{"_id":"5b58c0ea4f1c1bf6548b4ff5","slug":"153254320520-garud-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आजीविका परियोजना ने भेजी सोलह टन नाशपाती हल्द्वनी मंडी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आजीविका परियोजना ने भेजी सोलह टन नाशपाती हल्द्वनी मंडी
Updated Wed, 25 Jul 2018 11:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गरुड़ (बागेश्वर)। एकीकृत आजीविका सहयोग परियोजना की तकनीकी संस्था भुवनेश्वरी महिला आश्रम ने बागवानों को नाशपाती का उचित भाव दिलाने का बीड़ा उठाया है। परियोजना से जड़े समूहों ने बागवानों की सोलह टन नाशपाती हल्द्वानी मंडी भेज दी है।
संस्था के समन्वयक सीएम उनियाल की अध्यक्षता में शांती बाजार में हुई गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि कत्यूर घाटी में नाशपाती का प्रचुर मात्रा में उत्पादन होता है। विपणन की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बागवानों की नाशपाती हल्द्वानी मंडी तक नहीं पहुंच पाती है। आजीविका परियोजना से जुड़ी स्वयंसेवी संस्थाओं ने बागवानों की नाशपाती क्रय करनी शुरू कर दी है। नाशपाती का उचित मूल्य दिया जाएगा।
परियोजना के व्यापार समन्वयक कैलाश बिष्ट ने कहा कि सोलह टन नाशपाती हल्द्वानी मंडी भेज दी है। मौके पर प्रभागीय परियोजना अधिकारी धर्मेंद्र पांडे, काम सिंह फर्स्वाण, पुष्पा पाठक, योगेंद्र सिंह बिष्ट, राधा देवी, माया जोशी भूपेंद्र सिंह, चंपा, गोस्वामी आदि थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
संस्था के समन्वयक सीएम उनियाल की अध्यक्षता में शांती बाजार में हुई गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि कत्यूर घाटी में नाशपाती का प्रचुर मात्रा में उत्पादन होता है। विपणन की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बागवानों की नाशपाती हल्द्वानी मंडी तक नहीं पहुंच पाती है। आजीविका परियोजना से जुड़ी स्वयंसेवी संस्थाओं ने बागवानों की नाशपाती क्रय करनी शुरू कर दी है। नाशपाती का उचित मूल्य दिया जाएगा।
विज्ञापन
परियोजना के व्यापार समन्वयक कैलाश बिष्ट ने कहा कि सोलह टन नाशपाती हल्द्वानी मंडी भेज दी है। मौके पर प्रभागीय परियोजना अधिकारी धर्मेंद्र पांडे, काम सिंह फर्स्वाण, पुष्पा पाठक, योगेंद्र सिंह बिष्ट, राधा देवी, माया जोशी भूपेंद्र सिंह, चंपा, गोस्वामी आदि थे।
विज्ञापन