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टेंपो में दिया बच्चे को जन्म
Updated Wed, 27 Dec 2017 12:35 AM IST
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शक्तिफार्म के एक ग्रामीण ने पीएचसी और सीएचसी की नर्सों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। कहा कि अस्पताल में पीड़िता को भर्ती नहीं करने पर परिजन उसे टेंपो से निजी अस्पताल ले जा रहे थे। रास्ते में महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया। उसने एसडीएम से शिकायत कर मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की।
जयनगर कुसमोठ शक्तिफार्म निवासी मृत्युंजय विश्वास पुत्र मंटू गोपाल विश्वास ने उपजिलाधिकारी को पत्र देकर कहा कि 24 दिसंबर की रात साढ़े तीन बजे प्रसव पीड़ा होने पर उसकी पत्नी लक्ष्मी को टेंपो से पीएचसी लाया गया। वहां तैनात नर्सों ने अस्पताल में सुविधा न होने की बात कहकर बिना चिकित्सक को बुलाए उन्हें सीएचसी सितारगंज भेज दिया।
सितारगंज सीएचसी में भी नर्स ने ही उसकी पत्नी को देखा और गंभीर स्थिति बताते हुए सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाने को कहा। वह अपनी पत्नी को शहर के निजी अस्पताल ले गया। बताया कि निजी अस्पताल के गेट पर पत्नी ने टेंपो में ही बच्चे को जन्म दे दिया। इसके बाद वह निजी अस्पताल में पत्नी इलाज कराकर वह घर ले गया। आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों की नर्सों की लापरवाही के चलते उसकी पत्नी की जान जा सकती थी। उसने लापरवाह नर्सों को हटाकर अनुभवी नर्सों की नियुक्ति करने और आरोपी नर्सों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। एसडीएम ने सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. विनय कुमार यादव को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
जयनगर कुसमोठ शक्तिफार्म निवासी मृत्युंजय विश्वास पुत्र मंटू गोपाल विश्वास ने उपजिलाधिकारी को पत्र देकर कहा कि 24 दिसंबर की रात साढ़े तीन बजे प्रसव पीड़ा होने पर उसकी पत्नी लक्ष्मी को टेंपो से पीएचसी लाया गया। वहां तैनात नर्सों ने अस्पताल में सुविधा न होने की बात कहकर बिना चिकित्सक को बुलाए उन्हें सीएचसी सितारगंज भेज दिया।
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सितारगंज सीएचसी में भी नर्स ने ही उसकी पत्नी को देखा और गंभीर स्थिति बताते हुए सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाने को कहा। वह अपनी पत्नी को शहर के निजी अस्पताल ले गया। बताया कि निजी अस्पताल के गेट पर पत्नी ने टेंपो में ही बच्चे को जन्म दे दिया। इसके बाद वह निजी अस्पताल में पत्नी इलाज कराकर वह घर ले गया। आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों की नर्सों की लापरवाही के चलते उसकी पत्नी की जान जा सकती थी। उसने लापरवाह नर्सों को हटाकर अनुभवी नर्सों की नियुक्ति करने और आरोपी नर्सों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। एसडीएम ने सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. विनय कुमार यादव को जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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