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मांगों की अनदेखी से भड़के राज्य कर्मी
Updated Tue, 12 Sep 2017 02:27 AM IST
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नैनीताल। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने सातवें वेतनमान के एरियर और भत्तों सहित वेतन विसंगतियों का निराकरण नहीं किए जाने पर सोमवार से आंदोलन का शुरू कर दिया है। इस दौरान उन्होंने अपर शिक्षा निदेशक कुमाऊं मंडल के दफ्तर के बाहर बैठक कर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
बैठक में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष बहादुर सिंह बिष्ट और महामंत्री जगमोहन रौतेला ने बताया कि अब तक वेतन विसंगति सहित कई विभागों की सेवा नियमावली का प्रख्यापन नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि जब तक कर्मियों की 20 सूत्रीय मांगें नहीं मानी जाती तब तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा। परिषद ने सरकार से किसी भी विभाग के एकीकरण किए जाने से पहले कर्मचारी संगठनों को विश्वास में लेने की मांग की। तय किया गया कि मंगलवार को डीएसबी परिसर के बाहर बैठक होगी। इस मौके पर प्रदेश सरकार के अडियल रवैये के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। कार्यक्रम में राजकीय शिक्षक संघ के महामंत्री जगदीश सिंह बिष्ट, परिषद के प्रतिनिधि केएस जलाल, गिरीश जोशी, दीपक सिंह बिष्ट, एनडी बिनवाल, गणेश बिष्ट, पूरन सिंह बिष्ट, लक्ष्मी चौधरी, कविता पांडेय, ज्योत्सना पपोला आदि थे।
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बैठक में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष बहादुर सिंह बिष्ट और महामंत्री जगमोहन रौतेला ने बताया कि अब तक वेतन विसंगति सहित कई विभागों की सेवा नियमावली का प्रख्यापन नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि जब तक कर्मियों की 20 सूत्रीय मांगें नहीं मानी जाती तब तक चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा। परिषद ने सरकार से किसी भी विभाग के एकीकरण किए जाने से पहले कर्मचारी संगठनों को विश्वास में लेने की मांग की। तय किया गया कि मंगलवार को डीएसबी परिसर के बाहर बैठक होगी। इस मौके पर प्रदेश सरकार के अडियल रवैये के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। कार्यक्रम में राजकीय शिक्षक संघ के महामंत्री जगदीश सिंह बिष्ट, परिषद के प्रतिनिधि केएस जलाल, गिरीश जोशी, दीपक सिंह बिष्ट, एनडी बिनवाल, गणेश बिष्ट, पूरन सिंह बिष्ट, लक्ष्मी चौधरी, कविता पांडेय, ज्योत्सना पपोला आदि थे।
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