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संस्कृत को मिले द्वितीय राज्यभाषा का दर्जा
Updated Sun, 08 Jul 2018 02:12 AM IST
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नैनीताल। विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल ने कहा कि हिंदी के साथ-साथ संस्कृत को भी वरीयता मिलनी चाहिए। वह शनिवार को नैनीताल क्लब में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने मांग की कि संस्कृत को द्वितीय राज्यभाषा घोषित किया जाए। संस्कृत को फिर से जीवित करते हुए उन्होंने पट्टिकाओं पर हिंदी के साथ-साथ संस्कृत में भी नाम लिखवाए हैं। वह अपना बोर्ड संस्कृत में लिखवाते हैं। उनका विधानसभा क्षेत्र प्रदेश का पहला ऐसा क्षेत्र है, जहां संस्कृत उन्नयन समिति का गठन किया गया है।
उन्होंने कहा कि गैरसैंण में स्थायी राजधानी को लेकर सिर्फ राजनीति हो रही है। हालांकि सरकार इसके लिए प्रयास कर रही है। भाजपा इस कार्यकाल में गैरसैंण को राज्य की स्थायी राजधानी बना सकती है। मानसून सत्र सितंबर में संपन्न कराए जाने की तैयारी की जा रही है। मार्च में इससे पूर्व सत्र संपन्न हुआ था। छह माह के अंतराल के बाद सितंबर में संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि पक्ष तथा विपक्ष के विधायकों की ओर से पूछे जाने वाले सवालों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ही नहीं बल्कि देश भर में पहली बार शनिवार को सत्र चलाया गया है। इस दौरान उप विस अध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान भी मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि गैरसैंण में स्थायी राजधानी को लेकर सिर्फ राजनीति हो रही है। हालांकि सरकार इसके लिए प्रयास कर रही है। भाजपा इस कार्यकाल में गैरसैंण को राज्य की स्थायी राजधानी बना सकती है। मानसून सत्र सितंबर में संपन्न कराए जाने की तैयारी की जा रही है। मार्च में इससे पूर्व सत्र संपन्न हुआ था। छह माह के अंतराल के बाद सितंबर में संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि पक्ष तथा विपक्ष के विधायकों की ओर से पूछे जाने वाले सवालों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में ही नहीं बल्कि देश भर में पहली बार शनिवार को सत्र चलाया गया है। इस दौरान उप विस अध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान भी मौजूद रहे।
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