसी तरह परिवार के लोगों ने संभाला। पोस्टमार्टम के बाद वार्ड ब्वॉय का शव जब घर लाया गया तो आसपास के लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
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हेलमेट पहना होता तो शायद बच जाती जान : शुभम
अस्पताल में भर्ती वार्ड ब्वॉय के दोस्त शुभम को जब पता चला कि उसका दोस्त अब इस दुनिया नहीं रहा तो उसकी आंखें भर आईं। उसने बताया कि दोनों को नैनीताल पहुंचकर खूब मस्ती की थी। लौटते समय कालाढूंगी के पास पेट्रोल खत्म हो गया था, करीब एक किमी स्कूटी खींचने के बाद कालाढूंगी चौराहे पर पेट्रोल भरवाया था। इसके बाद जितेंद्र ने स्कूटी चलाई और उसने हेलमेट उतार दिया था। जब वह कमोला के पास पहुंचे तो हादसा हो गया। इसके बाद उसे कुछ नहीं पता क्या हुआ।