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महिलाओं को मंच से बोलने का मौका नहीं
Updated Fri, 09 Mar 2018 01:44 AM IST
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हल्द्वानी। महिला दिवस समारोह में महिलाओं को तो बोलने का मौका मिला ही नहीं। मंच पर भी महिलाएं कम और पुरुष नेता का ही कब्जा रहा। महिलाओं के लिए कुर्सी कम पड़ी तो किसी को यह भी नहीं सूझा कि कुछ और कुर्सियों का इंतजाम कर लिया जाए। इस पर महिलाओं को कार्यक्रम स्थल तक लाने में जो प्रबंध क्षमता और तत्परता दिखाई गई वह इन महिलाओं को वापस ले जाने में सिरे से गायब रही।
महिला दिवस समारोह में मंच पर आगे की कतार में पांच और दूसरी कतार में चार महिला जनप्रतिनिधि विराजमान थीं। किसी ने भी एक भी महिला जनप्रतिनिधि को बोलने के लिए मौका नहीं दिया। इनमें भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष नीलम सहगल, पूर्व क्षेत्र प्रमुख शांति भट्ट आदि भी शामिल थीं। इसके अलावा दुग्ध संघों की प्रतिनिधि महिलाओं को भी मंच पर जगह दी गई थी। महिला मोर्चा की राष्ट्रीय मंत्री ममता पलड़िया को मंच पर जगह नहीं मिल पाई। आयोजकों ने महिलाओं को समारोह में लाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। बाकायदा सौ से अधिक बसों का इंतजाम किया गया था। हाल यह हुआ कि महिलाओं के लिए कुर्सियां कम पड़ गई और कई महिलाएं जमीन पर ही बैठ गईं। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद स्टेडियम रोड हो या फिर एसडीएम कोर्ट के बाहर महिलाओं के समूह बसों का कई घंटे तक इंतजार करते देखे गए। कार्यक्रम स्थल पर महिलाओं के लिए ई- टायलेट की भी सुविधा नहीं थी। कार्यक्रम में मंच पर लगे बैनर पर मुख्यमंत्री का नाम तक नहीं लिखा था।
महिला दिवस समारोह में मंच पर आगे की कतार में पांच और दूसरी कतार में चार महिला जनप्रतिनिधि विराजमान थीं। किसी ने भी एक भी महिला जनप्रतिनिधि को बोलने के लिए मौका नहीं दिया। इनमें भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष नीलम सहगल, पूर्व क्षेत्र प्रमुख शांति भट्ट आदि भी शामिल थीं। इसके अलावा दुग्ध संघों की प्रतिनिधि महिलाओं को भी मंच पर जगह दी गई थी। महिला मोर्चा की राष्ट्रीय मंत्री ममता पलड़िया को मंच पर जगह नहीं मिल पाई। आयोजकों ने महिलाओं को समारोह में लाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। बाकायदा सौ से अधिक बसों का इंतजाम किया गया था। हाल यह हुआ कि महिलाओं के लिए कुर्सियां कम पड़ गई और कई महिलाएं जमीन पर ही बैठ गईं। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद स्टेडियम रोड हो या फिर एसडीएम कोर्ट के बाहर महिलाओं के समूह बसों का कई घंटे तक इंतजार करते देखे गए। कार्यक्रम स्थल पर महिलाओं के लिए ई- टायलेट की भी सुविधा नहीं थी। कार्यक्रम में मंच पर लगे बैनर पर मुख्यमंत्री का नाम तक नहीं लिखा था।
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