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प्रायोगिक परीक्षा में साजिशन फेल करने का आरोप
Updated Thu, 07 Sep 2017 02:23 AM IST
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नैनीताल। चंदोला होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के बीएचएमएस चौथे वर्ष के विद्यार्थियों ने प्रायोगिक परीक्षा में साजिशन फेल करने का आरोप लगाया है। बुधवार को कुमाऊं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डीके नौड़ियाल से वार्ता करने पहुंचे विद्यार्थियों ने उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। विद्यार्थियों ने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है।
वार्ता के दौरान विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि कई छात्रावासी विद्यार्थी सैद्धांतिक परीक्षा में फेल हैं, जबकि प्रयोगात्मक परीक्षा में उन्हें बेहतर अंक दिए गए हैं। वहीं, अन्यत्र रहने वाले विद्यार्थियों को साजिशन प्रयोगात्मक परीक्षा में फेल किया गया है। बीएचएमएस अंतिम वर्ष में 50 में से 25 विद्यार्थियों को अनुत्तीर्ण किया गया। इसके अलावा तीसरे वर्ष में 48 में से 19 विद्यार्थी फेल हैं, जिसमें 17 बच्चे प्रयोगात्मक परीक्षा में फेल हुए हैं। आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन ने पहले भी उन्हें अंजाम के लिए धमकी दी गई थी। विद्यार्थियों ने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। कुलपति से मिलने वालों में आशुतोष शर्मा, सुजीत देव, सुभाष यादव, वैभव त्रिपाठी, राजन गौड़, अरुण गंगवार, चंद्रशेखर, मयंक कुमार, शिवानी गुप्ता, अनामिका, कवलजीत कौर, अंकिता, प्रियंका शुक्ला आदि थे।
कॉलेज के प्राचार्य ने भी भेजा पत्र
चंदोला होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. आरके मिश्रा ने कुलपति को पत्र भेजा है। पत्र में बताया गया है कि अभी तक संस्थान को परीक्षा परिणाम की आधिकारिक प्रति नहीं मिली है। विश्वविद्यालय की वेबसाइट से डाउनलोड प्रतियों के माध्यम से ही विद्यार्थियों ने उन्हें परीक्षाफल में हुई अनियमिताओं की जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि प्रकरण विश्वविद्यालय से ही संबंधित है, क्योंकि परीक्षा के अंक विश्वविद्यालय द्वारा नामित बाह्य परीक्षक और आंतरिक परीक्षक की सहमति से ही छात्रों को आवंटित किए जाते हैं। यदि इसमें कोई अनियमितता हुई है तो उसके लिए दोनों ही परीक्षक उत्तरदायी हैं। ब्यूरो
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वार्ता के दौरान विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि कई छात्रावासी विद्यार्थी सैद्धांतिक परीक्षा में फेल हैं, जबकि प्रयोगात्मक परीक्षा में उन्हें बेहतर अंक दिए गए हैं। वहीं, अन्यत्र रहने वाले विद्यार्थियों को साजिशन प्रयोगात्मक परीक्षा में फेल किया गया है। बीएचएमएस अंतिम वर्ष में 50 में से 25 विद्यार्थियों को अनुत्तीर्ण किया गया। इसके अलावा तीसरे वर्ष में 48 में से 19 विद्यार्थी फेल हैं, जिसमें 17 बच्चे प्रयोगात्मक परीक्षा में फेल हुए हैं। आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन ने पहले भी उन्हें अंजाम के लिए धमकी दी गई थी। विद्यार्थियों ने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। कुलपति से मिलने वालों में आशुतोष शर्मा, सुजीत देव, सुभाष यादव, वैभव त्रिपाठी, राजन गौड़, अरुण गंगवार, चंद्रशेखर, मयंक कुमार, शिवानी गुप्ता, अनामिका, कवलजीत कौर, अंकिता, प्रियंका शुक्ला आदि थे।
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कॉलेज के प्राचार्य ने भी भेजा पत्र
चंदोला होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. आरके मिश्रा ने कुलपति को पत्र भेजा है। पत्र में बताया गया है कि अभी तक संस्थान को परीक्षा परिणाम की आधिकारिक प्रति नहीं मिली है। विश्वविद्यालय की वेबसाइट से डाउनलोड प्रतियों के माध्यम से ही विद्यार्थियों ने उन्हें परीक्षाफल में हुई अनियमिताओं की जानकारी दी है। उन्होंने कहा है कि प्रकरण विश्वविद्यालय से ही संबंधित है, क्योंकि परीक्षा के अंक विश्वविद्यालय द्वारा नामित बाह्य परीक्षक और आंतरिक परीक्षक की सहमति से ही छात्रों को आवंटित किए जाते हैं। यदि इसमें कोई अनियमितता हुई है तो उसके लिए दोनों ही परीक्षक उत्तरदायी हैं। ब्यूरो
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