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शिक्षा मित्र मामले पर निर्णय सुरक्षित
Updated Thu, 10 Aug 2017 03:12 AM IST
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नैनीताल। उच्च न्यायालय ने शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक बनाने के मामले में सुनवाई पूरी करते हुए निर्णय सुरक्षित रख लिया है।
बुधवार को वरिष्ठ न्यायमूर्ति राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। शिक्षा मित्र ललित प्रसाद द्विवेदी, अन्य व सरकार ने इस मामले में विशेष याचिका दायर की थी। इस याचिका में कहा गया था कि केंद्र और राज्य सरकार ने उन्हें शिक्षक पात्रता परीक्षा से छूट दी थी। याची का चयन शिक्षा मित्र के पद पर शिक्षा का अधिकार अधिनियम प्रभावी होने से पहले हो गया था। सहायक अध्यापक की नियमावली के अनुसार ही चयन हुआ है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 2014 में फैसला देते हुए कहा था कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत शिक्षक बनने के लिए अध्यापक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण किया जाना अनिवार्य है। इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने ने भी फैसला दिया था कि शिक्षा मित्र अध्यापक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण किया जाना अनिवार्य है। सर्वोच्च न्यायालय ने यह भी कहा था कि छात्र हितों को देखते हुए बिना पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण किए हुए शिक्षा मित्रों को पद पर बनाए रखा जा सकता है, लेकिन आगामी दो साल में उन्हें अध्यापक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी।
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बुधवार को वरिष्ठ न्यायमूर्ति राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। शिक्षा मित्र ललित प्रसाद द्विवेदी, अन्य व सरकार ने इस मामले में विशेष याचिका दायर की थी। इस याचिका में कहा गया था कि केंद्र और राज्य सरकार ने उन्हें शिक्षक पात्रता परीक्षा से छूट दी थी। याची का चयन शिक्षा मित्र के पद पर शिक्षा का अधिकार अधिनियम प्रभावी होने से पहले हो गया था। सहायक अध्यापक की नियमावली के अनुसार ही चयन हुआ है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 2014 में फैसला देते हुए कहा था कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत शिक्षक बनने के लिए अध्यापक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण किया जाना अनिवार्य है। इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने ने भी फैसला दिया था कि शिक्षा मित्र अध्यापक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण किया जाना अनिवार्य है। सर्वोच्च न्यायालय ने यह भी कहा था कि छात्र हितों को देखते हुए बिना पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण किए हुए शिक्षा मित्रों को पद पर बनाए रखा जा सकता है, लेकिन आगामी दो साल में उन्हें अध्यापक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी।