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दूनागिरी मंदिर समिति के गठन के आदेश पर रोक
Updated Tue, 07 Nov 2017 02:22 AM IST
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नैनीताल। उच्च न्यायालय ने द्वाराहाट में दूनागिरि मंदिर ट्रस्ट के स्थान पर समिति गठित करने के जिला अधिकारी के आदेश पर रोक लगा दी हैं। न्यायालय ने जिलाधिकारी सहित अन्य को नोटिस जारी किया है।
न्यायमूर्ति मनोज तिवारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। द्वाराहाट निवासी चंदन सिंह रौतेला, जगदीश उपाध्याय और शिव सिंह रौतेला ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा था कि दूनागिरि मंदिर ट्रस्ट की ओर से कई अनियमितताएं किए जाने के मामले में उप जिलाधिकारी द्वाराहाट की रिपोर्ट के आधार पर जिला अधिकारी अल्मोड़ा ने 27 अक्टूबर को आदेश पारित कर मंदिर ट्रस्ट के स्थान पर मंदिर समिति गठित कर दी और ट्रस्ट के बैंक खाते सीज कर दिए। जिला अधिकारी के इस आदेश को मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष व अन्य की ओर से उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी। याचिका में कहा गया था कि मंदिर ट्रस्ट एक पंजीकृत संस्था है, जिसे एकतरफा कार्यवाही के आधार पर नहीं हटाया जा सकता है। एकलपीठ ने 20 नंवबर की तिथि नियत करते हुए जिला अधिकारी के आदेश पर रोक लगा दी है।
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न्यायमूर्ति मनोज तिवारी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। द्वाराहाट निवासी चंदन सिंह रौतेला, जगदीश उपाध्याय और शिव सिंह रौतेला ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा था कि दूनागिरि मंदिर ट्रस्ट की ओर से कई अनियमितताएं किए जाने के मामले में उप जिलाधिकारी द्वाराहाट की रिपोर्ट के आधार पर जिला अधिकारी अल्मोड़ा ने 27 अक्टूबर को आदेश पारित कर मंदिर ट्रस्ट के स्थान पर मंदिर समिति गठित कर दी और ट्रस्ट के बैंक खाते सीज कर दिए। जिला अधिकारी के इस आदेश को मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष व अन्य की ओर से उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी। याचिका में कहा गया था कि मंदिर ट्रस्ट एक पंजीकृत संस्था है, जिसे एकतरफा कार्यवाही के आधार पर नहीं हटाया जा सकता है। एकलपीठ ने 20 नंवबर की तिथि नियत करते हुए जिला अधिकारी के आदेश पर रोक लगा दी है।
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