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कठोर चट्टान की तलाश में अब चालीस मीटर तक होगी ड्रिलिंग
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NAINITAL MALL ROAD
- फोटो : SELF
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नैनीताल। सरोवरनगरी की मालरोड की भूमिगत स्थिति जानने की कवायद पहले चरण में सफल नहीं हो सकी है। सड़क पर 25 मीटर गहराई तक ड्रिल करने के बाद भी कठोर चट्टानों का न मिलना चिंता का विषय बना है, ऐसे में अब विभाग 40 मीटर तक ड्रिल कर भूमिगत स्थिति को परखने की तैयारी कर रहा है। इसलिए अधिक क्षमता वाली ड्रिल मशीन मंगवाई गई है।
पिछले वर्ष अगस्त में नैनीताल की लोअर मालरोड का एक बड़ा भाग नैनीझील में समा गया था। तब से आईआईटी रुड़की समेत कई संस्थानों के वैज्ञानिक प्रभावित क्षेत्र का मुआयना कर चुके हैं। लोअर और अपर मालरोड पर सड़क टूटने के खतरे को देखते हुए सड़क के स्थायी उपचार को लेकर वैज्ञानिकों से मिली राय के बाद भूमिगत स्थिति जानने के लिए ड्रिलिंग की गई थी। लोनिवि प्रांतीय खंड के ईई डीएस बसनाल ने बताया कि लोअर और अपर मालरोड पर कुल 12 स्थानों पर ड्रिल कर भूमिगत चट्टानों के नमूने लिए जाने हैं। इन नमूनों की जांच कर उसकी क्षमता का परीक्षण किया जाना है। ड्रिलिंग में लगे कर्मी करीब चार स्थानों पर ही ड्रिल कर पाए हैं। इन स्थानों पर सीमित क्षमता की मशीन से 25 मीटर तक ड्रिल किया गया लेकिन कठोर चट्टानें नहीं मिल पाई। कठोर चट्टान मिलने के बाद उसमें करीब दो मीटर तक ड्रिल कर नमूने लिए जाने हैं।
मालरोड पर 25 मीटर गहराई तक नहीं मिली कठोर चट्टान
अब 40 मीटर तक होगी ड्रिलिंग
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पिछले वर्ष अगस्त में नैनीताल की लोअर मालरोड का एक बड़ा भाग नैनीझील में समा गया था। तब से आईआईटी रुड़की समेत कई संस्थानों के वैज्ञानिक प्रभावित क्षेत्र का मुआयना कर चुके हैं। लोअर और अपर मालरोड पर सड़क टूटने के खतरे को देखते हुए सड़क के स्थायी उपचार को लेकर वैज्ञानिकों से मिली राय के बाद भूमिगत स्थिति जानने के लिए ड्रिलिंग की गई थी। लोनिवि प्रांतीय खंड के ईई डीएस बसनाल ने बताया कि लोअर और अपर मालरोड पर कुल 12 स्थानों पर ड्रिल कर भूमिगत चट्टानों के नमूने लिए जाने हैं। इन नमूनों की जांच कर उसकी क्षमता का परीक्षण किया जाना है। ड्रिलिंग में लगे कर्मी करीब चार स्थानों पर ही ड्रिल कर पाए हैं। इन स्थानों पर सीमित क्षमता की मशीन से 25 मीटर तक ड्रिल किया गया लेकिन कठोर चट्टानें नहीं मिल पाई। कठोर चट्टान मिलने के बाद उसमें करीब दो मीटर तक ड्रिल कर नमूने लिए जाने हैं।
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मालरोड पर 25 मीटर गहराई तक नहीं मिली कठोर चट्टान
अब 40 मीटर तक होगी ड्रिलिंग