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-पेपर में हुई गड़बड़ी की जांच को बनेगी कमेटी
Updated Thu, 08 Feb 2018 02:32 AM IST
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नैनीताल। हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज में बीएससी का पेपर सिर्फ अंग्रेजी माध्यम में दिए जाने के मामले की जांच के लिए कमेटी जल्द बनेगी। कुमाऊं विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने इसके संकेत दिए हैं।
पिछले दिनों एमबीपीजी कॉलेज में बीएससी का पेपर सिर्फ अंग्रेजी पैटर्न में आया था। जबकि नियमानुसार पेपर हिंदी व अंग्रेजी माध्यम दोनों में होना चाहिए। पेपर सिर्फ अंग्रेजी माध्यम में होने के कारण कई छात्र-छात्राओं का पेपर छूट गया था।
कुमाऊं विश्वविद्यालय ने इसे गलती मानते हुए समिति बनाकर जांच कराने की बात कही थी, लेकिन विवि के प्रोफेसरों के अन्य कार्यों में व्यस्त होने के कारण अभी तक समिति नहीं बन पाई है। अब परीक्षा नियंत्रक डा. वाईएस रावत ने व्यस्तता कम होने का तर्क देते हुए जल्द जांच समिति बनाने की बात कही है। परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि पेपर दो जिम्मेदार लोगों की नजरों के सामने से होकर निकलता है। अगर पेपर गलत छपा तो दोनों की गलती मानी जा सकती है, लेकिन बीएससी के अधिकांश परीक्षार्थी अंग्रेजी भाषा समझते हैं इसलिए इसे बहुत बड़ी गलती नहीं माना जा सकता है। फिर भी जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद तय किया जाएगा कि सजा क्या देनी चाहिए।
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पिछले दिनों एमबीपीजी कॉलेज में बीएससी का पेपर सिर्फ अंग्रेजी पैटर्न में आया था। जबकि नियमानुसार पेपर हिंदी व अंग्रेजी माध्यम दोनों में होना चाहिए। पेपर सिर्फ अंग्रेजी माध्यम में होने के कारण कई छात्र-छात्राओं का पेपर छूट गया था।
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कुमाऊं विश्वविद्यालय ने इसे गलती मानते हुए समिति बनाकर जांच कराने की बात कही थी, लेकिन विवि के प्रोफेसरों के अन्य कार्यों में व्यस्त होने के कारण अभी तक समिति नहीं बन पाई है। अब परीक्षा नियंत्रक डा. वाईएस रावत ने व्यस्तता कम होने का तर्क देते हुए जल्द जांच समिति बनाने की बात कही है। परीक्षा नियंत्रक ने बताया कि पेपर दो जिम्मेदार लोगों की नजरों के सामने से होकर निकलता है। अगर पेपर गलत छपा तो दोनों की गलती मानी जा सकती है, लेकिन बीएससी के अधिकांश परीक्षार्थी अंग्रेजी भाषा समझते हैं इसलिए इसे बहुत बड़ी गलती नहीं माना जा सकता है। फिर भी जांच समिति की रिपोर्ट आने के बाद तय किया जाएगा कि सजा क्या देनी चाहिए।
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