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खेल के मैदान की खुदाई करना वन विभाग को पड़ा महंगा
Updated Tue, 23 Jan 2018 02:20 AM IST
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नैनीताल। समीपवर्ती नारायणनगर स्थित खेल के मैदान को वन विभाग की संपत्ति बताते हुए उसमें जेसीबी से खुदाई किए जाने से सोमवार को क्षेत्रवासी भड़क गए। लोगों के आक्रोश को देखते हुए वन विभाग के अधिकारियों और कर्मियों को जेसीबी लेकर बैरंग लौटना पड़ा।
नारायणनगर क्षेत्र में खेल का मैदान है। सोमवार सुबह करीब 10 बजे वन विभाग के डिप्टी आरओ दीपक तिवारी और वनरक्षक अरविंद कुमार जेसीबी लेकर खेल के मैदान में पहुंचे। उन्होंने जेसीबी से मैदान की खुदाई शुरु कर दी। जेसीबी से खेल मैदान की खुदाई होते देख वहां खेल रहे बच्चे तत्काल नारायण नगर पहुंचे और क्षेत्रवासियों को मामले की जानकारी दी। इस पर कई लोग मौके पर पहुंच गए और तत्काल खुदाई रोकने की मांग की। लेकिन अधिकारियों ने इस मैदान को वन विभाग की संपत्ति बताते हुए खुदाई जारी रखी। इससे भड़के लोगों ने वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जेसीबी को रोकने के लिए उसके सामने खड़े हो गए। क्षेत्रवासियों का कहना था कि हम क्षेत्र में मौजूद एक मात्र खेल मैदान को खत्म नहीं होने देंगे।
मामले की जानकारी होते ही नगरपालिका की कर निरीक्षक डा. अनुपमा भट्ट मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने इस भूमि को नजूल भूमि बताते हुए वन विभाग से तत्काल कार्य रोकने को कहा। नगरपालिका के दखल व क्षेत्रवासियों के आक्रोश को देखते हुए वन विभाग के अधिकारियों ने काम रुकवा दिया।
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- जिस क्षेत्र में वन विभाग द्वारा खुदाई की जा रही थी वह क्षेत्र बॉटनिकल गार्डन की सीमा के अंतर्गत आता है और यह प्रोटेक्टेड फारेस्ट है। इस क्षेत्र में वन विभाग द्वारा एक नर्सरी व बच्चों के खेलने के लिए चिल्ड्रन पार्क बनाया जाना प्रस्तावित है। पालिका द्वारा इस भूमि को नजूल भूमि बताया जा रहा है। इस बारे में वह पालिका से फारेस्ट के पास मौजूद कागजों के आधार पर पत्राचार करेंगे। वन विभाग द्वारा क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अनाधिकृत खुदाई नहीं की जा रही थी। -धर्म सिंह मीणा, डीएफओ नैनीताल।
- नारायण नगर क्षेत्र में वन विभाग द्वारा जिस खेल के मैदान में जेसीबी के माध्यम से खुदाई की जा रही थी वह क्षेत्र पालिका की नजूल भूमि है। वर्ष 1976 में पालिका द्वारा वन विभाग को यह भूमि हस्तांतरित नहीं की गयी थी। यह क्षेत्र नगरपालिका की सीमा के अंतर्गत आता है। -रोहिताश शर्मा, ईओ नगर पालिका नैनीताल।
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नारायणनगर क्षेत्र में खेल का मैदान है। सोमवार सुबह करीब 10 बजे वन विभाग के डिप्टी आरओ दीपक तिवारी और वनरक्षक अरविंद कुमार जेसीबी लेकर खेल के मैदान में पहुंचे। उन्होंने जेसीबी से मैदान की खुदाई शुरु कर दी। जेसीबी से खेल मैदान की खुदाई होते देख वहां खेल रहे बच्चे तत्काल नारायण नगर पहुंचे और क्षेत्रवासियों को मामले की जानकारी दी। इस पर कई लोग मौके पर पहुंच गए और तत्काल खुदाई रोकने की मांग की। लेकिन अधिकारियों ने इस मैदान को वन विभाग की संपत्ति बताते हुए खुदाई जारी रखी। इससे भड़के लोगों ने वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जेसीबी को रोकने के लिए उसके सामने खड़े हो गए। क्षेत्रवासियों का कहना था कि हम क्षेत्र में मौजूद एक मात्र खेल मैदान को खत्म नहीं होने देंगे।
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मामले की जानकारी होते ही नगरपालिका की कर निरीक्षक डा. अनुपमा भट्ट मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने इस भूमि को नजूल भूमि बताते हुए वन विभाग से तत्काल कार्य रोकने को कहा। नगरपालिका के दखल व क्षेत्रवासियों के आक्रोश को देखते हुए वन विभाग के अधिकारियों ने काम रुकवा दिया।
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- जिस क्षेत्र में वन विभाग द्वारा खुदाई की जा रही थी वह क्षेत्र बॉटनिकल गार्डन की सीमा के अंतर्गत आता है और यह प्रोटेक्टेड फारेस्ट है। इस क्षेत्र में वन विभाग द्वारा एक नर्सरी व बच्चों के खेलने के लिए चिल्ड्रन पार्क बनाया जाना प्रस्तावित है। पालिका द्वारा इस भूमि को नजूल भूमि बताया जा रहा है। इस बारे में वह पालिका से फारेस्ट के पास मौजूद कागजों के आधार पर पत्राचार करेंगे। वन विभाग द्वारा क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अनाधिकृत खुदाई नहीं की जा रही थी। -धर्म सिंह मीणा, डीएफओ नैनीताल।
- नारायण नगर क्षेत्र में वन विभाग द्वारा जिस खेल के मैदान में जेसीबी के माध्यम से खुदाई की जा रही थी वह क्षेत्र पालिका की नजूल भूमि है। वर्ष 1976 में पालिका द्वारा वन विभाग को यह भूमि हस्तांतरित नहीं की गयी थी। यह क्षेत्र नगरपालिका की सीमा के अंतर्गत आता है। -रोहिताश शर्मा, ईओ नगर पालिका नैनीताल।