{"_id":"59ef9c0e4f1c1bee688b7445","slug":"150887535516-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"इलेक्ट्रानिक धर्मकांटों की निविदाएं खोलने पर रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इलेक्ट्रानिक धर्मकांटों की निविदाएं खोलने पर रोक
Updated Wed, 25 Oct 2017 01:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नैनीताल। उच्च न्यायालय ने वन निगम की ओर से इलेक्ट्रानिक धर्मकांटों के लिए मांगी गई निविदाओं को खोलने पर 15 नवंबर तक रोक लगा दी है।
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकल पीठ के समक्ष मंगलवार को मामले की सुनवाई हुई। हल्द्वानी लालकुआं धर्मकांटा वेलफेयर सोसायटी के सचिव राकेश मोंगा और अन्य ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा था कि वन निगम ने 20 अगस्त 2017 को इलेक्ट्रानिक धर्मकांटों की आपूर्ति, संचालन, स्थापना आदि के लिए निविदा आमंत्रित की थी। इसमें याचिकाकर्ताओं की भी निविदा थी। इसके अलावा जेपी स्टोन क्रशर, एलएसबी इंफ्राटेक सहित 11 लोगों ने निविदाएं प्रस्तुत की थीं। 18 सितंबर को याचिकाकर्ता सहित तीन अन्य की तकनीकी निविदाएं सही पाई गईं। जेपी स्टोन क्रशर व एलएससी की निविदाएं शर्तों को पूरा न करने के बाद भी स्वीकार कर ली गई। वन निगम ने न्यायालय को बताया कि मामले में स्थगन आदेश होने के कारण उनको परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एकल पीठ ने इलेक्ट्रानिक धर्मकांटों की निविदा खोलने पर 15 नवंबर तक रोक लगाने के आदेश दिए।
विज्ञापन
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकल पीठ के समक्ष मंगलवार को मामले की सुनवाई हुई। हल्द्वानी लालकुआं धर्मकांटा वेलफेयर सोसायटी के सचिव राकेश मोंगा और अन्य ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कहा था कि वन निगम ने 20 अगस्त 2017 को इलेक्ट्रानिक धर्मकांटों की आपूर्ति, संचालन, स्थापना आदि के लिए निविदा आमंत्रित की थी। इसमें याचिकाकर्ताओं की भी निविदा थी। इसके अलावा जेपी स्टोन क्रशर, एलएसबी इंफ्राटेक सहित 11 लोगों ने निविदाएं प्रस्तुत की थीं। 18 सितंबर को याचिकाकर्ता सहित तीन अन्य की तकनीकी निविदाएं सही पाई गईं। जेपी स्टोन क्रशर व एलएससी की निविदाएं शर्तों को पूरा न करने के बाद भी स्वीकार कर ली गई। वन निगम ने न्यायालय को बताया कि मामले में स्थगन आदेश होने के कारण उनको परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। एकल पीठ ने इलेक्ट्रानिक धर्मकांटों की निविदा खोलने पर 15 नवंबर तक रोक लगाने के आदेश दिए।