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अधिकारियों से मिलकर खूब खेला गया खेल
Updated Wed, 06 Dec 2017 02:26 AM IST
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हल्द्वानी। चावल मिलों ने शासन स्तर के अधिकारियों के साथ मिलकर खूब खेला गया। धान खरीद की अवधि खत्म होने के बाद 23 दिन खरीद बढ़ाई गई। सभी खरीद कागजों में दिखाकर सरकार को खूब चूना लगाया गया। अमर उजाला की ओर से मांगी गई आईटीआई में यह खुलासा हुआ है।
खरीफ नीति 2016-17 के अनुसार एक अक्तूबर से 31 जनवरी तक ही धान खरीद होती है। पिछली बार शासन ने मिल मालिकों के साथ मिलकर इस खरीद को 23 दिन के लिए बढ़ा दिया। इन 23 दिनों में पूरे कुमाऊं में 85769 मैट्रिक टन ग्रेड ए धान खरीदा गया। हद तो यह हो गई इसमें से 77624.5 मैट्रिक टन धान खरीद 24 फरवरी से 28 फरवरी के बीच हो गई। अब सवाल यह है कि कमीशन एजेंट को फरवरी अंत में इतना धान कहां से मिला? किस किसान ने अपना धान बचा के रखा? मंडी में इतनी जगह नहीं है कि इतना धान चार दिन में उतर जाए। इससे साफ है कि चावल मिलों और कमीशन एजेंट ने उच्च अधिकारियों से मिलकर सरकार को करोड़ों का चूना लगाया।
इस समय सरकार को धान खरीदने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। अधिकतर किसानों ने धान बेच दिया है। अंतिम क्षणों में कच्चा आढ़त नीति भी जारी कर दी गई। ऐसे में अब पुराना खेल फिर से दोहराए जाने की आशंका उठ रही है।
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आरटीआई में मांगी गई सूचना के आंकड़े
केंद्र फरवरी 2016 में खरीदा गया धान ग्रेड ए
हल्द्वानी 7011.98
रामनगर 241.800
जसपुर 2136.36
काशीपुर 21732.12
बाजपुर 5319.46
गदरपुर 5077.68
रुद्रपुर 21842.41
किच्छा 8704.73
लालपुर 6528.52
सितारगंज 2175.99
नानकमत्ता 483.60
खटीमा 4514.46
(सभी आंकड़े मैट्रिक टन में है।)
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खरीफ नीति 2016-17 के अनुसार एक अक्तूबर से 31 जनवरी तक ही धान खरीद होती है। पिछली बार शासन ने मिल मालिकों के साथ मिलकर इस खरीद को 23 दिन के लिए बढ़ा दिया। इन 23 दिनों में पूरे कुमाऊं में 85769 मैट्रिक टन ग्रेड ए धान खरीदा गया। हद तो यह हो गई इसमें से 77624.5 मैट्रिक टन धान खरीद 24 फरवरी से 28 फरवरी के बीच हो गई। अब सवाल यह है कि कमीशन एजेंट को फरवरी अंत में इतना धान कहां से मिला? किस किसान ने अपना धान बचा के रखा? मंडी में इतनी जगह नहीं है कि इतना धान चार दिन में उतर जाए। इससे साफ है कि चावल मिलों और कमीशन एजेंट ने उच्च अधिकारियों से मिलकर सरकार को करोड़ों का चूना लगाया।
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इस समय सरकार को धान खरीदने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। अधिकतर किसानों ने धान बेच दिया है। अंतिम क्षणों में कच्चा आढ़त नीति भी जारी कर दी गई। ऐसे में अब पुराना खेल फिर से दोहराए जाने की आशंका उठ रही है।
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आरटीआई में मांगी गई सूचना के आंकड़े
केंद्र फरवरी 2016 में खरीदा गया धान ग्रेड ए
हल्द्वानी 7011.98
रामनगर 241.800
जसपुर 2136.36
काशीपुर 21732.12
बाजपुर 5319.46
गदरपुर 5077.68
रुद्रपुर 21842.41
किच्छा 8704.73
लालपुर 6528.52
सितारगंज 2175.99
नानकमत्ता 483.60
खटीमा 4514.46
(सभी आंकड़े मैट्रिक टन में है।)