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खुशखबरी: 2500 एलईडी लाइट्स से रोशन होगी सरोवर नगरी
Updated Wed, 22 Nov 2017 02:02 AM IST
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नैनीताल। सरोवर नगरी की जनता के लिए खुशखबरी है। छह माह के भीतर नगर 2500 एलईडी लाइटों से जगमगाने वाला है। यह सब कार्य अमृत योजना के तहत सेव एनर्जी योजना के तहत किया जा रहा है। नगर पालिका को भी आने वाले 10 वर्षों तक इन लाइटों की मरम्मत से भी छुट्टी मिल जाएगी। इससे पालिका को पांच करोड़ रुपये की बचत भी होगी। वह धन का उपयोग पालिका विकास कार्यों में कर सकेगी।
नगर पालिका के ईओ रोहिताश शर्मा ने बताया कि इसके लिए गाजियाबाद (यूपी) की इको ड्राइव पावर सॉल्यूशन कंपनी से करार हुआ है। करार के मुताबिक कंपनी नगर के विभिन्न स्थानों पर 2500 एलईडी लाइट लगाएगी। वह 10 वर्षों तक इनकी देखभाल भी करेगी। जनशिकायत के अनुरूप पालिका अधिकारियों के निर्देश पर त्वरित खराब लाइटों को दुरुस्त भी करेगी। बताया कि नगर में लगाई गई लाइटों के अनुरूप पालिका प्रतिमाह 2.5 लाख रुपये बिजली का बिल देती है। वर्षभर में लगभग 50 से 60 लाख रुपये इनके रखरखाव में भी खर्च करती है। निजी कंपनी से करार के बाद पालिका को रखरखाव से छुट्टी मिल जाएगी। इससे पालिका को 10 वर्ष में लगभग पांच करोड़ रुपये की बचत होगी। पालिका को बिजली बिल की राशि कंपनी को देनी होगी। कंपनी उक्त राशि में से बिजली के बिल आदि जमा कर मेंटिनेंस भी करेगी। शर्मा की मानें तो योजना के तहत कंपनी को होने वाले मुनाफे का 80 फीसदी कंपनी के हिस्से में जाएगा जबकि 20 फीसदी पालिका को भी मिलेगा। शर्मा के मुताबिक यह कार्य अमृत योजना के तहत सेव एनर्जी योजना के तहत किया जा रहा है। कहा कि छह माह के भीतर पूरा शहर जगमगाने लगेगा।
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नगर पालिका के ईओ रोहिताश शर्मा ने बताया कि इसके लिए गाजियाबाद (यूपी) की इको ड्राइव पावर सॉल्यूशन कंपनी से करार हुआ है। करार के मुताबिक कंपनी नगर के विभिन्न स्थानों पर 2500 एलईडी लाइट लगाएगी। वह 10 वर्षों तक इनकी देखभाल भी करेगी। जनशिकायत के अनुरूप पालिका अधिकारियों के निर्देश पर त्वरित खराब लाइटों को दुरुस्त भी करेगी। बताया कि नगर में लगाई गई लाइटों के अनुरूप पालिका प्रतिमाह 2.5 लाख रुपये बिजली का बिल देती है। वर्षभर में लगभग 50 से 60 लाख रुपये इनके रखरखाव में भी खर्च करती है। निजी कंपनी से करार के बाद पालिका को रखरखाव से छुट्टी मिल जाएगी। इससे पालिका को 10 वर्ष में लगभग पांच करोड़ रुपये की बचत होगी। पालिका को बिजली बिल की राशि कंपनी को देनी होगी। कंपनी उक्त राशि में से बिजली के बिल आदि जमा कर मेंटिनेंस भी करेगी। शर्मा की मानें तो योजना के तहत कंपनी को होने वाले मुनाफे का 80 फीसदी कंपनी के हिस्से में जाएगा जबकि 20 फीसदी पालिका को भी मिलेगा। शर्मा के मुताबिक यह कार्य अमृत योजना के तहत सेव एनर्जी योजना के तहत किया जा रहा है। कहा कि छह माह के भीतर पूरा शहर जगमगाने लगेगा।
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