{"_id":"5a46a9304f1c1b502b8b74c1","slug":"141514580272-nainital-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ज्योति का पैर कीचड़ से खींचकर निकाला गया था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ज्योति का पैर कीचड़ से खींचकर निकाला गया था
Updated Sat, 30 Dec 2017 02:14 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हल्द्वानी। बजूनिया हल्दू स्थित फैक्ट्री के टैंक में गिरी ज्योति पाठक का शव करीब ढाई फुट कीचड़ में फंस गया था। तीन लोगों ने शव को खींचकर बाहर निकाला। उस समय कपड़े गर्दन में फंसे थे। जैकेट ढीली होेने के कारण निकल गई थी।
मुखानी थाना पुलिस ने ज्योति की मौत के मामले में शुक्रवार को तीन कर्मचारियों के बयान लिए। पूछने पर पता चला कि 23 दिसंबर को घटना के बाद चंद्रा के शोर मचाने पर फैक्ट्री के कर्मचारी चंद्रपाल, मनोज कुमार और आदेश ज्योति को टैंक से निकालने के लिए आठ फुट नीचे कूदे थे। चंद्रपाल ने पुलिस को बताया कि गहरे पानी में ज्योति का पैर पकड़ में आया था। उसका शरीर करीब ढाई फुट कीचड़ में फंसा था। ऊपर निकालते समय उसके कपड़े गर्दन में फंस गए थे। हाफ जैकेट ढीली होने के कारण निकल गई थी। इसी प्रकार का बयान ज्योति के करीबी रहे मनोज ने भी दिया। उस समय कर्मचारी गीता खड़ी थी। उसे कपड़ा निकला दिखाई दिया था। मनोज का कहना था कि उसने ज्योति को अपनी जैकेट पहनाई थी। गीता का स्वेटर भी लिया गया था। थानाध्यक्ष कमाल हसन का कहना है कि चंद्रपाल की पत्नी चंद्रा का बयान पुलिस पहले ही ले चुकी है। बयान के लिए फैक्ट्री के 13 कर्मचारियों को पुलिस चिह्नित कर चुकी है। यह संख्या बढ़ सकती है। कर्मचारियों ने बताया कि घटना के बाद एक बजकर 56 मिनट पर बिजली कटी थी। पूरा घटनाक्रम दिन के उजाले में हुआ था। घटनास्थल पर चंद्रा एक बजकर 54 मिनट पर पहुंच चुकी थी।
परिजनों को सीसीटीवी देखने बुलाया गया
एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव ने बताया कि ज्योति की मौत के बाद असलियत जानने के लिए परिजनों को सीसीटीवी देखने को पुलिस ने बुलाया था लेकिन परिजन सीसीटीवी फुटेज देखने को तैयार नहीं हुए। सीसीटीवी में कई तथ्य हैं जिनका पुलिस खुलासा करेगी। अभी विवेचना के प्रत्येक बिंदुओं का सत्यापन करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुखानी थाना पुलिस ने ज्योति की मौत के मामले में शुक्रवार को तीन कर्मचारियों के बयान लिए। पूछने पर पता चला कि 23 दिसंबर को घटना के बाद चंद्रा के शोर मचाने पर फैक्ट्री के कर्मचारी चंद्रपाल, मनोज कुमार और आदेश ज्योति को टैंक से निकालने के लिए आठ फुट नीचे कूदे थे। चंद्रपाल ने पुलिस को बताया कि गहरे पानी में ज्योति का पैर पकड़ में आया था। उसका शरीर करीब ढाई फुट कीचड़ में फंसा था। ऊपर निकालते समय उसके कपड़े गर्दन में फंस गए थे। हाफ जैकेट ढीली होने के कारण निकल गई थी। इसी प्रकार का बयान ज्योति के करीबी रहे मनोज ने भी दिया। उस समय कर्मचारी गीता खड़ी थी। उसे कपड़ा निकला दिखाई दिया था। मनोज का कहना था कि उसने ज्योति को अपनी जैकेट पहनाई थी। गीता का स्वेटर भी लिया गया था। थानाध्यक्ष कमाल हसन का कहना है कि चंद्रपाल की पत्नी चंद्रा का बयान पुलिस पहले ही ले चुकी है। बयान के लिए फैक्ट्री के 13 कर्मचारियों को पुलिस चिह्नित कर चुकी है। यह संख्या बढ़ सकती है। कर्मचारियों ने बताया कि घटना के बाद एक बजकर 56 मिनट पर बिजली कटी थी। पूरा घटनाक्रम दिन के उजाले में हुआ था। घटनास्थल पर चंद्रा एक बजकर 54 मिनट पर पहुंच चुकी थी।
विज्ञापन
परिजनों को सीसीटीवी देखने बुलाया गया
एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव ने बताया कि ज्योति की मौत के बाद असलियत जानने के लिए परिजनों को सीसीटीवी देखने को पुलिस ने बुलाया था लेकिन परिजन सीसीटीवी फुटेज देखने को तैयार नहीं हुए। सीसीटीवी में कई तथ्य हैं जिनका पुलिस खुलासा करेगी। अभी विवेचना के प्रत्येक बिंदुओं का सत्यापन करेगी।
विज्ञापन