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सिंचाई के अभाव में सूख रही गेहॅ की फसल
Updated Sat, 23 Dec 2017 01:57 AM IST
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कालाढूंगी (नैनीताल)। विकास खंड कोटाबाग की ग्राम सभा देचौरी, देगांव की सिंचाई नहर चोक है। इस कारण किसानों के खेतों में खड़ी गेहूं की फसल सूखने के कगार पर है। किसानों का आरोप है कि कई अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों को समस्या बताने के बावजूद कोई समाधान नहीं हो सका।
देचौरी, देगांव में कृषि भूमि की सिंचाई के लिए सिंचाई विभाग ने जून 2015 में घू घा गधेरे में पानी को एकत्र कर लगभग तीन किमी लंबी नहर बनाई। इसके लिए कई स्थानों पर लोहे के पाइप डाले गए। इसमें करीब 25 लाख रुपये की लागत आई लेकिन विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते यह लाइन मात्र दो वर्ष में ही क्षतिग्रस्त हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें इस पाइप लाइन में एक बार भी पानी नहीं चल सका।
इस कारण ग्रामीणों को इस योजना का लाभ नहीं मिला। अब 250 हेक्टेयर भूमि सिंचाई के अभाव में बंजर है, जिन ग्रामीणों ने गेहूं की फसल बो दी है वह सिंचाई के अभाव में सूखने के कगार पर है। ग्रामीण दीवान सिंह, भूपाल सिंह, तेज सिंह, बालम सिंह, मोहन सिंह, दीपक बोहरा, सूरज बोहरा, नंदन सिंह आदि ने ग्राम सभा में सिंचाई सुविधा दिलाने की मांग की है।
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शुरुआत में इन पाइप लाइनों से पूरे गांव की फसल को सींचा जा रहा था, लेकिन लाइन के चार इंच की होने के कारण लाइन में पानी की आपूर्ति बंद हो गई थी, जिसको जिसको खोलने का प्रयास किया जा रहा है।
- राजीव खनुलिया सहायक अभियंता सिंचाई विभाग कालाढूंगी।
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देचौरी, देगांव में कृषि भूमि की सिंचाई के लिए सिंचाई विभाग ने जून 2015 में घू घा गधेरे में पानी को एकत्र कर लगभग तीन किमी लंबी नहर बनाई। इसके लिए कई स्थानों पर लोहे के पाइप डाले गए। इसमें करीब 25 लाख रुपये की लागत आई लेकिन विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के चलते यह लाइन मात्र दो वर्ष में ही क्षतिग्रस्त हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें इस पाइप लाइन में एक बार भी पानी नहीं चल सका।
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इस कारण ग्रामीणों को इस योजना का लाभ नहीं मिला। अब 250 हेक्टेयर भूमि सिंचाई के अभाव में बंजर है, जिन ग्रामीणों ने गेहूं की फसल बो दी है वह सिंचाई के अभाव में सूखने के कगार पर है। ग्रामीण दीवान सिंह, भूपाल सिंह, तेज सिंह, बालम सिंह, मोहन सिंह, दीपक बोहरा, सूरज बोहरा, नंदन सिंह आदि ने ग्राम सभा में सिंचाई सुविधा दिलाने की मांग की है।
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शुरुआत में इन पाइप लाइनों से पूरे गांव की फसल को सींचा जा रहा था, लेकिन लाइन के चार इंच की होने के कारण लाइन में पानी की आपूर्ति बंद हो गई थी, जिसको जिसको खोलने का प्रयास किया जा रहा है।
- राजीव खनुलिया सहायक अभियंता सिंचाई विभाग कालाढूंगी।