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कुविवि: प्रथम और तृतीय सेमेस्टर की लिखित परीक्षाएं 16 से
Updated Tue, 28 Nov 2017 02:07 AM IST
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छात्रवृत्ति के लिए काबिलीयत का इम्तिहान
- फोटो : Rupesh
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नैनीताल। पहली दिसंबर से प्रस्तावित सेमेस्टर परीक्षाओं की तिथि आगे बढ़ाने को लेकर जगह -जगह छात्रों के धरना प्रदर्शन होने के बाद आखिरकार कुमाऊं विश्वविद्यालय को अपना फैसला बदलना ही पड़ा। विश्वविद्यालय में सोमवार को हुई परीक्षा समिति की बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि यूजी, पीजी प्रथम, तृतीय सेमेस्टर की जो लिखित परीक्षाएं एक दिसंबर के स्थान पर अब 16 दिसंबर से शुरू होंगी। इसके साथ ही बैक पेपर का शुल्क 340 रुपये ही होगा। इसको लेकर भी विद्यार्थियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई थी।
कुमाऊं विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन में सोमवार को कुलपति प्रो. दिनेश कुमार नौड़ियाल की अध्यक्षता में सेमेस्टर परीक्षाओं को लेकर बैठक हुई।बैठक में सेमेस्टर परीक्षाओं को लेकर गहन मंथन हुआ। कुविवि के मुख्य परीक्षा नियंत्रक प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि केवल भूविज्ञान विषय की लिखित परीक्षा पूर्व निर्धारित तिथि एक दिसंबर से ही शुरू होगी जबकि अन्य विषयों की परीक्षाएं 16 दिसंबर से होगी। उन्होंने बताया कि आंतरिक, प्रायोगिक परीक्षाओं को अब 15 दिसंबर तक करा लिया जाएगा। जिन विषयों में अपेक्षाकृत कम पाठ्यक्रम पढ़ाया गया हो वहां पर अतिरिक्त कक्षाओं, शिक्षकों की व्यवस्था कर कोर्स पूरा करने के लिए संबंधित परिसर निदेशकों, महाविद्यालयों के प्राचार्यों को अधिकृत किया गया है। प्रो. बिष्ट के मुताबिक ऑनलाइन परीक्षा आवेदन के लिए पोर्टल को 30 नवंबर 2017 की मध्य रात्रि तक खोले जाने का फैसला लिया गया। महाविद्यालयों, परिसरों के प्रमुखों से अपेक्षा की गई कि वह विश्वविद्यालय के परीक्षा अनुभाग के साथ तालमेल बिठाकर अपूर्ण परीक्षा परिणामों को 30 नवंबर 2017 तक निस्तारित करा लें ताकि छात्र निर्धारित समयावधि के भीतर आगामी परीक्षा के लिए आवेदन कर सके। आंतरिक एवं प्रायोगिक परीक्षाओं के अंक पत्रों को 15 दिसंबर 2017 के बाद जरूरी रूप में विश्वविद्यालय को मुहैया कराएं। कहा कि वर्ष 2016 की प्रथम सेमेस्टर परीक्षा में जो अभ्यर्थी किन्हीं कारणों से आंतरिक एवं प्रयोगात्मक परीक्षाओं में शामिल होने से वंचित रह गए हों उन छात्रों को अंतिम अवसर प्रदान करते हुए परिसरों, महाविद्यालयों को अधिकृत किया कि वह 15 दिसंबर 2017 तक इन परीक्षाओं को संपादित कर विश्वविद्यालय को अवगत कराएं। बैठक में प्रो. एलएम जोशी, प्रो. आरएस पथनी, डॉ. महेंद्र सिंह राणा, प्रो. बीडी कविदयाल, प्रो. संतोष कुमार, प्रो. भगवान सिंह बिष्ट समेत मंडल भर के डिग्री कॉलेजों के प्राचार्य, विभिन्न विभागों के संकायाध्यक्ष मौजूद थे।
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कुमाऊं विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन में सोमवार को कुलपति प्रो. दिनेश कुमार नौड़ियाल की अध्यक्षता में सेमेस्टर परीक्षाओं को लेकर बैठक हुई।बैठक में सेमेस्टर परीक्षाओं को लेकर गहन मंथन हुआ। कुविवि के मुख्य परीक्षा नियंत्रक प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि केवल भूविज्ञान विषय की लिखित परीक्षा पूर्व निर्धारित तिथि एक दिसंबर से ही शुरू होगी जबकि अन्य विषयों की परीक्षाएं 16 दिसंबर से होगी। उन्होंने बताया कि आंतरिक, प्रायोगिक परीक्षाओं को अब 15 दिसंबर तक करा लिया जाएगा। जिन विषयों में अपेक्षाकृत कम पाठ्यक्रम पढ़ाया गया हो वहां पर अतिरिक्त कक्षाओं, शिक्षकों की व्यवस्था कर कोर्स पूरा करने के लिए संबंधित परिसर निदेशकों, महाविद्यालयों के प्राचार्यों को अधिकृत किया गया है। प्रो. बिष्ट के मुताबिक ऑनलाइन परीक्षा आवेदन के लिए पोर्टल को 30 नवंबर 2017 की मध्य रात्रि तक खोले जाने का फैसला लिया गया। महाविद्यालयों, परिसरों के प्रमुखों से अपेक्षा की गई कि वह विश्वविद्यालय के परीक्षा अनुभाग के साथ तालमेल बिठाकर अपूर्ण परीक्षा परिणामों को 30 नवंबर 2017 तक निस्तारित करा लें ताकि छात्र निर्धारित समयावधि के भीतर आगामी परीक्षा के लिए आवेदन कर सके। आंतरिक एवं प्रायोगिक परीक्षाओं के अंक पत्रों को 15 दिसंबर 2017 के बाद जरूरी रूप में विश्वविद्यालय को मुहैया कराएं। कहा कि वर्ष 2016 की प्रथम सेमेस्टर परीक्षा में जो अभ्यर्थी किन्हीं कारणों से आंतरिक एवं प्रयोगात्मक परीक्षाओं में शामिल होने से वंचित रह गए हों उन छात्रों को अंतिम अवसर प्रदान करते हुए परिसरों, महाविद्यालयों को अधिकृत किया कि वह 15 दिसंबर 2017 तक इन परीक्षाओं को संपादित कर विश्वविद्यालय को अवगत कराएं। बैठक में प्रो. एलएम जोशी, प्रो. आरएस पथनी, डॉ. महेंद्र सिंह राणा, प्रो. बीडी कविदयाल, प्रो. संतोष कुमार, प्रो. भगवान सिंह बिष्ट समेत मंडल भर के डिग्री कॉलेजों के प्राचार्य, विभिन्न विभागों के संकायाध्यक्ष मौजूद थे।
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