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जमरानी बांध बनाने को वन विभाग की हरी झंडी
Updated Sun, 06 May 2018 02:14 AM IST
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नैनीताल। जमरानी बांध की एक और बाधा खत्म होने को है। केंद्रीय वन्य एवं पर्यावरण मंत्रालय ने जमरानी बांध के लिए भूमि हस्तांतरण के लिए सशर्त सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इन शर्तों को पूरा होते ही अंतिम मंजूरी भी मिल जाएगी।
जमरानी बांध की नींव 1980 के दशक में रखी गई थी। तब से कागजी कार्रवाई चल रही है। 381.43 हेक्टेयर भूमि में बनने वाले जमरानी बांध में 351.55 हेक्टेयर भूमि जंगलात की है। यह भूमि नैनीताल वन प्रभाग के अंतर्गत है। साल 2013 में सिंचाई विभाग ने वन भूमि हस्तांतरण के लिए केंद्रीय वन मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा।
अप्रैल के अंतिम हफ्ते में केंद्र सरकार जमरानी बांध के लिए भूमि हस्तांतरण के लिए राजी हो गई है। सहायक महानिरीक्षक वन संदीप शर्मा ने 25 अप्रैल को सशर्त सैद्धांतिक मजूंरी प्रदान कर दी है। सिंचाई विभाग को 31 शर्तों का पालन करना होगा तब जमीन हस्तांतरित होगी। शनिवार को नैनीताल वन प्रभाग को पत्र हासिल हो गया है। डीएफओ धर्म सिंह मीणा ने बताया कि केंद्र ने भूमि हस्तांतरण के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। बाकी शर्तों के पूरी होने के बाद अंतिम मंजूरी दी जाएगी।
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वन भूमि के सिंचाई विभाग को ये शर्तें करनी होंगी पूरी
- गैर वानिकी भूमि में 3,51,550 पौधे रोपने होंगे
- क्षतिपूरक वनीकरण लागत का 25 फीसदी मृदा एवं नमी संरक्षण को देना होगा
- बांध की जद में आ रहे छह गांवों, आश्रम और मंदिर का पुनर्वास जरूरी
- शुद्ध वर्तमान लागत की कीमत ऑनलाइन जमा करनी होगी
- फ्लोरा फौना को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा
- क्षतिपूरक वनीकरण का भुगतान आन लाइन कैपा के खाते में किया जाएगा
हल्द्वानी में खत्म होगा जल संकट
हल्द्वानी। कई दशकों में हल्द्वानी में तेजी से आबादी और पर्वतीय जल स्रोतों के सूखने से पानी का संकट बढ़ा है। जमरानी बांध बनने से हल्द्वानी और आसपास के इलाकों में पानी का संकट खत्म हो जाएगा। नहरों से भरपूर पानी मिलने पर तराई भाबर में सिंचाई के लिए समस्या नहीं होगी।
जमरानी बांध के लिए वन विभाग ने दी सैद्धांतिक मंजूरी
सहायक महानिरीक्षक वन ने नैनीताल डीएफओ को दी लिखित सूचना
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जमरानी बांध की नींव 1980 के दशक में रखी गई थी। तब से कागजी कार्रवाई चल रही है। 381.43 हेक्टेयर भूमि में बनने वाले जमरानी बांध में 351.55 हेक्टेयर भूमि जंगलात की है। यह भूमि नैनीताल वन प्रभाग के अंतर्गत है। साल 2013 में सिंचाई विभाग ने वन भूमि हस्तांतरण के लिए केंद्रीय वन मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा।
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अप्रैल के अंतिम हफ्ते में केंद्र सरकार जमरानी बांध के लिए भूमि हस्तांतरण के लिए राजी हो गई है। सहायक महानिरीक्षक वन संदीप शर्मा ने 25 अप्रैल को सशर्त सैद्धांतिक मजूंरी प्रदान कर दी है। सिंचाई विभाग को 31 शर्तों का पालन करना होगा तब जमीन हस्तांतरित होगी। शनिवार को नैनीताल वन प्रभाग को पत्र हासिल हो गया है। डीएफओ धर्म सिंह मीणा ने बताया कि केंद्र ने भूमि हस्तांतरण के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। बाकी शर्तों के पूरी होने के बाद अंतिम मंजूरी दी जाएगी।
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वन भूमि के सिंचाई विभाग को ये शर्तें करनी होंगी पूरी
- गैर वानिकी भूमि में 3,51,550 पौधे रोपने होंगे
- क्षतिपूरक वनीकरण लागत का 25 फीसदी मृदा एवं नमी संरक्षण को देना होगा
- बांध की जद में आ रहे छह गांवों, आश्रम और मंदिर का पुनर्वास जरूरी
- शुद्ध वर्तमान लागत की कीमत ऑनलाइन जमा करनी होगी
- फ्लोरा फौना को नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा
- क्षतिपूरक वनीकरण का भुगतान आन लाइन कैपा के खाते में किया जाएगा
हल्द्वानी में खत्म होगा जल संकट
हल्द्वानी। कई दशकों में हल्द्वानी में तेजी से आबादी और पर्वतीय जल स्रोतों के सूखने से पानी का संकट बढ़ा है। जमरानी बांध बनने से हल्द्वानी और आसपास के इलाकों में पानी का संकट खत्म हो जाएगा। नहरों से भरपूर पानी मिलने पर तराई भाबर में सिंचाई के लिए समस्या नहीं होगी।
जमरानी बांध के लिए वन विभाग ने दी सैद्धांतिक मंजूरी
सहायक महानिरीक्षक वन ने नैनीताल डीएफओ को दी लिखित सूचना