{"_id":"5afb2fa34f1c1bd0408b5a30","slug":"152641116714-bazpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सूरज की आंखें करेगी किसी की जिंदगी रोशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सूरज की आंखें करेगी किसी की जिंदगी रोशन
Updated Wed, 16 May 2018 12:36 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
बाजपुर के गांव हरिपुरा निवासी सूरज प्रकाश की मौत के बाद भी उनकी आंखें दुनिया देखेंगी। पूर्व प्रधानाचार्य सूरज प्रकाश इंसा (72) का मंगलवार सुबह सवा छह बजे निधन हो गया था। मृतक के बेटे राकेश ने बताया कि पिता ने अपनी आंखें दान की थीं। उनकी मौत के बाद मुरादाबाद से पहुंची नेत्र बैंक की टीम आंखों का कार्निया निकालकर ले गई। नेत्र बैंक टीम के टेक्नीशियन राकेश कुमार ने बताया कि मृत्यु के छह घंटे के अंतराल तक आंखों का कार्निया सुरक्षित रहता है। वहां डेरा सच्चा सौदा के प्रेम मुनगली, संजय कुमार, वीरेंद्र बिष्ट, मोहन पांडे, करनैल सिंह, पूरन जोशी, दलीप सिंह, हरवंश, शेर सिंह, अशोक कुमार आदि थे।