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फोरम ने दिया उपभोक्ता को 3.12 लाख देने का आदेश
Updated Thu, 15 Mar 2018 02:28 AM IST
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नैनीताल। उपभोक्ता का क्लेम निरस्त करने वाली बीमा कंपनी को फोरम से झटका मिला है। उपभोक्ता फोरम ने बीमा कंपनी को उपभोक्ता को तीन लाख 12 हजार रुपये क्लेम देने के आदेश दिया है।
हल्द्वानी के गांव किशनपुर सकुलिया निवासी दिनेश चंद्र पाठक की ओर से उर्बादत्त पाठक ने 21 सितंबर 2017 को जिला उपभोक्ता फोरम में परिवाद दायर कर बताया था कि 25 फरवरी 2017 से उन्होंने अपनी जेसीबी के लिए मैग्मा एचडीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी हल्द्वानी से 18 हजार 355 रुपये में बीमा कराया था। इसके बाद नौ अप्रैल 2017 को अल्मोड़ा में जेसीबी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। दुर्घटना की सूचना दिनेश चंद्र की ओर से बीमा कंपनी को दी गई। जेसीबी की मरम्मत में साढ़े चार लाख रुपये खर्च हुए।
उन्होंने बीमा कंपनी से क्लेम लेना चाहा, लेकिन कंपनी ने उन्हें काफी कम क्लेम देने की बात कही। इससे वह संतुष्ट नहीं हुए। बाद में बीमा कंपनी ने उनके क्लेम को यह कहते हुए निरस्त कर दिया है कि दिनेश चंद्र पक्ष ने कल पुर्जों की कीमत ज्यादा दिखाई है। ऐसे में दिनेश चंद्र पक्ष ने जिला उपभोक्ता फोरम में परिवाद दायर किया था। सुनवाई के बाद अध्यक्ष यूएस नबियाल और सदस्य राजेंद्र परगाई ने पाया कि बीमा कंपनी को उपभोक्ता का क्लेम निरस्त करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने बीमा कंपनी मैग्मा एचडीआई जनरल इंश्योरेंस उपभोक्ता को एक महीने के भीतर तीन लाख 12 हजार रुपये अदा करने का आदेश दिया। अगर बीमा कंपनी एक महीने के भीतर पैसा नहीं दे पाई तो उसे सात प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज भी देना होगा।
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हल्द्वानी के गांव किशनपुर सकुलिया निवासी दिनेश चंद्र पाठक की ओर से उर्बादत्त पाठक ने 21 सितंबर 2017 को जिला उपभोक्ता फोरम में परिवाद दायर कर बताया था कि 25 फरवरी 2017 से उन्होंने अपनी जेसीबी के लिए मैग्मा एचडीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी हल्द्वानी से 18 हजार 355 रुपये में बीमा कराया था। इसके बाद नौ अप्रैल 2017 को अल्मोड़ा में जेसीबी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। दुर्घटना की सूचना दिनेश चंद्र की ओर से बीमा कंपनी को दी गई। जेसीबी की मरम्मत में साढ़े चार लाख रुपये खर्च हुए।
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उन्होंने बीमा कंपनी से क्लेम लेना चाहा, लेकिन कंपनी ने उन्हें काफी कम क्लेम देने की बात कही। इससे वह संतुष्ट नहीं हुए। बाद में बीमा कंपनी ने उनके क्लेम को यह कहते हुए निरस्त कर दिया है कि दिनेश चंद्र पक्ष ने कल पुर्जों की कीमत ज्यादा दिखाई है। ऐसे में दिनेश चंद्र पक्ष ने जिला उपभोक्ता फोरम में परिवाद दायर किया था। सुनवाई के बाद अध्यक्ष यूएस नबियाल और सदस्य राजेंद्र परगाई ने पाया कि बीमा कंपनी को उपभोक्ता का क्लेम निरस्त करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने बीमा कंपनी मैग्मा एचडीआई जनरल इंश्योरेंस उपभोक्ता को एक महीने के भीतर तीन लाख 12 हजार रुपये अदा करने का आदेश दिया। अगर बीमा कंपनी एक महीने के भीतर पैसा नहीं दे पाई तो उसे सात प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज भी देना होगा।
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