{"_id":"5b4cfda44f1c1b39748b5370","slug":"153177232015-ramnagar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"एबीवीपी व एनएसयूआई एक ही मांग को लेकर खोला मार्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एबीवीपी व एनएसयूआई एक ही मांग को लेकर खोला मार्चा
Updated Tue, 17 Jul 2018 02:04 AM IST
विज्ञापन
रामनगर में पुतला फूंका
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रामनगर (नैनीताल)। पीएनजीपीजी कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया को लेकर एनएसयूआई, एबीवीपी दोनों संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है, जिसके चलते एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने सोमवार को प्राचार्या हेमा प्रसाद के माध्यम से कुविवि के कुलपति को ज्ञापन भेज पुतला फूंका, वहीं एबीवीपी ने भी पांचवें दिन भी अनशन किया।
छात्रसंघ अध्यक्ष प्रत्याशी प्रशांत मनराल के नेतृत्व में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने सोमवार को प्राचार्या के माध्यम से कुविवि के कुलपति को ज्ञापन भेजा। धरना, प्रदर्शन कर उच्च शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका। उन्होंने सभी आवेदकों को प्रवेश देने की मांग की। इनमें पूर्व अध्यक्ष सुमित लोहनी, चंदन रावत, विकास कुमार, जीवन अधिकारी, सोनू तिवारी, पल्लवी पांडे, अमित रावत आदि थे। वहीं एबीवीपी ने प्रवेश प्रक्रिया को लेकर पांचवें दिन भी अनशन किया। अनशनकारी नृपेंद्र ठाकुर ने बताया कि मांग पूरी होने तक छात्र हितों के लिए संघर्ष जारी रहेगा। इस दौरान चंदन सिंह बिष्ट, करन बिष्ट, मनीष राणा, रोहित मेहरा, भोपाल रौतेला, प्रमोद कुमार, मंजीत सैनी, श्वेता ठाकुर, आरती आर्या, मुस्कान, पंकज सैनी, सुनील कुमार, आशु मेहरा आदि थे।
हल्द्वानी के छात्र भी गुस्से में
हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज में स्नातक प्रथम सेमेस्टर में इस बार मानक के आधार पर दाखिले होने से करीब छह हजार विद्यार्थी दाखिले से वंचित हो जाएंगे। बीए प्रथम सेमेस्टर की मेरिट जारी होने के बाद इसमें आवेदन करने वाले दो हजार से अधिक विद्यार्थी दाखिले से बाहर हो गए हैं। यही स्थिति बीएससी, बीकॉम में भी होने वाली है। पिछले वर्ष भी कॉलेज प्रशासन ने मानक के आधार पर दाखिले करने की कोशिश की थी तो कुछ छात्रनेताओं ने सभी को प्रवेश देने की मांग को लेकर आंदोलन छेड़ दिया। अपने ऊपर तेल छिड़कर आत्मदाह करने जैसी कोशिश की थी। इसके बाद उच्चशिक्षामंत्री के निर्देश पर महाविद्यालय ने सभी के लिए दाखिले के दरवाजे खोल दिए थे।
विज्ञापन
एमबी कॉलेज में दाखिला नहीं मिलेगा तो छात्र-छात्राएं आखिर कहां जाएंगे, क्या उन्हेंपढ़ने का अधिकार नहीं है। महाविद्यालय में सीटें कम हैं तो उन्हें बढ़ाया जाए ताकि सभी को प्रवेश मिल सके।
- कुलदीप कुल्याल, अध्यक्ष छात्रसंघ
महाविद्यालय में अगर सीटें कम हैं तो उन्हें कुमाऊं विवि को बढ़ाना चाहिए। सभी छात्र-छात्राओं को दाखिला नहीं मिला तो एनएसयूआई आंदोलन छेड़ेगी।
- विशाल सिंह भोजक, जिलाध्यक्ष एनएसयूआई
निर्धारित सीटों पर ही दाखिले होने से हजारों विद्यार्थी पढ़ने से वंचित हो रहे हैं। सभी विद्यार्थियों को पढ़ने की सुविधा मुहैया करानी चाहिए वर्ना आंदोलन होगा।
- गौरव सनवाल, छात्रनेता
विज्ञापन
छात्रसंघ अध्यक्ष प्रत्याशी प्रशांत मनराल के नेतृत्व में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने सोमवार को प्राचार्या के माध्यम से कुविवि के कुलपति को ज्ञापन भेजा। धरना, प्रदर्शन कर उच्च शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका। उन्होंने सभी आवेदकों को प्रवेश देने की मांग की। इनमें पूर्व अध्यक्ष सुमित लोहनी, चंदन रावत, विकास कुमार, जीवन अधिकारी, सोनू तिवारी, पल्लवी पांडे, अमित रावत आदि थे। वहीं एबीवीपी ने प्रवेश प्रक्रिया को लेकर पांचवें दिन भी अनशन किया। अनशनकारी नृपेंद्र ठाकुर ने बताया कि मांग पूरी होने तक छात्र हितों के लिए संघर्ष जारी रहेगा। इस दौरान चंदन सिंह बिष्ट, करन बिष्ट, मनीष राणा, रोहित मेहरा, भोपाल रौतेला, प्रमोद कुमार, मंजीत सैनी, श्वेता ठाकुर, आरती आर्या, मुस्कान, पंकज सैनी, सुनील कुमार, आशु मेहरा आदि थे।
विज्ञापन
हल्द्वानी के छात्र भी गुस्से में
हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज में स्नातक प्रथम सेमेस्टर में इस बार मानक के आधार पर दाखिले होने से करीब छह हजार विद्यार्थी दाखिले से वंचित हो जाएंगे। बीए प्रथम सेमेस्टर की मेरिट जारी होने के बाद इसमें आवेदन करने वाले दो हजार से अधिक विद्यार्थी दाखिले से बाहर हो गए हैं। यही स्थिति बीएससी, बीकॉम में भी होने वाली है। पिछले वर्ष भी कॉलेज प्रशासन ने मानक के आधार पर दाखिले करने की कोशिश की थी तो कुछ छात्रनेताओं ने सभी को प्रवेश देने की मांग को लेकर आंदोलन छेड़ दिया। अपने ऊपर तेल छिड़कर आत्मदाह करने जैसी कोशिश की थी। इसके बाद उच्चशिक्षामंत्री के निर्देश पर महाविद्यालय ने सभी के लिए दाखिले के दरवाजे खोल दिए थे।
विज्ञापन
एमबी कॉलेज में दाखिला नहीं मिलेगा तो छात्र-छात्राएं आखिर कहां जाएंगे, क्या उन्हेंपढ़ने का अधिकार नहीं है। महाविद्यालय में सीटें कम हैं तो उन्हें बढ़ाया जाए ताकि सभी को प्रवेश मिल सके।
- कुलदीप कुल्याल, अध्यक्ष छात्रसंघ
महाविद्यालय में अगर सीटें कम हैं तो उन्हें कुमाऊं विवि को बढ़ाना चाहिए। सभी छात्र-छात्राओं को दाखिला नहीं मिला तो एनएसयूआई आंदोलन छेड़ेगी।
- विशाल सिंह भोजक, जिलाध्यक्ष एनएसयूआई
निर्धारित सीटों पर ही दाखिले होने से हजारों विद्यार्थी पढ़ने से वंचित हो रहे हैं। सभी विद्यार्थियों को पढ़ने की सुविधा मुहैया करानी चाहिए वर्ना आंदोलन होगा।
- गौरव सनवाल, छात्रनेता