{"_id":"5aaadac14f1c1bc0078b574b","slug":"152114680612-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रशासन यूएनडीपी मिलकर संवारेंगे झील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रशासन यूएनडीपी मिलकर संवारेंगे झील
Updated Fri, 16 Mar 2018 02:46 AM IST
विज्ञापन
nainital
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नैनीताल। नैनी झील के कायाकल्प की उम्मीद बढ़ गई है। प्रशासन ने यूएनडीपी से मिलकर झील को संवारने का बीड़ा उठा लिया है। प्रशासन ने यूएनडीपी को ईमेल से सहमति पत्र भेज दिया है। झील के सुंदरीकरण का कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
प्रदूषित होती नैनी झील को बचाना बड़ी चुनौती है। झील का गिरता जलस्तर चिंता का दूसरा बड़ा विषय है। इस समय झील को संवारने की जिम्मेदारी नगर पालिका, जिला विकास प्राधिकरण, सिंचाई विभाग के कंधों पर है। झील से जुड़े सभी विभागों की निगरानी जिला प्रशासन करता है। झील को प्रदूषण से बचाने के प्रयास लंबे समय से चल रहे हैं। पिछले वर्ष कई बार सर्वे के दौरान झील के प्रदूषण, जल स्तर गिरने की पुष्टि हुई थी। यूएनडीपी ने खुद ही इसका संज्ञान लिया। यूएनडीपी की टीम ने झील पर विस्तार से सर्वे करने के बाद देहरादून, नैनीताल में राज्यपाल से मुलाकात की। कई दौर की वार्ता के बाद तय हुआ कि यूएनडीपी झील संरक्षण पर प्रस्ताव तैयार करेगी। कुछ माह पहले टीम ने उच्च अधिकारियों को सर्वे रिपोर्ट सौंपी दी, जिस आधार पर प्रशासन, यूएनडीपी को झील संरक्षण के लिए एक साथ आने पर विचार किया जाना था। प्रशासनिक अधिकारियों ने यूएनडीपी के प्रस्ताव पर विचार किया। दस्तावेजों का अध्ययन करने के बाद एडीएम हरबीर सिंह ने बृहस्पतिवार को सहमति से जुड़े करार पत्र पर हस्ताक्षर कर दिए। ईमेल के जरिए यूएनडीपी के दिल्ली कार्यालय को इसकी सूचना भी दे दी। सहमति पत्र भारत सरकार को भी ईमेल से भेजा गया है।
कमिश्नर, एडीएम ने यूएनडीपी को सहमति पत्र भेजा
यूएनडीपी की टीम झील पर शोध कर चुकी है
विज्ञापन
प्रदूषित होती नैनी झील को बचाना बड़ी चुनौती है। झील का गिरता जलस्तर चिंता का दूसरा बड़ा विषय है। इस समय झील को संवारने की जिम्मेदारी नगर पालिका, जिला विकास प्राधिकरण, सिंचाई विभाग के कंधों पर है। झील से जुड़े सभी विभागों की निगरानी जिला प्रशासन करता है। झील को प्रदूषण से बचाने के प्रयास लंबे समय से चल रहे हैं। पिछले वर्ष कई बार सर्वे के दौरान झील के प्रदूषण, जल स्तर गिरने की पुष्टि हुई थी। यूएनडीपी ने खुद ही इसका संज्ञान लिया। यूएनडीपी की टीम ने झील पर विस्तार से सर्वे करने के बाद देहरादून, नैनीताल में राज्यपाल से मुलाकात की। कई दौर की वार्ता के बाद तय हुआ कि यूएनडीपी झील संरक्षण पर प्रस्ताव तैयार करेगी। कुछ माह पहले टीम ने उच्च अधिकारियों को सर्वे रिपोर्ट सौंपी दी, जिस आधार पर प्रशासन, यूएनडीपी को झील संरक्षण के लिए एक साथ आने पर विचार किया जाना था। प्रशासनिक अधिकारियों ने यूएनडीपी के प्रस्ताव पर विचार किया। दस्तावेजों का अध्ययन करने के बाद एडीएम हरबीर सिंह ने बृहस्पतिवार को सहमति से जुड़े करार पत्र पर हस्ताक्षर कर दिए। ईमेल के जरिए यूएनडीपी के दिल्ली कार्यालय को इसकी सूचना भी दे दी। सहमति पत्र भारत सरकार को भी ईमेल से भेजा गया है।
विज्ञापन
कमिश्नर, एडीएम ने यूएनडीपी को सहमति पत्र भेजा
यूएनडीपी की टीम झील पर शोध कर चुकी है